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डीआईओएस के आदेशों को नहीं मानते विद्यालय संचालक

मानसून सत्र के शुरू होने पर एक तरफ डीएम ने विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को संक्रामक रोग से बचाने के लिए प्रयास शुरू किया। वहीं दूसरी ओर विद्यालय के संचालक बात मानने को तैयार नहीं हैं। डीएम का फरमान आने के बाद जिविनि ने स्कूलों को पत्र जारी किया। फिर भी स्कूल संचालक अपनी पूरी मनमानी पर उतारू हैं। डीएम के सामने मामला आने पर उन्होंने नाराजगी जताई, साथ ही संक्रामक रोग से बचाने को फुल अस्तीन की शर्ट पहनने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

छह जुलाई को डीएम ने संक्रामक रोगों से बच्चों को बचाने के लिए हर विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए फुल अस्तीन की शर्ट व पैंट पहनने के लिए निर्देश जारी किए थे। यह भी कहा था कि छात्राएं फुल अस्तीन का कुर्ता व सलवार पहनकर आए। डीएम का पत्र जिविनि शैफाली प्रताप के पास आया। उन्होंने तुरन्त ही सीबीएसई, आईसीएसई, शासकीय, अशासकीय, वित्तविहीन समेत सभी बोर्डो के प्रधानाचार्या को पत्र जारी किया। जिविनि ने डीएम की मंशा के अनुसार निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन कराने पर जोर दिया। लेकिन, जिविनि के पत्र को विद्यालय संचालकों ने हल्के में लिया। देखने में आया कि विद्यालय अपने पुराने ढर्रे पर चल रहे हैं। यह मामला डीएम के पास पहुंचने पर नाराजगी जताई। ऐसे में एक बार फिर से डीआईओएस शैफाली प्रताप ने स्कूल संचालकों को दोबारा पत्र भेजा है। कहा कि निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन नहीं होने से डीएम ने नाराजगी जताई। इसलिए, छात्र-छात्राओं के हित में निर्देशों का पालन किया जाए। आने वाले समय में निरीक्षण में में आदेशों का पालन नहीं होने पर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।

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  • Web Title:School managements are not ready to accept DIOS order