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17 जनवरी, 2021|9:13|IST

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13 एमएम बारिश से फसलों की प्यास नहीं बुझी, हवा से पलटा धान

13 एमएम बारिश से फसलों की प्यास नहीं बुझी, हवा से पलटा धान

1 / 2बहुत इंतजार के बाद बुधवार रात से लेकर गुरुवार शाम तक बरसात हुई, लेकिन मात्र 13 मिलीमीटर बरसात के चलते धान और गन्ने की फसल की प्यास बुझ नहीं...

13 एमएम बारिश से फसलों की प्यास नहीं बुझी, हवा से पलटा धान

2 / 2बहुत इंतजार के बाद बुधवार रात से लेकर गुरुवार शाम तक बरसात हुई, लेकिन मात्र 13 मिलीमीटर बरसात के चलते धान और गन्ने की फसल की प्यास बुझ नहीं...

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बहुत इंतजार के बाद बुधवार रात से लेकर गुरुवार शाम तक बरसात हुई, लेकिन मात्र 13 मिलीमीटर बरसात के चलते धान और गन्ने की फसल की प्यास बुझ नहीं सकी। एक सिंचाई के लिए कम से कम 25 मिलीमीटर बरसात की दरकार रहती है, जो हुई नहीं। मौसम के करवट लेने से किसान बहुत खुश थे, लेकिन हुआ उल्टा। तेज हवा के कारण किसानों की धान की फसल जरूर पलट गई, जिससे पैदावार पर कम होने की संभावना रहेगी।मौसम विज्ञानी डा. मनमोहन सिंह ने बताया कि बुधवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस था। उसके मुकाबले गुरुवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री रह गया। इस लिहाज से देखा जाए तो गुरुवार को दिन ठंडा रहा। बरसात और तेज हवा के कारण गुरुवार को पांच डिग्री तापमान लुढ़क गया। उन्होंने बताया कि बुधवार रात से लेकर गुरुवार सुबह आठ बजे तक नौ मिलीमीटर बरसात हुई, उसके बाद शाम पांच बजे तक चार मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। इस लिहाज से पूरे 13 मिलीमीटर बरसात हुई है। उन्होंने बताया कि अभी शुक्रवार को मौसम के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है। बताया कि वैसे आसमान दोपहर बाद साफ हो जाना चाहिए, लेकिन बारिश भी हो सकती है। रोजा। बुधवार रात तेज हवा के साथ और गुरुवार सुबह से हो रही रिमझिम बारिश ने किसानों के चेहरे का रंग उतर गया। रोज़ा के आसपास के गांवों में खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गयी है, जिससे पैदावार कम होने की आशंका है। मीरानपुर कटरा क्षेत्र में गुरुवार सुबह से हुई रिमझिम से गर्मी से राहत मिली, लेकिन धान की तैयार फसल को नुकसान की आशंका से किसानों के चेहरे उतर गये।

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  • Web Title:13 mm of rain did not quench the thirst of crops paddy rebounded from the wind