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4 अक्तूबर, 2020|1:57|IST

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बिजनेस के लिए व्यवहारिक तौर पर करनी होती है तपस्या

बिजनेस के लिए व्यवहारिक तौर पर करनी होती है तपस्या

कोई भी बिजनेस यूं ही नहीं चलता और बढ़ता है। उसके लिए भी व्यवहारिक तौर पर कठिन तपस्या करनी होती है। बिजनेस के पांच मूल मंत्र हैं, जिनके पालन से ही बिजनेस आगे बढ़ता है। यह बातें स्टार्टअप करने वालों को समझाईं गईं। ग्रामोद्योग विभाग द्वारा ग्रामीण उद्यमियों के लिए पिपरौला में चलाए जा रहे दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में व्यापारिक क्षेत्र में सफल होने के लिए एकाग्रता, विश्वास, जुनून व धैर्य को जरूरी बताया गया। प्रशिक्षकों ने ग्रामीण क्षेत्र मे आत्मनिर्भर बन युवाओं को रोजगार देने प्रति भी के लिए प्रेरित किया।

पिपरौला में चल रहे प्रशिक्षण शिविर के चौथे दिन बुधवार को प्राचार्य श्रेयश तिवारी ने कहा कि सामने आकर व्यापार करने से ही सफल हो सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में उद्योग लगाने के बाद उसकी सही तरीके से मार्केटिंग न कर पाने अधिकांश उद्यमी शुरूआती दिनों में फेल हो जाते हैं, जो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि उद्योग के दौरान पांच मंत्रों को लेकर चलना है तो कभी भी असफलता हाथ नहीं लगेगी। जिसकी जानकारी देते हुए प्रशिक्षक अवनीश अवस्थी ने बताया कि पहला मंत्र एकाग्रता है। किसी काम को एकाग्रता के साथ सपने को साकार करना है, लक्ष्य से भटकना नहीं है। दूसरा विश्वास है। उन्होंने बताया कि बाजार में सामान नहीं विश्वास बिकता है। एक बार आपने क्षेत्र में विश्वास कायम कर लिया तो आप कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखेंगे। तीसरा जुनून के बारे में बताया कि काम के प्रति जुनून होना चाहिए। चौथा धैर्य जरूरी है। जल्दबाजी में मिली सफलता टिकाऊ नहीं होती है, अब धैर्य से काम लें। आखिरी मंत्र उन्होंने लगातार सीखने की आदत बताया । उन्होंने कहा कि अपने को हमेशा अपडेट रखना चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान ग्राहकों से अच्छा व्यवहार, लोगों की समस्याएं सुनकर उनसे जुड़ने का प्रयास, धंधे के साथ ईमानदारी तथा काम में समय का पाबंद होना चाहिए।

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ज्ञानश्री के उद्यम से मिला छह लोगों को रोजगार

--निगोही से आईं उद्यमी ज्ञानश्री ने बताया कि पहले वह एक सिलाई मशीन से काम करती थीं। खादी ग्रामोद्योग से फाइल स्वीकृत कराकर बैंक से तीन लाख रुपये का लोन लेकर छह सिलाई मशीनें ली। अब कई लोगों को काम दिया है। स्कूलों में ड्रेस के व अन्य आर्डर मिलने लगे हैं।

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काम दामोदर ने शुरू किया, रोजगार औरों को मिला

--पलिया से आए दामोदर वर्मा ने बताया कि अभी तक वह गांव में खाले थे। ग्रामोद्योग द्वारा मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण लिया, अब बैंक से लोन लेकर मोमबत्ती बनाने का काम कर रहे हैं। छह लोगों को रोजगार भी दिया है। काम भी बढ़िया चल रहा है।

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शमशुल के बक्सा कारखाने में 25 को मिला काम

-निगोही के शमशुल ने ग्रामाद्योग की सहायता से बक्से बनाने का काम शुरू किया है। बैंक की सहायता से निगोही में नंबर एक में काम चल रहा है। 25 लोगों को रोजगार दिया है। शमशुल के साथ अन्य परिवारों की भी रोजी रोटी चल रही है।

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खांडसारी उद्योग लगाया, दूसरों को काम दिया

-बंडा से आए रामवीर की ग्रामोद्योग द्वारा खांडसारी उद्योग की फाइल मंजूर की गई। बैंक द्वारा आठ लाख रुपये का लोन दिया गया। गांव के कई लोगों को रोजगार मिला और जबरदस्त काम चल रहा है। राब व गुड़ अच्छी क्वालिटी की बनाकर हाथों हाथ बिक जाती है।

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  • Web Title:Practical austerity has to be done for business