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साधकों ने नियमित योगमय जीवन जीने का लिया संकल्प

साधकों ने नियमित योगमय जीवन जीने का लिया संकल्प

योग विज्ञान संस्थान के तनाव उन्मूलन और व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का बुधवार को समापन हो गया। संकल्प संस्था के सहयोग से चल रही कार्यशाला के प्रतिभागियों ने नियमित योगमय जीवन जीने का संकल्प लिया। कार्यशाला में जिला प्रधान डा. अवधेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि तनाव मुक्त होना ही व्यक्तित्व विकास की प्रारंभिक सीढ़ी है। वर्तमान में तनाव व्यक्ति की कार्यदक्षता को कम कर रहा है। लोग हिसंक और क्रोधी बन रहे हैं। जिससे आत्महत्या की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी भी आपाधापी और काम के बढ़ते बोझ के कारण तनाव की चपेट में आने लगे हैं। व्यथित मन और थकित तन अनेक शारीरिक व मानसिक बीमारियों को न्योता दे रहा है। उन्होंने कहा कि जीवन जीने के तरीके को बदलाव लाना होगा। आहार विहार को संतुलित और सयंमित करने और रोजाना सुबह एक घंटा योग व साधना को देना चाहिए। जिला उपाध्यक्ष रामनिवास अग्निहोत्री ने कहा कि आसन, प्राणायाम, धारणा और ध्यान का अभ्यास शरीर को रोगमुक्त कर मन को शांत करता है। इस मौके पर संगठन मंत्री जीसी मिश्रा, कवयित्री सरिता वाजपेई, अशोक मिश्रा, कमलेश गुप्ता, ऊषा शर्मा, गीता पांडेय, अजय गुप्ता, तेजवीर, पदमा गुप्ता आदि मौजूद रहीं।

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  • Web Title:Researchers seek to live a regular yogic life