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मनोरथपुर में सात बच्चों की मौत का पूरा पैकेज

मनोरथपुर में सात बच्चों की मौत का पूरा पैकेज

जलालाबाद के मनोरथपुर सहसोवारी गांव में सात दिन में सात बच्चों की मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार बच्चे तेज जानलेवा बुखार से मरे हैं। यह बीमारी गांव में पंद्रह दिन से फैली हुई है। लगभग हर घर में बच्चे बीमार हैं। प्रधान सिपाहीलाल ने मंगलवार शाम मामले की लिखित जानकारी सीएचसी में दी, इसके बाद भी इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। हिन्दुस्तान समाचार पत्र की ओर से जब इस बच्चों की मौत को लेकर सीएमओ डा. आरपी रावत से सवाल किए गए तो हड़कंप मच गया। सीएमओ को कुछ भी पता नहीं था। हिन्दुस्तान से जानकारी मिलने के बाद सीएमओ ने गांव में टॉप डाक्टरों की टीम भेजी है जिसने बच्चों का इलाज शुरू कर दिया है। गांव के प्रधान सिपाहीलाल ने बताया कि अगस्त महीने की शुरूआत में दो बच्चे अलग-अलग दिन मरे थे। इसके बाद प्रधान कहीं बाहर चले गए। प्रधान सिपाहीलाल मंगलवार को गांव लौट कर आए तो ग्रामीणों ने उनका घेराव कर लिया। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लिखित सूचना देने के लिए प्रधान मंगलवार शाम को पहुंचे। वहां मिले डाक्टर को पत्र दिया, साथ ही उन्होंने मौखिक तौर पर गांव के हालात से अवगत कराया। इस पर डाक्टर ने उन्हें बताया कि उन्होंने एएनएम को बोल दिया था, क्या वह गांव नहीं पहुंची। इस पर प्रधान सिपाहीलाल ने बताया कि एएनएम मीरादेवी एक महीने पहले अपने पति नंदराम के साथ गांव में टीकाकरण के लिए आई थी। प्रधान ने यह भी बताया कि एएनएम को बीमारी के संबंध में उन्होंने फोन से जानकारी दी थी, तब एएनएम ने प्रधान से कहा कि जाकर बच्चों को दवा दिलवाओ, लेकिन वह गांव नहीं पहुंची। इतना सब होने के बाद भी सीएचसी के डाक्टर ने सीएमओ को मामले की जानकारी नहीं दी। सीएमओ से जब हिन्दुस्तान समाचार पत्र द्वारा बात की गई तो उन्होंने ऐसी किसी भी जानकारी से इनकार किया, लेकिन उन्होंने प्रकरण को गंभीरता से लिया और बताया कि वह तुरंत ही गांव में एक टीम भेज रहे हैं। जानकारी दिए जाने के करीब ढाई घंटे के बाद सीएमओ ने डॉक्टरों की टीम को गांव भेजा।बच्चों को बीमारी क्या है, इस बारे में सीएमओ ने कहा कि जांच की जा रही है, रिपोर्ट आने के बाद ही बताया जा सकता है। कब-कब कौन बच्चा मरा =लालाराम की बेटी दिव्यांशी उम्र 4 साल, 2 अगस्त को मरी =राकेश की बेटी अनीता उम्र 8 साल, 3 अगस्त को मरी =हरपाल का बेटा नववर्ष उम्र 3 साल, 4 अगस्त को मरा =हरपाल का बेटा रश्मिकुमार उम्र नौ साल, 4 अगस्त को मरा =पंडू की बेटी मालती उम्र 5 साल, 5 अगस्त को मरी =फूल सिंह की बेटी उपासना उम्र चार साल, 5 अगस्त को मरी =राजेश का दो साल का बेटा सोनू, 6 अगस्त को मरा ------------ कैसे मरे बच्चे =अभिभावकों ने बताया कि बच्चों को पहले गले में गिल्टी निकलती है =इलाज करने वालों ने कहा कि गिल्टी के बाद हीमोग्लोबिन कम होता है =बच्चे अपने पेट में, पैरों में जबरदस्त दर्द बताते हैं, फिर बुखार आ जाता है =ठंड भी लगती है, इसके बाद तीन से चार दिन में बच्चे की मौत हो जाती है ----------- बीमार बच्चों के नाम =मनोरथपुर में इस वक्त लगभग हर घर में बच्चा बीमार है =गांव के रामवीर का बेटा अजय कुमार बुखार से पीड़ित है =कल्लू का छह साल का बेटा राजेश कुमार बीमार पड़ा है =पप्पू के पांच साल का बेटा रविनेश को तेज बुखार है =अवधेश के पांच साल के बेटे चिंटू की हालत खराब है =अविनेश के छह साल के बेटे नानू की दशा भी खराब है ---------- प्रधान ने बताए हालात =मनोरथपुर के प्रधान सिपाहीलाल ने बताया कि गांव में बच्चे बहुत बीमार हैं =पंद्रह दिन हो गए बच्चों को बीमार हुए, एएनएम मीरा को फोन पर बताया था =एएनएम ने कहा कि जाकर बच्चों को दवा दिलाओ, सीएचसी पर नहीं बताया =सीएचसी प्रभारी से मंगलवार को मिले प्रधान, लिखित तौर पर जानकारी दी ---------- हाल ए स्वास्थ्य व्यवस्था =प्रधान द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद भी सीएचसी प्रभारी ने सीएमओ को नहीं बताया =सीएचसी में मनोरथपुर के बीमार बच्चे लगातार आ रहे थे, फिर भी ध्यान नहीं दिया गया =सीएमओ को हिन्दुस्तान समाचार पत्र की ओर से गांव के हालात से अवगत कराया गया =मंगलवार शाम ही सीएमओ रावत ने डॉक्टरों की टीम गांव भेजी, बच्चों की जांच शुरू ---------- एक से दस साल के बच्चे बीमार =जानलेवा बुखार की चपेट में मनोरथपुर गांव के एक से दस साल के अधिकांश बच्चे पीड़ित हैं =मनोरथपुर गांव में मरने वाले बच्चों में भी एक से दस साल तक की उम्र के ही बच्चे शामिल हैं =दस साल तक के ही बच्चे ज्यादा आ रहे हैं जानलेवा बुखार की चपेट में, बीमारी का पता नहीं =जिले के टॉप डाक्टरों की टीम बच्चों की बीमारी का पता लगाने की कोशिश में जुट गई है

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  • Web Title:seven children died within seven days