अब ई-सिटी बसों की कमाई पर ब्रेक लगा रहे ई-रिक्शे
Shahjahnpur News - शहर में ई-रिक्शे यातायात जाम का मुख्य कारण बन गए हैं, जिससे ई-सिटी बसों की कमाई पर असर पड़ा है। ई-बसों के स्टॉप पर ई-रिक्शा चालक यात्रियों को बस तक पहुँचने से पहले ही बैठा लेते हैं, जिससे सवारी कम हो जाती है। यातायात पुलिस इस पर कार्रवाई करने में असमर्थ है।

शहर में यातायात जाम का बड़ा कारण बने ई-रिक्शे अब ई-सिटी बसों की कमाई पर भी ब्रेक लगा रहे हैं। हाल ही में किराया घटाकर यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से शुरू की गई ई-बसों को तय स्टॉप पर सवारियां नहीं मिल पा रही हैं, जिससे उनकी आय लगातार घट रही है। बरेली मोड़ पर स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। जैसे ही ई-सिटी बस पहुंचती है, ई-रिक्शा चालक आगे-पीछे और अगल-बगल अपने वाहन खड़े कर देते हैं। बस के गेट तक यात्रियों के पहुंचने से पहले ही उन्हें अपने ई-रिक्शे में बैठा लेते हैं। इससे बसों में सवारियों की संख्या कम हो जाती है।
इसको लेकर कई बार परिचालकों और ई-रिक्शा चालकों के बीच बहस भी हो चुकी है। विरोध करने पर ई-रिक्शा चालक अभद्रता पर उतर आते हैं। ई-सिटी बस चालक विनीत ने बताया कि बस स्टॉप पर कम से कम सौ मीटर का क्षेत्र खाली होना चाहिए, ताकि यात्री आसानी से बस तक पहुंच सकें। वर्तमान में ई-रिक्शे बस स्टॉप के बिल्कुल पास खड़े होकर सवारियां भर लेते हैं। यातायात पुलिस और एआरटीओ प्रवर्तन ई-रिक्शों पर पूरी तरह लगाम लगाने में अब तक सक्षम नहीं हो पाए हैं। नतीजतन ई-सिटी बसें दिनभर में पांच सौ से एक हजार रुपये तक की ही कमाई कर पा रही हैं, जबकि संचालन खर्च कहीं अधिक है। -----वर्जन बरेली मोड़ के पास सौ से डेढ़ सौ मीटर की एरिया में ई-रिक्शा प्रतिबंधित हैं। यातायात पुलिस और पिकेट पर तैनात पुलिस भी इस पर ध्यान रखती है। अभियान चलाकर इनका चालान भी किया जाता है। एक बार फिर सख्ती की जाएगी। -हरिओम, एआरटीओ प्रवर्तन। ----वर्जन ई-सिटी बस ऑपरेशनल मैनेजर की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। इसके बाद भी ई-रिक्शों पर लगातार कार्रवाई की जाती है। अगर इसके बाद भी कोई चालक बरेली मोड़ के सौ से डेढ़ मीटर के सर्किल में पाया जाता है तो उसपर कार्रवाई की जाएगी। -विनय पांडेय, यातायात प्रभारी।
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