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बेटी के जन्म पर चिंता नहीं, अब सरकार उसके साथ : खन्ना

बेटी के जन्म पर चिंता नहीं, अब सरकार उसके साथ : खन्ना

संक्षेप:

Shahjahnpur News - मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शाहजहांपुर में 178 जोड़ो का विवाह रविवार को ओसीएफ रामलीला मैदान में संपन्न हुआ। इसमें 138 हिंदू और 40 मुस्लिम जोड़ो ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार शादी की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुरेश खन्ना ने नवविवाहितों को आशीर्वाद दिया और सरकार की योजनाओं की जानकारी साझा की।

Nov 24, 2025 02:36 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, शाहजहांपुर
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शाहजहांपुर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत रविवार को ओसीएफ रामलीला मैदान खुशियों से सराबोर रहा। यहां जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए कुल 178 जोड़ो का विवाह संपन्न कराया गया जिसमें 138 हिंदू एवं 40 मुस्लिम जोड़ो का विवाह संपन्न धार्मिक मान्यताओं के अनुसार संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और सरकार की ओर से मिलने वाले लाभों की जानकारी साझा की। फैक्ट्री स्टेट रामलीला मैदान में आयोजित यह भव्य कार्यक्रम सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में रखा गया। उन्होंने फीता काटकर और भगवान गणेश के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह की शुरुआत की।

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इसके साथ ही पूरे पंडाल में मंगलगीतों और शहनाई की धुनों ने माहौल को आध्यात्मिक और उत्साहपूर्ण बना दिया। समारोह के दौरान जोड़ों ने परंपरागत विधि-विधान के अनुसार शादी की रस्में निभाईं। हिंदू जोड़ों की सात फेरों की रस्में पूरी कराई गईं, वहीं मुस्लिम जोड़ों का काजी द्वारा निकाह पढ़वाया गया। सुरेश खन्ना ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रदेश में बेहद लोकप्रिय हो चुकी है। समाज में लड़कियों को लेकर सोच बदलने के लिए सरकार ने कई जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं। उन्होंने कहा कि पहले बेटी पैदा होने पर समाज के लोग मुंह बना लेते थे, लेकिन सरकार ने यह सोच बदल दी। आज बेटी बोझ नहीं, बल्कि परिवार की शान है। सामूहिक विवाह योजना में दिए जाने वाले 25 हजार रुपये के उपहार में पैंट-शर्ट, साड़ी, एक जोड़ी पायल-बिछिया, सेहरा, पगड़ी, ट्रॉली बैग, डिनर सेट, वाटर कूलर, कंबल, सीलिंग फैन सहित 27 आवश्यक वस्तुएं शामिल रहती हैं। सांसद अरुण सागर ने कहा कि पहले जब बेटियां पैदा होती थीं तो परिवार परेशान हो जाता था कि आखिर कैसे बेटी को पढाएंगे और उसकी शादी करेंगे। लेकिन मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह योजना ऐसी है जिसने उन सभी परिवारों की परेशानियों को दूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि एक शादी के लिए सरकार एक लाख रुपये दे रही है। बेटियों की पूरे सम्मान के साथ शादियां कराई जा रही हैं। एमएलसी डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा कि योजना का लाभ सबसे अधिक जरूरतमंद लोगों को मिल रहा है, जिसके कारण यह कार्यक्रम अत्यंत सफल सिद्ध हुआ है। जिला पंचायत अध्यक्ष ममता यादव ने नवदंपतियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार की यह पहल सामाजिक समरसता और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ने सभी नवदंपतियों को उपहार भेंट किए और उनके सुखी जीवन की कामना की। सीडीओ ने कहा, प्रत्येक जोड़े पर एक लाख का खर्च सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार प्रत्येक जोड़े पर एक लाख रुपये खर्च करती है। इसमें 60 हजार रुपये वधू के बैंक खाते में भेजे जाते हैं। 25 हजार रुपये की राशि घरेलू सामान के रूप में दी जाती है। 15 हजार रुपये अन्य व्यवस्थाओं एवं आयोजन पर खर्च होते हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना ने गरीब परिवारों की बड़ी चिंता दूर की है और बिना किसी बोझ के विवाह संपन्न करा पाने में उन्हें सहायता मिली है। अब तक जिले में 8661 जोड़ों की शादी हो चुकी सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह ने बताया कि अब तक शाहजहांपुर जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 8661 जोड़े शादी के बंधन में बंध चुके हैं। अकेले सदर विधानसभा में यह संख्या 2035 तक पहुंच चुकी है। समारोह में पहुंचे सांसद अरुण कुमार सागर ने कहा कि गरीब परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि सरकार हर जोड़े पर एक लाख रुपये खर्च कर उनकी शादी को सम्मानजनक बनाने का काम कर रही है। बायोमेट्रिक सत्यापन में लगी रही लंबी लाइन इस बार विवाह कार्यक्रम में आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया था। यह कदम पिछली बार आई कुछ गड़बड़ी की शिकायतों के बाद उठाया गया। बायोमेट्रिक मशीनों पर सत्यापन के लिए लंबी लाइनें देखने को मिलीं। कुछ लोगों को फिंगर स्कैन में समस्या आई, जिसके चलते प्रक्रिया धीमी रही। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए दो स्थानों पर मशीनों की व्यवस्था की थी ताकि कार्य सुचारू रूप से चल सके। मौके पर सदर कोतवाल बृजेश सिंह भी पूरे समय व्यवस्थाओं की निगरानी में तैनात रहे।