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गले लगकर बच्चे रोए तो मैडम की भर आईं आंखें

गले लगकर बच्चे रोए तो मैडम की भर आईं आंखें

भावलखेड़ा विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय जमालपुर की शिक्षामित्र ऋचा त्रिपाठी ने 2015 में स्कूल को ज्वाइन किया था। कम समय में उनकी रिश्ते की डोर बच्चों से काफी मजबूत हो गई। बच्चों से भावानात्मक तरीके से जुड़ी शिक्षामित्र ऋचा को शिक्षक भर्ती में नौकरी मिल गईं। बुधवार को उनको विदाई दी गई। उनके स्कूल से जाने की खबर से बच्चों के आंसू निकल आए। वह मैडम के गले लगकर खूब रोए। बच्चों के आंसू देखकर मैडम भी भावुक हो गई। चलते समय कह गई कि मन लगाकर पढ़ना। प्राथमिक विद्यालय जमालपुर की जिले में अपनी अलग पहचान है। प्रधानाध्यापक अभिषेक दीक्षित के नेतृत्व वाली शिक्षकों की टीम ने बेसिक के स्कूल को कांवेंट को टक्कर देने वाला बना दिया। इस टीम की अहम कड़ी थीं ऋचा त्रिपाठी। तीन साल पहले ही शिक्षामित्र के रूप में ज्वाइन किया। अब 68500 शिक्षक भर्ती में उनकी किस्मत ने साथ दिया और नौकरी पा गई। काउंसलिंग में उन्हें कुछ दूर स्थित प्राथमिक विद्यालय नौगवां मिला है। ऋचा के दूसरे विद्यालय ज्वाइन करने से पहले बुधवार को इंटरवल के समय बच्चों को जानकारी दी गई। अपनी फेवरेट टीचर के जाने की बात सुनकर बच्चों में उदासी छा गई। चहकने वाले छात्र-छात्राओं के चेहरों पर मायूसी छा गई। छुट्टी के समय विदाई पार्टी का आयोजन हुआ। विद्यालय स्टाफ ने ऋचा को उपहार दिया। जब बच्चों की बारी आई तो सभी की आंखों में आंसू थे। छात्राएं रो पड़ी, बालकों की पलकें भी गीली हो गईं। भावुक हुए बच्चे घर जाने को तैयार नहीं थे। उनकी छुट्टी कर दी गई, तब भी कुछ छात्राएं खड़ी रहीं। वह टीचर के गले लगकर खूब रोईं। बोलीं कि आपको नहीं जाने देंगे। उनको रोता देखकर मैडम की आंखें भी नम हो गईं। ऋचा ने उन्हें समझाया कि वह विद्यालय छोड़कर नहीं रहीं, वह आती-जाती रहेंगी। बमुश्किल समझाकर बच्चों को घर भेजा गया।

भावानात्मक तरीके से बच्चों से जुड़ी थी ऋचा : नन्हे पंख-ऊंची उड़ान के स्लोगन पर काम कर रहे प्राथमिक विद्यालय जमालपुर में सात लोगों का स्टाफ है। सहायक अध्यापक मयंक पांडेय प्रशासक, प्रियंका गोस्वामी अनुशासन इंचार्ज, प्रीति तोमर सांस्कृतिक, स्वीटी असेंबली इंचार्ज, राजेश्वरी वर्मा प्राक्टर हैं। वहीं शिक्षामित्र ऋचा त्रिपाठी को एकेडमिक इंचार्ज बना रखा था। ऋचा पूरे विद्यालय की कक्षाओं को मैनेज करती थीं। बच्चों के काफी करीब रहकर उनकी समस्याओं का हल निकालती थी। इसलिए, बच्चे भी खूब उनसे हिल-मिल गए थे। यहीं वजह था कि उनके विद्यालय से जाने की खबर से बच्चे खूब रोए।

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  • Web Title: Madam s eyes were filled with hugs when the children cried