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कर्मचारियों की हड़ताल से बैंकों में पड़े ताले

कर्मचारियों की हड़ताल से बैंकों में पड़े ताले

इंडियन बैंक एसोसिएशन की ओर से वेतन में सिर्फ दो प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के खिलाफ बैंककर्मी बुधवार को दो दिन की हड़ताल पर चले गए। जिले की 20 बैंकों की दो सौ से ज्यादा शाखाओं के करीब एक हजार कर्मचारी हड़ताल पर हैं। जिससे चेक क्लीयरिंग समेत सभी तरह की बैंकिंग सेवाएं पूरी से बाधित हो गई और गुरुवार को यही स्थिति रहेगी। दो दिनों तक बैंकों की हड़ताल की वजह से 150 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन लॉस होने की संभावना है।यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आवाहन पर सुबह छह बजे से ही हड़ताल शुरू हो हो गई। जिसमें नौ बैंक यूनियन, एसबीआई समेत सभी सरकारी बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी शामिल रहे। जिले की बैंकों में कार्यरत अधिकारी व कर्मचारी गोविंद गंज स्थित इलाहाबाद बैंक में एकत्रित हुए। जहां बैंककर्मियों ने वेतन में बढ़ोत्तरी को लेकर सरकार के रूख का विरोध किया। बैंक कर्मचारी यूनियन के अतुल मेहरोत्रा ने कहा कि मई महीने में इस मुद्दे पर हुई मीटिंग में आईबीए ने दो प्रतिशत वेतन बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव दिया था। जबकि बैंककर्मियों के वेतन में सिर्फ दो प्रतिशत का इजाफा कोई मायने नहीं रखता। उन्होंने कहा कि सरकार को बैंककर्मियों के वेतन निर्धारण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के साथ ही वेतन, भत्तों में उचित बढ़ोत्तरी, सभी ग्रेड के अधिकारियों को शामिल करने और सेवा शर्तों में सुधार पर ध्यान देना होगा। बैंक कर्मचारियों की वेतन बढ़ोत्तरी पिछले साल नवंबर से बकाया है। इसलिए बैंक कर्मियों के वेतन में 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी से कम मान्य नहीं है। बैंक यूनियन के योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि नोटबंदी, जनधन, मुद्रा और अटल पेंशन जैसी सरकारी योजनाओं के लिए बैंक कर्मियों ने काफी मेहनत की। पिछले 2-3 साल में बैंक कर्मचारियों पर काम का बोझ काफी बढ़ गया है। ऐसे में सिर्फ दो प्रतिशत वेतन बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव लाकर उनके साथ मजाक किया जा रहा है। जबकि एक नवंबर 2012 से 31 अक्टूबर 2017 तक बैंक कर्मचारियों के वेतन में 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई थी। इस मौके पर सीवी शुक्ला, बीएम गुप्ता, राजकुमार, शशिभूषण पांडे, विपिन, विमल सक्सेना, सचिन आदि मौजूद रहे। =बैंको को बंद कराने को लेकर हुई नोंकझोंक

इलाहाबाद बैंक में सभा के बाद यूनियन के पदाधिकारियों ने हड़ताल को सफल बनाने के लिए जिले की बैंकों का निरीक्षण किया। इस बीच आईसीआईसीआई, एस बैंक, एचडीएफसी और एक्सिस बैंक खुली मिली। जिन्हें बंद कराने को बैंक कर्मचारियों व यूनियन के पदाधिकारियों के बीच नोकझोक हो गई। काफी देर बातचीत के बाद आखिर उन बैंको भी बंद करा दिया गया। वहीं आरआरबी बैंके हड़ताल में शामिल नहीं रहने की वजह से खुली रहीं।

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  • Web Title:Locks lying in banks by employees strike