कलामों ने अकीदतमंदों को झूमने पर किया मजबूर
Shahjahnpur News - तिलहर में हजरत सैयद शाह शमसुद्दीन मियां के सालाना उर्स शरीफ पर भव्य कव्वाली महफिल का आयोजन हुआ। अरशद कामली और शमीम वारसी ने मन कुन्तो मौला जैसे मशहूर कलाम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में अमन और भाईचारे का संदेश दिया गया। सज्जादा नशीन ने समाज में योगदान देने वालों को सम्मानित किया।

तिलहर में हजरत सैयद शाह शमसुद्दीन मियां के सालाना उर्स शरीफ के अवसर पर रात भर कव्वालियों की भव्य महफिल का आयोजन किया गया। महफिल में अरशद कामली और शमीम वारसी ने अपने सुमधुर कलामों से समां बांधा। ‘मन कुन्तो मौला’, ‘दमादम मस्त कलंदर’ सहित कई मशहूर कलामों ने अकीदतमंदों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कव्वालियों की रूहानियत और सूफियाना अंदाज़ ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया। उर्स शरीफ में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जायरीन शामिल हुए। आयोजन स्थल पर रोशनी, सजावट और अनुशासन की बेहतरीन व्यवस्था की गई। कार्यक्रम के दौरान अमन, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश दिया गया।
सज्जादा नशीन इकबाल हुसैन उर्फ फूल मियां ने समाज और प्रशासन क्षेत्र में योगदान देने वालों को सम्मानित किया। इस अवसर पर कोतवाल जुगल किशोर पाल, अपराध निरीक्षक सुनील कुमार यादव और प्रख्यात होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. गौरव कौशल को शॉल और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। फूल मियां ने कहा कि उर्स शरीफ का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि समाज में सेवा, सद्भाव और मानवता के मूल्यों को मजबूत करना भी है। महफिल में रहतुल्लाह खान, साबिर खान, सगीर खान, इलियास बेग, सोहेल अहमद खान, शकील मियां, मोहम्मद शरीफ कुरैशी, इशरत कुरैशी, चांद साबरी, मनोज परवल, शोएब वारसी, फुरकान कुरैशी और जफर कुरैशी सहित कई लोग उपस्थित रहे।

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