
लीड.... हि-पड़ताल::: शहरी स्वास्थ्य केंद्रों पर देरी से आते हैं डॉक्टर, मरीज परेशान
Shahjahnpur News - सबहेड: विभागीय लापरवाही से मरीजों को नहीं मिल पा रहा समुचित इलाज, सैय्यदबाड़ा स्वास्थ्य केंद्र पर स्टाफ भी कमफोटो नंबर-10 - शहरी स्वास्थ्य केंद्र कुंवरगंज में डॉक्टर की खाली पड़ी कुर्सी।फोटो नंबर11-...
सबहेड: विभागीय लापरवाही से मरीजों को नहीं मिल पा रहा समुचित इलाज, सैय्यदबाड़ा स्वास्थ्य केंद्र पर स्टाफ भी कम फोटो नंबर-10 - शहरी स्वास्थ्य केंद्र कुंवरगंज में डॉक्टर की खाली पड़ी कुर्सी। फोटो नंबर11- शहरी स्वास्थ्य केंद्र सैय्यदबाड़ा में 11 बजे के बाद भी नहीं पहुंचे डॉक्टर और स्टाफ। फोटो नंबर12- शहरी स्वास्थ्य केंद्र सैय्यदबाड़ा मे अस्पताल के गेट पर बोर्ड तक नहीं लगा। फोटो 13: : दवा काउंटर पर कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं। तिलहर, संवाददाता। लोगों को अच्छा एवं कम दूरी पर इलाज मुहैया कराने के लिए शासन के द्वारा नगर में दो शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए।

इन केंद्रों पर डॉक्टर के देरी से आने एवं स्टाफ कम होने की वजह से मरीजों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा नहीं मिल पा रहे हैं, जिस कारण इन केंद्रों पर मरीजों की संख्या न के बराबर पहुंचती है। नगर में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टाउन हॉल रोड कुंवरगंज तथा दूसरा केंद्र सैय्यदबाड़ा मोहल्ले में कई वर्षों से संचालित है। इसके बावजूद आस पड़ोस के लोगों को भी इन केंद्रों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। कुंवरगंज मोहल्ले में स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर 10:50 बजे तक डॉक्टर अनुराग गुप्ता मौजूद नहीं मिले। उधर दूसरी तरफ सैय्यदबाड़ा मोहल्ले में स्वास्थ्य केंद्र पर 11:12 बजे एक सहयोगी स्वास्थ्य केंद्र की केवल झाड़ू पोछा करती हुई मिली और केंद्र पर कोई भी स्टाफ नहीं था। आस-पड़ोस के लोगों ने बताया कि यहां के डॉक्टर पवन वर्मा कभी-कभी आते हैं तथा फार्मासिस्ट मोहम्मद आरिफ केंद्र पर आते तो है लेकिन उनका कोई समय नहीं है। शासन के तमाम प्रयासों के बावजूद भी विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से इन स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीज को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है जिसका ही नतीजा है कि नगर की सीएचसी पर हजारों की संख्या में प्रतिदिन मरीज पहुंचते हैं। सैय्यदबाड़ा स्वास्थ्य केंद्र की पड़ोसियों तक को नहीं है जानकारी लोगों को पड़ोस में ही अच्छा इलाज देने के लिए शासन के द्वारा जुलाई 2024 को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सैय्यदबाड़ा को संचालित किया गया था। स्वास्थ्य केंद्र एक घर में किराए पर चल रहा है जिसके बाहर स्वास्थ्य केंद्र का बोर्ड तक लगवाना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उचित नहीं समझा। जिसका ही नतीजा है कि आस-पड़ोस के लोगों को भी इस स्वास्थ्य केंद्र की कोई जानकारी नहीं है। पड़ोस में रहने वाले कुछ लोग तो इसे टीकाकरण केंद्र तथा कुछ लोग आंगनबाड़ी केंद्र जानते हैं। प्रचार का अभाव, यहां केंद्रों पर नहीं पहुंचते हैं मरीज शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का प्रचार प्रसार नहीं होने के कारण तथा समय से डॉक्टर के नहीं बैठने के कारण इन केंद्रों से मरीजों का विश्वास उठ गया। जिस कारण अधिकांश मरीज सीएचसी पर ही इलाज के लिए पहुंचते हैं। कम मरीजों के आने के कारण कुंवरगंज स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिदिन लगभग 35 तथा सैय्यदबाड़ा स्वास्थ्य केंद्र पर 25 मरीजों की ओपीडी होती है। चर्चा है कि इनमें से भी कुछ मरीजों की संख्या स्वयं बढ़ा दी जाती है। सैय्यदबाड़ा स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त नहीं है स्टाफ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक डॉक्टर, एक स्टाफ नर्स, दो सपोर्ट स्टाफ नर्स, एक एलटी, एक फार्मासिस्ट व दो एनएम की तैनाती शासन स्तर से की गई है। इसमें से कुंवरगंज केंद्र पर पूरा स्टाफ मौजूद है लेकिन सैय्यदबाड़ा स्वास्थ्य केंद्र पर स्टाफ नर्स, एक सपोर्ट स्टाफ नर्स तथा एक एलटी की तैनाती नहीं हुई है जिस कारण भी स्वास्थ्य विभाग के कार्य प्रभावित होते हैं। ---------- स्वास्थ्य केंद्र पर कर्मचारियों की कमी पूरा करने के लिए लगातार अधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। यदि समय से डॉक्टर स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं आ रहे हैं तो निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी। प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। -डा. ओमेंद्र राठौर, चिकित्साधीक्षक।

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