DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कभी गम लिए सर दिवारों पर रख दो, तो पत्थर भी गजलें सुनाने लगेंगे

कभी गम लिए सर दिवारों पर रख दो, तो पत्थर भी गजलें सुनाने लगेंगे

1 / 2अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व राष्ट्र केसरी खंड काव्य के विमोचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। फैक्ट्री इस्टेट में आयोजित कवि सम्मेलन में वीरेश सिंह परमार रचित खंड काव्य राष्ट्र केसरी का विमोचन नगर विकास...

कभी गम लिए सर दिवारों पर रख दो, तो पत्थर भी गजलें सुनाने लगेंगे

2 / 2अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व राष्ट्र केसरी खंड काव्य के विमोचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। फैक्ट्री इस्टेट में आयोजित कवि सम्मेलन में वीरेश सिंह परमार रचित खंड काव्य राष्ट्र केसरी का विमोचन नगर विकास...

PreviousNext

अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व राष्ट्र केसरी खंड काव्य के विमोचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। फैक्ट्री इस्टेट में आयोजित कवि सम्मेलन में वीरेश सिंह परमार रचित खंड काव्य राष्ट्र केसरी का विमोचन नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने किया। इस दौरान कवियों और शायरों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम की शुरूआत औरैया से आने वाली कवियत्री गीता चतुर्वेदी ने पंचचामर छंद में सरस्वती की वंदना प्रवंचना मिटे प्रभात हो प्रकाशदायिनी, नमामि हे सुवासिनी नमामि ज्ञानदायिनी प्रस्तुत की। मैनपुरी के कवि धर्मेंद्र धरम ने जिस कलम से लिखा था प्रथम खत तुम्हें, उस कलम को सदा चूमता हूं प्रिये सुनाया।

आगरा की कवियत्री डा. रूचि चतुर्वेदी ने गुनगुनाया कभी गम लिए सर दिवारों पे रख दो, तो पत्थर भी गजलें सुनाने लगेंगे। इसी तरह ओज कवि सैनिक रविपाल खामोश ने शिवाजी हूं मैं राणा हूं, कनाही हूं मैं भारत का, पहाड़ों का जिगर चीरू वो राही हूं मैं भारत का सुनाया। एटा के गीतकार संजीव तन्हा ने कहा कि मैं अनुदान कहां से लाऊं, मैं संज्ञान कहां से लाऊं, सबके मन की कर दे पल में, वह भगवान कहां से लाऊं सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध किया।

इनके साथ ही गीतकार गजेंद्र प्रियांशू, आशीष अनल, डा. चैतन्य चेतन, प्रार्थना मिश्रा, मुकेश श्रीवास्तव, प्रियंका त्रिपाठी, चारूलता, उदयराज सिंह, विनोद राजपूत, सर्वेश आस्थाना, सरोज मिश्रा, इशरत सगीर, विकास शर्मा, विकास सोनी, विश्वनाथ विश्व, अंचल सक्सेना, विनोद सिंह, अरुण सागर आदि मौजूद रहे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Ever put sir on the soles on the walls then stones will start to sound like ghazals