DA Image
21 जनवरी, 2020|11:57|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अब नॉन सीबीएस खाताधारकों को भी मिलेगा कर्जमाफी का लाभ

अब नॉन सीबीएस खाताधारकों को भी मिलेगा कर्जमाफी का लाभ

नॉन सीबीएस खाताधारक होने के कारण प्रदेश सरकार की कृषि कर्ज माफी योजना के लाभ वंचित लोगों के लिए अच्छी खबर है। ऐसे खाताधारकों की खाता संख्या को सही करा लिया गया है, जिसके बाद उनके खातों में भी कर्जमाफी की धनराशि जल्द ही भेज दी जाएगी। इसके साथ ही फिल्टर लगने से बाहर हुए किसानों को भी लाभ मिलेगा।

प्रदेश सरकार ने लघु एवं सीमांत किसानों का एक लाख रुपये तक का कृषि लोन माफ करने के लिए योजना चलाई थी। इस योजना से शाहजहांपुर के लाखों किसानों को लाभ मिल चुका है, लेकिन कुछ किसान ऐसे थे, जिनके खाते नॉन सीबीएस होने के कारण उन्हें कर्ज माफी योजना का लाभ नहीं मिल सका था, जिनकी शिकायतों का संज्ञान लेकर शासन ने ऐसे खातों को डीएलसी लेवल पर सही कराने के निर्देश दिए, जिसके बाद ऐसे सभी खातों को रजिस्टर बनाकर सही कराया गया है, जिसमें किसानों का पूरा खाता नंबर डाल दिया गया है। ऐसे करीब 1000 किसान हैं, जिनके खातों में जल्द ही कर्जमाफी का रुपया पहुंच जाएगा।

क्या हैं नॉन सीबीएस खाता

ऐसे खाते जिनके नंबर बटे में अंकित होते हैं, उनको नॉन सीबीएस खाता कहा जाता है। उदाहरण के तौर पर खाता संख्या 5/1808 को नॉन सीबीएस खाता कहा जाएगा। वर्तमान में सभी बैंक में सीबीएस प्रणाली संचालित हो रही है, जिसमें आठ से 15 डिजिट की खाता संख्या जारी की जाती है। कर्जमाफी योजना में इन्हीं नॉन सीबीएस खातों को डीएलसी लेबल पर रजिस्टर बनाकर सीबीएस खातों में बदला गया है।

अकाउंट नंबर डालते ही आ जाता है ब्यौरा

जिला कृषि अधिकारी डॉ सतीश चंद्र पाठक ने बताया कि सिस्टम में खाता नंबर डालते ही किसान का नाम के साथ सारा ब्यौरा सामने आ जाता है। उसको डीएलसी लेबल पर सत्यापित कर शासन को भेज दिया गया है। इस तरह के जो खाते हैं, वे सब ठीक कर दिए गए हैं। जल्द ही उनके खातों में धनराशि भेज दी जाएगी। 29 दिसंबर तक यह काम करना था, जिसे यहां पहले ही पूरा कर लिया गया है।

जिला स्तर पर निस्तारित होगी फिल्टर की समस्या

पात्रता की श्रेणी में आने के बाद भी फिल्टर लगने से बाहर होने वाले किसानों को भी कर्जमाफी का लाभ नहीं मिल सका था। इसमें यह सामने आया था कि किसी आदमी ने बंडा से लोन ले लिया था, उसी ने दूसरी राष्ट्रीयकृत बैंक से भी लोन ले लिया। सरकार ने एक लाख तक का लोन माफ करने की सुविधा दी थी। जब उसका नाम सर्च किया गया, तो सिस्टम में दो जगह लोन पकड़ में आया। ऐसे करीब 300 से 400 लोग फिल्टर लगने से बाहर हो गए थे। डीएओ के मुताबिक, उनका फिजिकल सत्यापन करा लिया गया है। जिला स्तर पर सारी शिकायतों को ऑफलाइन दर्ज किया है। शासनादेश आते ही उन्हें माफी का लाभ दिया जाएगा।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title: Non-CBS account holders will now get benefit of debt waiver