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रंजना ठीक है कि नहक बार मुझे उससे मिलवा दो

रंजना ठीक है कि नहक बार मुझे उससे मिलवा दो

हिंदू समाज में शादी के दौरान लिए जाने वाले सात फेरे पति-पत्नी सात जन्मों तक साथ रहने के लिए लेते हैं। यही सात फेरे विस्फोट में झुलसे सुबोध अग्रवाल ने लगभग 30 वर्ष पहले अपनी पत्नी रंजना अग्रवाल के साथ लिए थे। सुबोध तथा रंजना एक दूसरे को बहुत ही प्यार करते थे और हर छोटी बड़ी चीज का एक दूसरे के लिए ध्यान रखते थे। गुरुवार को सुबह जब किचन में रंजना चाय बनाने गई तो गैस चूल्हा नहीं जला जिस पर वह अपने पति सुबोध को बुलाकर किचन में ले गई, जिसके बाद ही विस्फोट हुआ और दोनों झुलस गए थे। इलाज के दौरान रंजना की मौत हो गई थी और सुबोध का बरेली के अस्पताल में इलाज चल रहा है। रंजना की मौत की खबर किसी ने भी सुबोध को अभी तक नहीं दी। अस्पताल में सुबोध को जब भी हो जाता है वह अपने परिजनों से कहते हैं कि रंजना ठीक है कि नहीं....एक बार मुझे उससे मिलवा दो.... मैं रंजना से मिलना चाहता हूं। सुबोध का यह प्यार देखकर लोगों की आंखें छलछला जाती है लेकिन वह सुबोध से झूठ बोल देते हैं कि रंजना का इलाज महिला वार्ड में चल रहा है और वह ठीक है।डॉक्टरों के अनुसार सुबोध लगभग 40 प्रतिशत तक झूलसे हुए हैं इसके बावजूद भी सुबोध को अपनी चिंता बिल्कुल नहीं है। उनसे जो कोई भी मिलने जाता है उसे केवल अपनी पत्नी रंजना का हाल-चाल ही लेते हैं लेकिन उन्हें क्या पता की जिसे वह इतना प्यार करते हैं वह उन्हें हमेशा के लिए छोड़कर इस दुनिया से चली गई है। फिलहाल सभी लोग सुबोध के जल्दी ठीक होने की दुआ कर रहे हैं।

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  • Web Title:husband unknown of his wife death