Shahjahnpur News: इज्जतघर में कदम रखते ही बदबू से सांस लेना मुश्किल
Shahjahnpur News: शाहजहांपुर में नगर निगम के सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति अत्यंत खराब है। शहर के 70 फीसदी से अधिक शौचालयों में सफाई नहीं हो रही है, पानी की व्यवस्था नहीं है, और कुछ में दरवाजे की भी कमी है। स्थानीय लोग मजबूरी में गंदे शौचालयों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे स्वच्छता व्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है।

Shahjahnpur News: शाहजहांपुर। शहर में स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं के दावों के बीच नगर निगम के सार्वजनिक शौचालयों की हालत लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। निगम की ओर से इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। एसपी कॉलेज रोड, कचहरी के पास, खिरनीबाग चौराहा समेत शहर के विभिन्न इलाकों में बने सार्वजनिक शौचालय बदहाली का शिकार हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार शहर के 70 फीसदी से अधिक सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति खराब है। कई जगह नियमित सफाई नहीं होती, पानी की व्यवस्था नहीं है और कुछ शौचालयों में दरवाजे तक नहीं हैं। सार्वजनिक शौचालयों के बाहर नगर निगम के बोर्ड लगे हैं, लेकिन अंदर की स्थिति देखकर व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। गंदगी, बदबू और लंबे समय से सफाई न होने के कारण शौचालयों में प्रवेश करना तक मुश्किल हो जाता है। कई जगह फर्श और दीवारों पर गंदगी जमी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शौचालय का इस्तेमाल करने के लिए मजबूरी में अंदर जाना पड़ता है, लेकिन कुछ देर रुकना भी मुश्किल हो जाता है。
कई-कई दिन नहीं होती सफाई
लोगों के मुताबिक सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई नहीं की जाती। कई-कई दिन तक सफाई कर्मचारी दिखाई नहीं देते। पानी की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। ऐसे में शौचालयों की गंदगी और बदबू लगातार बढ़ती जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी बाजारों में आने वाले लोगों, दुकानदारों, महिलाओं, बुजुर्गों और राहगीरों को होती है।
दरवाजे नहीं, महिलाओं के लिए बढ़ी परेशानी
कुछ सार्वजनिक शौचालयों में दरवाजे तक नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसी स्थिति में महिलाओं के लिए इनका इस्तेमाल करना और भी मुश्किल हो जाता है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक शौचालयों का उद्देश्य लोगों को खुले में शौच या पेशाब करने से रोकना है, लेकिन जब शौचालय ही उपयोग के लायक नहीं होंगे तो लोग मजबूरी में इधर-उधर जाने को मजबूर होंगे।
मजबूरी में खुले में जाने को मजबूर
शहर में सार्वजनिक शौचालयों की खराब स्थिति का असर सीधे स्वच्छता व्यवस्था पर पड़ रहा है। जरूरत के समय शौचालय न मिलने या इस्तेमाल के लायक न होने पर लोगों को खुले स्थान तलाशने पड़ते हैं। इससे आसपास गंदगी फैलने के साथ बाजार और सार्वजनिक स्थानों का माहौल भी खराब होता है। लोगों का कहना है कि नगर निगम को केवल शौचालय बनवाने के बजाय उनके नियमित रखरखाव, सफाई और पानी की व्यवस्था पर भी ध्यान देना चाहिए।


