
12 वर्षों से जमीन वापस लेने के लिए चक्कर लगा रहे किसान, हंगामा
संक्षेप: Shahjahnpur News - बरहा मोहब्बतपुर गांव के किसानों ने 12 वर्षों के बाद भी अपनी जमीन पर कब्जा नहीं मिलने पर हंगामा किया। किसानों का कहना है कि अवैध कब्जे के कारण उन्हें भुखमरी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों से कई बार मदद मांगी, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। अब आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
चकबंदी के 12 वर्षों बाद भी दर्जनों किसानों को उनकी जमीन पर उन्हें कब्जा नहीं मिल सका। इन किसानों ने तमाम लोगों पर उनकी जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए संपूर्ण समाधान दिवस में हंगामा काटा। बरहा मोहब्बतपुर गांव के दर्जनों किसानों ने बताया कि 12 वर्ष पहले उनके गांव में चकबंदी हुई थी। चकबंदी के बाद निकली उनकी जमीन पर उन्हें कब्जा नहीं मिल सका। किसानों ने बताया कि जमीन पर कब्जा नहीं मिलने के कारण उनके घरों में भुखमरी आ गई है और ब्याज पर रुपए लेकर तथा मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं।

किसान पातीराम ने बताया कि उनकी 18 बीघा, मिथिलेश की 17 बीघा, श्रीपाल की 9 बीघा, राजाराम की 10 बीघा, मलखान की 8 बीघा, अरविंद की 50 बीघा, विक्रम की 9 बीघा, श्रीपाल की 6 वीघा, राम सिंह की 8 बीघा, साधु शाह की 16 बीघा, रामदास की 4 बीघा, झम्मन की 12 बीघा व अमीरुद्दीन की 5 बीघा जमीन पर लोग अवैध कब्जा किए हुए हैं। किसानों ने बताया कि वह 12 वर्षों से तहसील दिवस सहित अधिकारियों के कई चक्कर लगा चुके हैं लेकिन उनकी जमीनों से अभी तक कब्जा नहीं हटा है। अधिकारी केवल आश्वासन देकर उन लोगों को टरकाने का काम करते हैं। किसानों ने कहा कि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अब वह लोग आंदोलन करेंगे। उधर क्षेत्रीय लेखपाल रामनरेश मिश्रा ने बताया कि किसने की जमीन पकड़िया, बरहा मोहब्बतपुर व बरूआर मे स्थित है जिस पर दूसरे लोगों का कब्जा है। किसानों से जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए 134 के तहत मुकदमा डालने को कहा गया है। किसानों की समस्याओं की जानकारी हुई है नायब तहसीलदार के नेतृत्व में टीम बनाकर जांच कराई जाएगी और किसानों को उनकी जमीन वापस दिलाई जाएगी। -दीपेंद्र कुमार, तहसीलदार

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