DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

यहां जान हथेली पर लेकर पार करना पड़ता है पुल, देखें VEDIO

यहां के लोगों को जान हथेली में लेकर पार करना पड़ता है पुल

सिंधौली ब्लॉक के लोग खतरों के खिलाड़ी बन रहे हैं। दरअसल मामला यह है कि कठपुरा घाट पर पक्का पुल नहीं है, यहां कछुआ पुल बनाया जाता है, लेकिन कुछ समय के बाद उसे हटा दिया जाता है। इस कारण लोगों को पटरियों के ऊपर से अपने वाहन निकालने हो पड़ते हैं। उनकी जान को हर वक्त खतरा रहता है।

हालांकि कि यहां पर पक्के पुल के निर्माण के लिए सर्वे हो चुका है, स्टीमेट भेजा जा चुका है, लेकिन शासन ने अभी स्वीकृति प्रदान नहीं की है। पक्का पुल बनेगा तो इलाके के 100 गांव के लोगों को फायदा मिलेगा, लेकिन अभी लोगों को इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि शासन ने फाइल ओके नहीं की है।

सिंधौली के कठपुरा घाट पर बना लोहे के कछुये का पुल है। पक्का पुल न होने से ग्रामीणोंं को आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पनवाड़ी गांव के प्रमोद शुक्ला, आशीष मिश्रा, मनोज कुमार, झुनकाई लाल शुक्ला आदि ने बताया कि पुल पर पूरे पटले भी नहीं डलवाये गए, जिससे ग्रामीणोंं को आने जाने काफी दिक्कत हो रही है। कई ग्रामीण पुल से निकलते समय गिर कर घायल हो गये। शासन प्रशासन इस ओर बिलकुल ध्यान नहीं दे रहा है। प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।

ग्रामीणों ने कहा कि कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना नगला शाहजहां आये थे तो उन्होंने कहा था पुल बनवाया जायेगा, लेकिन अभी भी स्थिति ज्यों की त्यों ही बनी हुई है।

पुल न बना होने के कारण चार पहिया वाहनों को 16 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है, जबकि मूड़ाहारिस से होकर जाने में 6 किलोमीटर का ही सफर है । इस पुल ने नगला शाहजहां , कठपुरा , पनबाड़ी , भायपुर , ककरौआ , त्रिलोकपुर , गरगैया आदि गांवों के ग्रामीण इसी पुल से होकर निकलते हैं ।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Dangerous crossing the bridge here means risking