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तरावीह में कुरआन मुकम्मल होने पर हाफिजों को मिले तोहफे

तरावीह में कुरआन मुकम्मल होने पर हाफिजों को मिले तोहफे

1 / 2रमजान-उल-मुबारक के मुकददस महीने में इबादतों का सिलसिला जारी है। लोग अपने परवरदिगार की रजा के लिए रोजा, नमाज में लगे हैं। मस्जिदों में तरावीह की नमाज में कुरआन मुकम्मल होने पर हाफिजों को तोहफे व...

तरावीह में कुरआन मुकम्मल होने पर हाफिजों को मिले तोहफे

2 / 2रमजान-उल-मुबारक के मुकददस महीने में इबादतों का सिलसिला जारी है। लोग अपने परवरदिगार की रजा के लिए रोजा, नमाज में लगे हैं। मस्जिदों में तरावीह की नमाज में कुरआन मुकम्मल होने पर हाफिजों को तोहफे व...

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रमजान-उल-मुबारक के मुकददस महीने में इबादतों का सिलसिला जारी है। लोग अपने परवरदिगार की रजा के लिए रोजा, नमाज में लगे हैं। मस्जिदों में तरावीह की नमाज में कुरआन मुकम्मल होने पर हाफिजों को तोहफे व नजराने दिए जा रहे हैं। नगर निगम वाली मस्जिद में दसवीं तरावीह की नमाज में कुरआन मुकम्मल हो गया।

इससे पहले खिताब करते हुए शहर पेश इमाम मौलाना हुजूर अहमद मंजरी ने रोजे और कुरआन की फजीलत बयान की। उन्होंने कहा कि दो चीजों की हिफाजत से जन्नत की जमानत मिलती है। पहली मुंह की जबान की हिफाजत और दूसरी शर्मगाह की हिफाजत।

मौलाना अनीस खां अतहर ने भी अपने ख्यालात का इजहार किया। इसके बाद कुरआन सुनाने वाले हाफिज खालिद का फूल माला पहनाकर खैरमकदम किया गया और तोहफे व नजराना दिया गया। कुरआन मुकम्मल तकरीब में फातिहाख्वानी का आगाज तिलावते कुरआन-ए-पाक से किया गया। आखिर में शहर पेश इमाम मौलाना मंजरी ने मुल्क में अमन चैन व भाईचारे की दुआ की तो सभी ने आमीन की सदाएं बुलंद कीं। इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां, सैयद कासिम रजा, हफीज खां, हाफिज इमरान, इदरीस खां, नन्हे खां, आबिद अली, आमिर, जहांगीर आलम, गुलाम गौस खां आदि मौजूद रहे।

रंग-बिरंगी झालरों से सजाई गई मस्जिद

संवादमोहल्ला बाड़ूजई अव्वल स्थित मस्जिद शेरुज्जमा खां में कुरआन मुकम्मल तकरीब का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी तादाद में नमाजियों ने शिरकत की।दसवीं तरावीह में कुरआन मुकम्मल सुनाने वाले हाफिज मुसव्विर हुसैन का फूल माला पहनाई गई और तोहफे व नजराना दिया गया। इससे पहले फातिहाख्वानी का आगाज तिलावते कुरआन-ए-करीम से किया गया। सभी ने दोनों हाथ उठाकर अल्लाह तआला से अमनो-अमान और तरक्की व कामयाबी की दुआ मांगी। इससे पहले कामिल हुसैन व मोहम्मद शादिल ने बारगाहे रिसालत में नात का नजराना पेश किया। कुरआन मुकम्मल के मौके पर मस्जिद को रंग बिरंगी बिजली की झालरों से सजाया गया। इस मौके पर मोहम्मद यासीन उर्फ सज्जन खां, अबुल कलाम, हाजी इसरार, आफताब अली, अकरम खां, रशीद सिराज, मुख्तार, शैलू, सैफ अमजद, नकी खां, नसीमुल्लाह आदि मौजूद रहे।

इल्म से खुलते हैं तरक्की के रास्ते

डीएम कम्पाउंड वाली मस्जिद में नवीं तरावीह को कुरआन मुकम्मल होने पर तकरीब मुनक्किद हुई, जिसमें कुरआन सुनाने वाले हाफिज मोहम्मद सददाम हुसैन को फूलमाला पहनाकर तोहफे व नजराने दिए गए। इससे पहले खिताब करते हुए मौलाना अनीस खां अतहर ने कहा कि हमें दीनी और दुनियावी दोनों तरह की तालीम हासिल करना होगी, तब ही कामयाबी के रास्ते खुलेंगे।

उन्होंने कहा कि कुरआन हमें पढ़ने, समझने और अमल करने के लिए दिया गया है। इसके बाद फातिहाख्वानी का आगाज तिलावते कुरआन-ए-पाक से मोहम्मद अब्दुल मुजीब खां ने किया गया। किश्वर अली व हाफिज मोहम्मद तसलीम ने नातो मनकबत पेश कीं। इस मौके पर सैयद फरहान अली, साजिद खां, पूर्व चेयरमैन व सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां, डॉ सैयद जुबैरुल हसन, इसहाक खां, सैयद कासिम, मोहम्मद अहमद खां, गुलाम मर्तजा खां, मोहम्मद आसिफ, सैयद तालिब आदि मौजूद रहे।

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