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13 दिसंबर, 2019|10:59|IST

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जमुका हादसा: 17 लोगों की मौत बनकर लौटा था ट्रक

जमुका हादसा: 17 लोगों की मौत बनकर लौटा था ट्रक

1 / 3जमुका ट्रक हादसे में मंगलवार को 17 लोगों की मौत हुई। फिलहाल यह हादसा किसी के जेहन से निकलने वाला नहीं है। इस हादसे की जो कहानी सामने आई है, वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। चूंकि बताया गया कि...

जमुका हादसा: 17 लोगों की मौत बनकर लौटा था ट्रक

2 / 3जमुका ट्रक हादसे में मंगलवार को 17 लोगों की मौत हुई। फिलहाल यह हादसा किसी के जेहन से निकलने वाला नहीं है। इस हादसे की जो कहानी सामने आई है, वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। चूंकि बताया गया कि...

जमुका हादसा: 17 लोगों की मौत बनकर लौटा था ट्रक

3 / 3जमुका ट्रक हादसे में मंगलवार को 17 लोगों की मौत हुई। फिलहाल यह हादसा किसी के जेहन से निकलने वाला नहीं है। इस हादसे की जो कहानी सामने आई है, वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। चूंकि बताया गया कि...

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जमुका ट्रक हादसे में मंगलवार को 17 लोगों की मौत हुई। फिलहाल यह हादसा किसी के जेहन से निकलने वाला नहीं है। इस हादसे की जो कहानी सामने आई है, वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। चूंकि बताया गया कि ड्राइवर शराब भी पिए हुए था। उसके मन में लालच भी था। वह जल्दबाजी में था। वह अकेला भी था। अब 17 लोगों की मौत का जिम्मेदार ट्रक चालक जेल में है।

ट्रक नंबर एचआर-74-4839 में विमल गुटखा लदा था। ट्रक दिल्ली से गुवाहाटी जा रहा था। इस ट्रक का चालक बरेली के बिसारतगंज का त्रिलोकी था। त्रिलोकी ट्रक को लेकर अकेले ही चल पड़ा। साथ में हेल्पर भी नहीं था। लंबे रूट पर तमाम स्थानों पर टोल टैक्स पड़ता है। इस टोल को कैसे बचाया, इस पर त्रिलोकी ने अपने बांबे कुंडला ट्रांसपोर्ट के मुंशी से बात की। मुंशी ने उसे ऐसा रूट बताया, जिस पर टोल टैक्स कम पड़ते हैं। शाहजहांपुर आकर ट्रक को लेकर त्रिलोकी को मोहम्मदी रोड होते हुए लखीमपुर से बहराइच वाले रूट पर जाना था। पर बरेली की ओर से आकर ट्रक जमुका से अटसलिया और वहां से बाईपास होते हुए मोहम्मदी रोड पर नहीं गया। त्रिलोकी ट्रक लेकर रोजा होते हुए जमुका दोराहे को पार करते हुए बनतारा की ओर चला गया। आगे जाकर त्रिलोकी को लगा कि वह रास्ता भटक गया है, तब उसने लोगों से हरदोर्ई रोड के बारे में पूछा, लोगों ने ट्रक चालक त्रिलोकी को बताया कि वह तो आगे निकल आया है। बताया गया कि वह जिधर से आया है, उधर ही करीब आठ किलोमीटर पीछे जाकर हरदोई रोड पर जाना होगा।

80 की स्पीड...फिर अनहोनी होती भी क्यों नहीं

ट्रक को त्रिलोकी ने मोड़ा, उसने फिर से वापसी के लिए दौड़ लगा दी। त्रिलोकी को टाइम कवर करना था, इसलिए वह एक्सीलेटर पर पैर दबाता ही चला गया। स्पीड 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रही होगी। ट्रक सीतापुर की ओर से रोजा की ओर धड़धड़ाता हुआ आ रहा था। त्रिलोकी के दिमाग में यही चल रहा था कि वह किसी तरह से जल्दी से जल्दी हरदोई रोड पर पहुंच जाए। उसके ट्रक में हेल्पर भी नहीं था, इसलिए दूसरी साइड देख ही नहीं पा रहा था। ट्रक के आगे यूपी 27 टी 5205 नंबर का टैंपो चल रहा था, उस टैंपो को त्रिलोकी ने देखा ही नहीं और उसमें ट्रक की साइड लग गई। साइड लगते ही टैंपो खाई में पलट गया। इधर, टैंपो में साइड लगने के बाद त्रिलोकी डर गया। इस डर में उसने अपना स्टेयरिंग काटा। स्टेयरिंग काटने के दौरान ट्रक दूसरी साइड में चला गया। इस दौरान दोराहे पर रोजा की ओर से आए छोटे हाथी वाहन को ट्रक ने टक्कर मार दी। पहले टैंपो, फिर छोटा हाथी को टक्कर लगने के बाद ट्रक चालक त्रिलोकी नियंत्रण खो बैठा, फिर ट्रक वहीं छोटा हाथी पर ही पलट गया।

हादसे के बाद चलाया तेज दिमाग

टक्कर लगने से टैंपो खाई में पलट चुका था। उसमें कई लोग दबे थे। बाद मेंं छोटा हाथी और उसमें सवार लोगों पर ट्रक पड़ा हुआ था। एक साथ आई मुसीबत के बाद ट्रक चालक त्रिलोकी का दिमाग तेजी से काम करने लगा। ट्रक पलटने से पहले ही त्रिलोकी कूद गया था। उसने पीछे की ओर देखा ही नहीं, बस भागता ही रहा। इसके बाद देरशाम पुलिस ने ट्रक नंबर के जरिए मालिक से संपर्क किया। मालिक को पूरी बात तो त्रिलोकी ने ही बता दी थी। मालिक के कहने पर त्रिलोकी पुलिस के हाथ आया। अब त्रिलोकी पुलिस के पास है। उसके खिलाफ रोजा थाने में मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने त्रिलोकी का मेडिकल भी कराया है। उसका ब्लड सैंपल जांच के लिए मुरादाबाद फोरेंसिक लैब में भेजा गया है। एसएसओ अशोक पाल सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता लगा है कि त्रिलोकी शराब पिए हुए था। बाकी आधिकारिक तौर पर शराब पीने वाली बात लैब से रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता हे।

ब्रेक और एक्सीलेटर एक साथ दबाया

जमुका हादसे के आरोपी ट्रक चालक त्रिलोकी को एहतियात के तौर पर रोजा थाने में नहीं रखा गया। उसे सदर बाजार थाने के लॉकअप में रखा गया। त्रिलोकी ने बताया कि जब टैंपो को टक्कर मारी तो सामने आ रहे छोटा हाथी को बचाने के लिए उसने एक साथ ब्रेक और एक्सीलेटर को दबा दिया। इस कारण ट्रक एकदम से अनियंत्रित होकर पलट गया। बोला छोटा हाथी के सामने आते ही उसे कुछ समझ नहीं आया और उसने उसे बचाने के लिए एक साथ ब्रेक और एक्सीलेटर दबा दिया।

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