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हर परेशानी बर्दाश्त कर बच्चों को दिलाएं तालीम : मौलाना मंजरी

हर परेशानी बर्दाश्त कर बच्चों को दिलाएं तालीम : मौलाना मंजरी

रमजान के मुबारक महीने में इबादतों का सिलसिला जारी है। इस महीने में नई पहल करते हुए उलमा-ए-कराम ने तालीम के लिए जागरुकता मुहिम का आगाज कर दिया। जुमे की नमाज से पहले शहर पेश इमाम मौलाना हुजूर अहमद मंजरी ने इल्म की जरूरत पर रोशनी डाली, साथ ही बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराने पर जोर दिया। आखिर में मुल्क व कौम की कामयाबी के लिए दुआ की गई तो आमीन की सदाओं से फिजा गूंज उठी। शुक्रवार को जामा मस्जिद में खिताब करते हुए मौलान हुजूर अहमद मंजरी ने कहा कि रोजा इबादत भी है, रियाजत भी। साथ ही इंसानों की खिदमत करने का जज्बा भी इंसान में पैदा करता है। इस वक्त कौम इल्म हासिल करने में पिछड़ रही है। जरुरत इस बात की है कि हम अपने बच्चों को आला से आला तालीम दिलाने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि इस्लाम में कदम-कदम पर इल्म हासिल करने पर जोर दिया गया। इल्म के फायदे और जिहालत के नुकसानात ब्यान किए गए हैं। जिस तरह अंधेरा, उजाले का सामना नहीं कर सकता, एक नाबीना, अंखियारे के बराबर चल नहीं सकता। ऐसे ही एक जाहिल, पढ़े लिखे इंसान का मुकाबला नहीं कर सकता। इल्म हर किसी पर फर्ज मौलाना मंजरी ने कहा कि पैगम्बर-ए-इस्लाम ने फरमाया कि इल्म नूर है। इल्म इंसान की जिंदगी को मुनव्वर करने वाला है। इस्लाम में इल्म का हासिल करना हर मुसलमान मर्द और औरत पर फर्ज है। हदीस-ए-पाक है कि इल्म मां की गोद से लहद तक हासिल करो। उन्होंने कहा कि इल्म से इंसान के अंदर फहमो-फिरासत, दानाई व बीनाई, तहजीब और इंसानियत पैदा होती है। तरक्की की राहें खुलती हैं और कामयाबी की मंजिलें आसान होती हैं। मस्जिदों में अदा की गई नमाज रमजान के पहले जुमे को नमाजियों की भीड़ मस्जिदों में उमड़ पड़ी। अन्य जुमों की अपेक्षा बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने के लिए उमड़े। कुछ मस्जिदों पर छतों पर नमाज अदा की गई। नमाज को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस तैनात रही।

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  • Web Title:education must be given to children