Condition of three children deteriorated in 28 of food poisoning - फूड प्वायजनिंग के शिकार 28 में तीन बच्चों की दशा बिगड़ी DA Image

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फूड प्वायजनिंग के शिकार 28 में तीन बच्चों की दशा बिगड़ी

फूड प्वायजनिंग के शिकार 28 में तीन बच्चों की दशा बिगड़ी

पुवायां के बहलोलपुर प्राथमिक स्कूल में बुधवार को मिड-डे-मील खाने के बाद बच्चों की तबियत बिगड़ गई थी। बीमार बच्चे दूसरे दिन गुरुवार को स्कूल नहीं पहुंचे। एनपीआरसी प्रेमचन्द्र वर्मा ने कुछ बच्चों को बुलाया और उन्हें भरोसा दिलाते हुए मिड-डे-मिल में बनी दाल व रोटी भी खिलाई। इधर, तीन बच्चों की हालत गुरुवार की सुबह बिगड़ गई, जिनका इलाज चल रहा है।

स्कूल में तहरी खाने व दूध पीने के बाद बीमार हुए बच्चों की बुधवार को ही देर रात अस्पताल से छुट्टी कर दी गई थी, जिसके बाद सभी अपने अपने घर पहुंच गये थे। रात में सीओ प्रवीण सिंह व कोतवाली सिंधौली की पुलिस ने गांव जाकर बच्चों का हाल लिया, साथ ही अपना मोबाइल नम्बर देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो जानकारी जरूर दे देना। सुबह लगभग 4 बजे उन्हीं बच्चों में से तीन की तबियत दोबारा खराब हुई तो गांव के लोगों ने सिंधौली थाने फोन करके सूचना दी। ग्रामीणों की सूचना के बाद अस्पताल की टीम ने गांव जाकर ही बच्चों का इलाज किया। गुरुवार सुबह स्कूल खुला तो सुरक्षा की दृष्टि से स्कूल में एनपीआरसी व पुलिस तैनात रही, जिसके कारण ग्रामीण स्कूल में आकर टीचर से कुछ नहीं कह सके। स्कूल में कुल 54 बच्चे पंजीकृत है, जिसमें से बुधवार को 45 बच्चे स्कूल आये थे, जिनमें से 28 की तबियत खराब हो गई थी। दूसरे दिन गुरुवार को बच्चे घबरा गये और मात्र 29 बच्चे ही स्कूल आये, इनमें से भी काफी बच्चों को प्रेम से बुलाकर स्कूल लाया गया। बीईओ शत्रुघन सरोज ने बताया कि बुधवार को हुई घटना के बाद खाद्य सामग्री के सैंपल लिए गये थे, जिनकी जांच के सम्बंध में उनको कोई जानकारी नहीं है। यह जानकारी बीएसए से मिल सकती है।

सोयाबीन व मसाले में हो गये थे कीड़े

बहलोलपुर भटियूरा गांव के प्राथमिक स्कूल में बुधवार को मिड-डे-मिल का भोजन खाने से हुई फूड प्याजनिन्ग में 28 बच्चे बीमार हुए थे। इस मामले में स्कूल की टीचर व रसोइया की घोर लापरवाही सामने आयी है। हालांकि अभी तक कोई अधिकारी यह बताने को तैयार नहीं है कि फूड प्याजनिन्ग का कारण क्या था। गांव के लोगों ने बताया कि घटना के बाद शिक्षा विभाग की टीम ने खाना बनाने में प्रयोग की गई सामग्री को रात में स्कूल आकर कब्जे में लिया था, जिसके बाद उसे जांच के लिए लैब भेजा गया या नहीं यह तो शिक्षा विभाग के अधिकारी ही जान सकते हैं, लेकिन रात में जब टीम के कर्मचारी खाद्य सामग्री को कब्जे में ले रहे थे तो बता रहे थे कि तहरी में डाली गई सोयाबीन व मसाले में छोटे छोटे कीड़े भी थे।

तीन बच्चों का दूसरे दिन भी चला इलाज

प्राथमिक स्कूल में बुधवार को मिड-डे-मिल खाने के बाद बीमार हुए अठ्ठाइस बच्चों में से पच्चीस की तबियत ठीक है, लेकिन तीन बच्चों का इलाज दूसरे दिन गुरुवार को भी चलाया गया। कुनेन्द्रपाल के पुत्र हर्षित, मुकेश की पुत्री निधि व अमर सिंह की पुत्री नव्या की सुबह 4 बजे तबियत खराब हो गई थी, जिसकी सूचना मिलने पर स्वास्थय विभाग की टीम ने गांव जाकर तीनों का इलाज शुरू किया, जिसके बाद सभी पच्चीस बच्चों का स्वास्थय परीक्षण किया। डाक्टर के अनुसार अब सभी बच्चों की तबियत ठीक है।

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