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2 जनवरी, 2021|6:02|IST

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2021 में सितंबर के 13 दिन पड़ सकते हैं बेहद भारी

2021 में सितंबर के 13 दिन पड़ सकते हैं बेहद भारी

सन् 2021,विक्रम संवत 2078 में तिथियों की प्रत्यक्ष सूक्ष्म गणना के कारण भाद्रपद शुक्ल पक्ष 8 सितंबर से 20 सितंबर में तेरह दिन का पक्ष घटित हो रहा है। इसका फल शास्त्रों में अशुभ एवं अनिष्टकारी बताया गया है। कई बार सूर्य-चन्द्र की स्पष्ट गणित प्रक्रिया के कारण किसी पक्ष में दो बार तिथि का क्षय हो जाने से 13 दिन का पक्ष भी आ जाता है, इसे विश्वघस्र पक्ष भी कहते हैं। बालाजी धाम के पुजारी केके शुक्ल ने बताया कि महाभारत में भी तेरह दिन के पक्ष के अशुभत्व के सम्बन्ध में वर्णन मिलता है। अन्य बहुत से शास्त्रकारों नें भी तेरह दिन के पक्ष के अशुभत्व के विषय में कहा है मेघ महोदय में कहा.... अनेकयुग साहस्त्रयाद् दैवयोगात् प्रजायते। त्रयोदशदिने पक्ष: तदा संहरते जगत्।

कई युगों में आते हैं यह तेरह दिन

=पंडित केके शुकल बताते हैं कि कई एक युगों में प्रजा का नाश करने के निमित्त तेरह दिन का पक्ष आता है, अर्थात जिस पक्ष में तेरह दिन हों वह पक्ष लोगों में क्लिष्ट रोग उत्पादक, महंगाई, विग्रह, उपद्रव, एवं हिंसा आदि अशुभ फलकारक होता है। आर्थिक एवं सामाजिक परिस्थितियां अस्थिर एवं अशान्ति पूर्ण होती हैं। पार्टियों में बिखराव तोड़फोड़ होगी ,कहीं विस्फोटक घटनाएं और छत्रभंग की आशंका, कही युद्ध के वातावरण, कहीं भूकम्प ,भूस्खलन आदि प्राकृतिक प्रकोपों से भारी जन- हानि के योग बनते हैं। दैनिक उपभोग की वस्तुओं में जबरदस्त तेजी, साथ किसी प्रमुख व्यक्ति के निधन से समाज में शोक एवं टकराव उत्पन्न होगा ।

ऐसा महायोग बहुत वर्षों बाद आ रहा है।

पुष्य और बुधादित्य दोनों योग के चलते किए गए कामों में सफलता मिलेगी। शुक्रवार के स्वामी शुक्रदेव हैं। यह सुख-समृद्धि देने वाले देवता हैं, इसलिए साल का पहला दिन शुभ रहेगा। वहीं, कुछ दिन पहले 15 दिसंबर को सूर्य के धनु राशि में आने से बीमारियां और व्यापारिक मंदी दूर होने के योग बन रहे हैं, जिसका शुभ असर नए साल में दिखाई देगा।

जनवरी 2021 में दो बार पुष्य नक्षत्र का संयोग

जनवरी 2021 के पहले ही दिन यानी 1 तारीख शुक्रवार को पुष्य नक्षत्र होने से शुक्र-पुष्य का संयोग बन रहा है। इस दिन सुख-सुविधाएं और विलासिता से जुड़ी चीजों की खरीदारी शुभ मानी गई है। इस दिन कपड़े, आभूषण और सुगंधित चीजों की खरीदारी खासतौर से करनी चाहिए। वहीं, इसी महीने 28 तारीख को गुरुवार होने से साल का पहला गुरु पुष्य संयोग बन रहा है। इस दिन हर तरह की खरीदारी करना शुभ है। गुरु पुष्य संयोग में किए गए कामों में सफलता मिलती है। इस दिन कोई भी शुभ काम शुरू किया जा सकता है। गुरु पुष्य योग में कोई भी बिजनेस डील करना फायदेमंद होता है।

नई उम्मीदों से भरा है यह नया साल

=नववर्ष 2021 को लेकर हर किसी के मन में ढेर सारी आशाएं और सपने हैं। नया साल कैसा रहेगा हम सब के लिए। साल के अंतिम दिन 31 दिसंबर 2020 गुरुवार की मध्यरात्रि में 12 बजते ही सन 2021 प्रारम्भ हो गया। वर्ष 2020 काफी मुश्किलों और चुनौतियों से भरा वर्ष रहा। साल 2020 में पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझती रही। अभी भी यह स्थिति पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। इससे इतर नव वर्ष आगमन पर ग्रह गोचरों के शुभ संयोग बन रहा है। ज्‍योतिष के मुताबिक नया साल नई उम्‍मीदों का साल साबित हो सकता है।

देश के लिए आध्‍यात्मिक और आर्थिक दृष्टि से शुभ होगा नया साल

=भारतवर्ष के तत्कालीन कुंडली के मुताबिक कन्या लग्न में लग्नेश बुध चतुर्थ भाव में बुधादित्य योग बना रहा है, जो राष्ट्र की प्रगति के लिए बहुत शुभ संकेत है। चंद्रमा लाभ भाव में अपनी स्वराशि में बहुत शुभ है। नारी शक्ति का अभ्युदय होगा। यह वर्ष देश की उन्नति के लिए सार्थक साबित होगा।

धनु ,मकर,कुम्भ पर साढ़ेसाती, मिथुन और तुला राशि पर रहेगी ढैय्या

=ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 9 ग्रहों में से मनुष्य जीवन को प्रभावित करने वाला प्रमुख ग्रह शनि है, क्योंकि यही ग्रह मनुष्य को उसके अच्छे-बुरे कर्मों का फल प्रदान करता है। जब किसी राशि पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव होता है तो ये समय उनके लिए परेशानियों भरा रहता है। इस समय शनि मकर राशि में गुरु के साथ है।

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  • Web Title:13 days of September may be very heavy in 2021