Shahjahnpur News: जेल की सलाखों के बीच बंधा भाई-बहन के प्रेम का धागा

हिन्दुस्तान, शाहजहांपुर
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Shahjahnpur News: रक्षाबंधन पर शाहजहांपुर जिला कारागार के बाहर बहनों की भीड़ जुटी। भाई से मिलने की खुशी में बहनों ने जेल का माहौल भावनात्मक बना दिया। करीब 850 बहनों ने अपने भाइयों से मुलाकात की। राखी बांधने के दौरान बहनों की आंखें नम हो गईं। रक्षाबंधन ने भाई-बहन के रिश्ते को फिर से जीवित किया।

Shahjahnpur News: जेल की सलाखों के बीच बंधा भाई-बहन के प्रेम का धागा

Shahjahnpur News: शाहजहांपुर, वरिष्ठ संवाददाता। रक्षाबंधन पर जिला कारागार के बाहर सुबह से ही बहनों की भीड़ जुटने लगी। हाथों में राखी और आंखों में भाई से मिलने की खुशी लिए बहनें घंटों इंतजार करती रहीं। सुबह नौ बजे मुलाकात शुरू हुई तो जेल का माहौल भावनात्मक हो उठा。

जेल का माहौल

जेल अधीक्षक जेपी तिवारी खुद गेट पर व्यवस्था संभालते रहे। बहनों को उनके भाइयों से मुलाकात कराई गई। आमने-सामने आते ही कई बहनों की आंखें नम हो गईं। किसी ने भाई की कलाई पर राखी बांधी तो किसी ने उसकी सलामती की दुआ की। जेल की दीवारों के बीच कुछ पल के लिए सजा, अपराध और कैद की दुनिया पीछे छूट गई और भाई-बहन का रिश्ता सामने था।

भावनाओं का आदान-प्रदान

करीब 850 बहनों ने अपने भाइयों से मुलाकात की। किसी भाई ने बहन को ढांढस बंधाया तो किसी ने अगली मुलाकात का भरोसा दिया। थोड़े से समय में बहनों ने भाई की कलाई पर राखी बांधकर यही संदेश दिया कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, रिश्तों का प्यार और अपनापन सलाखों से नहीं बंधता।

राखी का महत्व

बहन की राखी ने कुछ पल के लिए भुला दीं सलाखें

शाहजहांपुर। जेल में बंद भाई के सामने पहुंचते ही कई बहनों की आंखें नम हो गईं। किसी ने चुपचाप भाई की कलाई पर राखी बांधी तो किसी ने उसके माथे को छूकर आशीर्वाद दिया। भाइयों ने भी बहनों को भरोसा दिलाया कि अगली राखी तक सब बेहतर होगा। कुछ मिनट की इस मुलाकात में भावनाएं शब्दों से ज्यादा बोलती रहीं। राखी के धागे ने उस दूरी को कुछ देर के लिए पाट दिया।

सामान्य प्रश्न

रक्षाबंधन पर बहनों ने कितनी बार अपने भाइयों से मुलाकात की?
करीब 850 बहनों ने अपने भाइयों से मुलाकात की।
Hindustan | Bureau

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