DA Image
17 फरवरी, 2020|4:36|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

12 पाकिस्तानी दुल्हन अब हिन्दुस्तानी बनने को हैं बेकरार, नागरिकता मिलने का कर रहीं इंतजार 

12

अपने शाहजहांपुर वालों की पाकिस्तान में खूब रिश्तेदारियां हैं। मौजूदा वक्त में शाहजहांपुर के 12 लोग ऐसे हैं, जिन्होंने पाकिस्तान में शादी कीं, बेगमों को लेकर आए, लेकिन अब तक उनकी बेगमों को भारत की नागरिकता नहीं मिली है। पाकिस्तान से आईं यह महिलाएं हिन्दुस्तानी बनने को बेताब हैं, लेकिन उनकी नागरिकता की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। एक महिला तो ऐसी है जिसके पति की भी मौत हो गई, लेकिन अब तक उसे भारत की नागरिकता नहीं मिली।

शाहजहांपुर में रह रहीं पाकिस्तान से ब्याह कर लाई गईं महिलाओं को तो फिलहाल लॉग टर्न वीजा मिला हुआ है, उसी वीजा पर वह हिन्दुस्तान के शाहजहांपुर जिले के अलग-अलग हिस्सों में रह रही हैं। उन्होंने हिन्दुस्तानी नागरिकता के लिए आवेदन कर रखा है, लेकिन पाकिस्तान से बहू बनकर आईं महिलाएं नाती पोतों वाली तक हो गईं, लेकिन नागरिकता नहीं मिल सकी। बताया गया कि शुरू में तो इन महिलाओं को 90 दिन का वीजा मिलता है, बाद में लॉग टर्न वीजा पर रह पूरी जिंदगी ही काट देती हैं। पूर्व के सालों में शाहजहांपुर में एक दो महिलाओं को भारत की नागरिकता मिल गई, लेकिन उसके लिए महिलाओं को सालों सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़े, तगड़ी पैरवी की, तब उन पर हिन्दुस्तानी होने की मुहर लगी, पर इस मुहर का 12 महिलाएं इंतजार कर रही हैं।

एक बेटी को भी है नागरिकता की दरकार

शाहजहांपुर के सदर बाजार क्षेत्र के रहने वाली एक लड़की का जन्म पाकिस्तान में हुआ था, उसकी मां ने उसे पाकिस्तान में जन्म दिया था। पर उसके पिता शाहजहांपुर के सदर बाजार क्षेत्र में रहते हैं, चूंकि जन्म पाकिस्तान में हुआ था, इसलिए मां के साथ उसकी बेटी को भी पाकिस्तानी माना गया, अब वह भी अपनी मां के साथ ही भारतीय नागरिकता के लिए आवेदक है।

15 में 7 पाकिस्तानी सदर क्षेत्र में

शाहजहांपुर में कुल पंद्रह पाकिस्तानी लॉग टर्न वीजा पर सालों से निवास कर रहे हैं। इसमें सबसे अधिक सात पाकिस्तानी शाहजहांपुर शहर के सदर बाजार क्षेत्र में निवास करते हैं। दो-दो कांट और चौक कोतवाली क्षेत्र में रहते हैं। बंडा, आरसी मिशन, पुवायां और तिलहर में एक-एक पाकिस्तानी रह रहे हैं। 

दो पाकिस्तानी शाहजहांपुर में कर रहे कारोबार

लॉग टर्न वीजा पर दो पाकिस्तानी शाहजहांपुर जिले में अब तो कारोबार तक करने लगे हैं। वह भी भारत की नागरिकता के लिए सालों पहले आवेदन कर चुके हैं, लेकिन यहां उन्हें स्थायी नागरिकता नहीं मिली तो लॉग टर्न  वीजा के सहारे वह जिंदगी ही काटने लगे हैं। पता लगा है कि दोनों पाकिस्तानी पुरुष अब शाहजहांपुर के सदर बाजार और पुवायां क्षेत्र  में कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने अपने घर तक बसा लिए हैं।  

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:12 Pakistani brides now desperate to become Hindustani waiting to get citizenship