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नदी कटान के विरोध में पहरुआ गांव में प्रदर्शन

नदी कटान के विरोध में पहरुआ गांव में प्रदर्शन

शाहजहांपुर के मिर्जापुर ब्लाक के पहरूआ गांव के लोगों ने तटबंध की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। रामगंगा नदी के कटान के चलते करीब 12 गांव चपेट में आ रहे हैं। दो गांवों का आस्तित्व पूरी तरह खत्म हो चुका है। दूसरे गांवों की ओर भी नदी की लहरें पहुचने लगी हैं। गांवों में नदी के कटान के कारण लोगों में काफी नाराजगी है। गुरुवार को पहरुआ गांव के वाशिन्दों ने प्रदर्शन कर अपनी आवाज को बुलंद किया। उनका कहना है कि केंद्र व राज्य में सरकार होने के बावजूद नदी के कटान पर रोक नहीं लगाया जा रहा है। रामगंगा नदी में कटान की वजह से पहरुआ, कुनिया, शाह नजीरपुर, हरिहरपुर, मौजमपुर, किला,अतरी, सिठौली आदि गांव प्रभावित है। सात से आठ हजार बीघा जमीन कट चुकी है। छोटा पहरुआ और टेढ़ा गांव आस्तित्व खत्म हो चुका है। इन दो गांवों के वाशिन्दें पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। ग्रामीण सड़क के किनारे आशियाना बनाकर रहने लगे हैं। गुरुवार को पहरुआ गांव के वाशिन्दों ने किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष उदयवीर सिंह व तटबंध संघर्ष समिति के सचिव बृज किशोर शर्मा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश शुरू होने वाली है। बरसात होने पर फिर से कटान शुरू हो जाएगा। ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे गांवों को बचाया जा सके। प्रदर्शन करने वालों में रमेश चंद्र, राम किशोर शर्मा, सुरेश चंद्र शर्मा, जितेंद्र कुमार, पवन कुमार, ओमवीर सिंह, उर्वेश कुमार, ओमेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। राजनीति में रेत से भरी बोरियां सड़ गईं कटान को रोकने के लिए उठाए गए कदम पर राजनीति हावी हो गई। केंद्रीय मंत्री कृष्णाराज ने नदी किनारे रेत से भरी बोरियां रखने के लिए भेजी थी। उस समय सपा की सरकार थी। बताते हैं कि सपा और भाजपा के लोगों की राजनीति के चलते बोरियों के जरिए कटान रोकने का प्रयास नहीं किया गया। अब वह बोरियां सड़ गई हैं। 

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  • Web Title:Demonstration In The Village Of Pahruya In Protest Of River Katan