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8 अगस्त, 2020|4:46|IST

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राखी और मिठाई की दुकानें खुलीं, पर सन्नाटा रहा

राखी और मिठाई की दुकानें खुलीं, पर सन्नाटा रहा

55 घंटे के लाकडाउन के दौरान शासन से मिली अनुमति के बाद रविवार को राखी और मिठाई की दुकान खोली गई। दुकानें खुली होने के बावजूद ग्राहक नदारद थे। पूरे दिन दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा। ग्राहकों के न आने से दुकानदार भी जल्दी शाम में दुकानें बंद कर घरों को निकल गए।रक्षाबंधन के पर्व को देखते हुए व्यापारियों ने शनिवार और रविवार को राखी की दुकानें खोलने की अनुमति मांगी थी। यह मांग तेजी हुई तो जिला स्तर से प्रदेश तक बात पहुंची। जिस पर शनिवार देर रात डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने शासनादेश का हवाला देते हुए रविवार को सिर्फ राखी और मिठाई की दुकानें खोलने वाला पत्र जारी किया। जिससे त्योहार की तैयारी हो जाए। दिन में सुबह नौ बजे ही राखी और मिठाई की दुकानों को खोल दिया गया। शेष दुकानों को खोलने की इजाजत नहीं थी। इस दौरान खरीदार पूरी तरह से गायब रहे। दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा। दुकानदार ग्राहकों के इंतजार में टकटकी लगाए रहे।

-गांव-देहात के खरीदार न आए-

लगातार कोरोना के केसों में इजाफा होने के चलते शहर के लोगों ने सड़कों का रुख नहीं किया। वह घरों में लाकडाउन मनाते रहे। जिसके चलते सड़कें सूनी रहीं। वहीं दूसरी तरफ गांव-देहात के लोग भी नहीं आए। अधिकतर ने सोमवार को राखी और मिठाई खरीदने का प्लान बना लिया।

रोडवेज पर भी पसरा रहा सन्नाटा

=त्योहार से एक दिन पहले भी रौनक नजर नहीं आई। पहले की तरह रक्षाबंधन पर वह उत्साह नजर नहीं आया। रोडवेज बस अड्डे पर भीड़ गायब नजर आई। चालकों को रोडवेज बस के लिए सवारियां तक नहीं जुटी। जिसके चलते उन्हें काफी कम सवारियां लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना होना पड़ा।

नमकीन तक खरीदने वाले न मिले

=शहर में कुछ स्थानों पर राखी के साथ मिठाई और नमकीन की दुकानें खुली पाई गई। नमकीन की दुकानों तक पर खरीदार नहीं पहुंची। सभी दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा।

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  • Web Title:Rakhi and sweet shops opened but kept quiet