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शाहजहांपुर

व्यथा कथा : पिता की मौत के बाद रोटियों के लाले, भूखे पेट सोने को मजबूर परिवार

हिन्दुस्तान टीम,शाहजहांपुरPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 03:41 AM
व्यथा कथा : पिता की मौत के बाद रोटियों के लाले, भूखे पेट सोने को मजबूर परिवार

यह दास्तान हैं, एक ऐसे परिवार की, जिसके घर का मुखिया कोरोना की भेंट चढ़ गया और पूरे परिवार के सामने रोटियों के लाले की नौबत आ गईं। पेट भरने के लिए मासूम और उसकी मां ने क्या नहीं किया। सड़क किनारे शर्ट बेची, जिस दिन कुछ बिक्री हुई। उस दिन चूल्हा जल गया। कई बार भूखे पेट पानी पीकर ही रात गुजारना पड़ गई।

मोहल्ला खिरनीबाग निवासी प्रदीप कुमार का परिवार खुशहाल था। प्रदीप टेलर थे। उनकी कमाई से गृहस्थी अच्छे से चल रही थी। एक महीने पहले प्रदीप कोरोना की चपेट में आ गए। जिला अस्पताल में अंतिम सांस ली तो उनके परिवार की कच्ची गृहस्थी बिखर गईं। पूरे परिवार पर वज्रपात टूट पड़ा। घर में खाने के लाले पड़ गए। उनकी पत्नी पिंकी ने बताया कि पति की मौत के बाद हाथ से बनाई कुछ शर्ट रखी थीं। उन शर्ट को वह और उनकी मासूम बेटी माही सक्सेना सदर बाजार में सड़क के किनारे बैठकर पूरे दिन बेचते थे। खरीदारों का इंतजार रहता था, जिस दिन कोई शर्ट बिक जाती। उस दिन उनके घर का चूल्हा जल जाता है। अब तो अक्सर पानी पीकर भूख शांत कर लेते हैं।

सोशल साइट पर वायरल हुई बिटिया की दास्तान

-मां-बेटी की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो तमाम लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाए हैं। वायरल पोस्ट को देखकर महिला कल्याण विभाग की जिला समन्वयक अमृता दीक्षित माही सक्सेना के घर पर पहुंचीं। माही, उसकी मां, दादा-दादी से जानकारी जुटाई। माही से उसकी पढ़ाई के बारे में जाना। उसने बताया कि वह आर्य कन्या इंटर कॉलेज में कक्षा 6 में पढ़ती थी। कोरोना के चलते स्कूल बंद था।

सरकारी मदद का भरोसा दिलाया

जिला समन्वयक अमृता दीक्षित ने बताया कि उन्होंने बेटी का रजिस्ट्रेशन मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में कराए जाने के लिए प्रपत्र जमा कराए, साथ ही मां पिंकी के लिए विधवा पेंशन व पारिवारिक लाभ के लिए फार्म भरवाकर हर संभव सरकारी मदद का भरोसा दिलाया।

फ्री कोचिंग देंगे फैसल

-इब्तिदा सोसाइटी के मंडलीय पदाधिकारी फैसल रियाज, रेहान और इमरान ने प्रदीप कुमार के घर पर पहुंचकर मदद का वादा किया। फैसल रियाज ने माही को फ्री कोचिंग देने निर्णय लिया।

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