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 विश्व मधुमेह दिवस:: हर तीसरा शहरी वयस्क डायबिटीज के खतरे में, समय पर जांच जरूरी

विश्व मधुमेह दिवस:: हर तीसरा शहरी वयस्क डायबिटीज के खतरे में, समय पर जांच जरूरी

संक्षेप: Shahjahnpur News - फोटो 01 से तीन: तीन सिंगल तस्वीरें।फोटो04: मेडिकल कॉलेज में शुगर की जांच लिखते डॉक्टर।शाहजहांपुर, वरिष्ठ संवाददाता। जनपद में शुगर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकारी और निजी अस्पतालों में...

Thu, 13 Nov 2025 02:50 PMNewswrap हिन्दुस्तान, शाहजहांपुर
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फोटो 01 से तीन: तीन सिंगल तस्वीरें। फोटो04: मेडिकल कॉलेज में शुगर की जांच लिखते डॉक्टर। शाहजहांपुर, वरिष्ठ संवाददाता। जनपद में शुगर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकारी और निजी अस्पतालों में रोजाना एक हजार से अधिक लोग जांच कराने पहुंच रहे हैं, मगर सबसे चिंताजनक बात यह है कि आधे से ज्यादा लोग तब जांच कराते हैं जब बीमारी बढ़ चुकी होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि हर तीसरा शहरी व्यस्क डायबिटीज से जूझ रहा है। खानपान में अनियमितता और शारीरिक निष्क्रियता सबसे बड़ी वजह है। सीएमओ डॉ. विवेक मिश्रा ने बताया कि जिले में करीब 20 प्रतिशत वयस्क किसी न किसी रूप में मधुमेह से प्रभावित हैं।

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रोजान जिला अस्पताल में औसतन 150 मरीज शुगर जांच के लिए आते हैं। ग्रामीण इलाकों में भी तेजी से केस बढ़ रहे हैं। मिश्रा ने बताया कि विश्व मधुमेह दिवस पर शुक्रवार को जनपद की 42 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, 15 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेज में नि:शुल्क जांच की व्यवस्था की गई है। मरीज ओपीडी समय में पहुंचकर जांच और परामर्श का लाभ उठा सकते हैं। इसका उद्देश्य समय रहते डायबिटीज की पहचान और नियंत्रण करना है। शहर के मशहूर चिकित्सक डॉ. वीपी सिंह के अनुसार 20 से 40 वर्ष की उम्र के लोग अब नए मरीजों में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादा प्यास लगे, ज्यादा भूख लगे, ज्यादा पेशाब लगे, थकावट हो तो तत्काल शुगर जांच करानी होगी। एचबीए-1सी जांच जरूरी है। यह साढ़े छह प्रतिशत से ज्यादा है और खाली पेट शुगर 126 से अधिक या रैंडम शुगर 200 से ज्यादा हो। तो आपको डॉक्टर से इलाज शुरू कराना चाहिए। डॉ. सिंह के अनुसार डायबिटीज दो प्रकार के होते हैं। टाइप वन बच्चों में होती है। इसमें पैंक्रियांज बीटासेल नष्ट हो जाता है तो इंसुलिन बननी बंद हो जाती है। अगर सौ बच्चों की बात करें तो दो प्रतिशत अधिकतम है। टाइप टू ओल्ड एज में होता है। इसमें इंसुलीन बनता है लेकिन वह रजिस्टेंस हो जाती है। प्रॉपर काम नहीं करता है। इस कारण मधुमेह बढ़ रहा है। ------------- अनियमित जीवन मधुमेह को दे रहा बढ़ावा: डॉ.विवेक मिश्रा फोटो 02: सीएमओ डॉ.विवेक मिश्रा। सीएमओ डॉ.विवेक मिश्रा ने कहा के अनियमित जीवन मधुमेह को बढ़ावा दे रहा है। लोग व्यायाम नहीं कर रहे हैं। मानसिक तनाव ले रहे हैं। फास्टफूड का खूब सेवन कर रहे हैं। नींद पूरी नहीं कर रहे हैं। मोबाइल स्क्रीन टाइम ज्यादा है। इससे शरीर रिलैक्स नहीं हो पा रहा और मधुमेह का खतरा बढ़ा है। ------------ आज लोग भूल गए हैं साइकिल चलना: डॉ.राकेश मेहरोत्रा फोटो 01:आईएमए प्रेसिडेंट डॉ. राकेश मेहरोत्रा मधुमेह नियंत्रण पर काम कर रहे आईएमए प्रेसिडेंट डॉ. राकेश मेहरोत्रा ने कहा कि एक बार फिर साइकिल चलानी होगी। पैक्स खाद्य सामग्री को नो कहना होगा। पैक्स खाद्य सामग्री में 85 प्रतिशत ऐसे हैं जिनमें किसी न किसी तरह से शुगर है। हर पांच में से एक व्यक्ति मधुमेह से पीड़ित है --------- मीठा छोड़ बदली जिंदगी, अब टहलना संकल्प: राकेश आनंद फोटो 03: अधिवक्ता राकेश कुमार आनंद अधिवक्ता राकेश कुमार आनंद को दस साल पहले जब डॉक्टर ने बताया कि शुगर है, तो डर गए। दवा लेनी शुरू की, लेकिन उससे पूरी तरह राहत नहीं मिली। अब रोज सुबह टहलना शुरू किया। नियमित व्यायाम और कभी कभार साइकिल चलाते हैं। दिनचर्या बदलकर बीमारी पर काबू पा रहे हैं। ----------- शुगर कंट्रोल के पांच मंत्र -सुबह की सैर -कम नमक-चीनी -तनाव नियंत्रण -नींद पूरी -समय पर जांच