एक शिकायत, सात विवेचक, रामगंगा में दफन लॉ छात्रा की हत्या का तीन साल बाद खुलासा
शाहजहांपुर की लॉ छात्रा की हत्या का खुलासा करते हुए आरोपी वकील को जेल भेज दिया गया है। अगस्त 2023 में कचहरी से लापता हुई छात्रा की हत्या उसके ही साथी वकील ने अपने सहयोगी के साथ मिलकर की थी। उसने शादी का झांसा देकर छात्रा से संबंध बनाए थे, लेकिन अपनी शादी के बाद विवाद बढ़ने पर वारदात को अंजाम दिया।

कचहरी से लापता हुई यूपी की शाहजहांपुर की लॉ छात्रा की हत्या में तीन साल बाद पुलिस ने आरोपी वकील को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। वकील ने अपने साथी के साथ मिलकर छात्रा की हत्याकर उसके शव को रामगंगा नदी में फेंक दिया था। मामले के सातवें विवेचक क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर इंद्र कुमार ने वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी वकील को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया है। वकील ने छात्रा को जज बनाने के सपने दिखाए। किराए के कमरे पर रखकर शारीरिक शोषण किया। वकील के कहीं और शादी करने पर मामाला बिगड़ गया। छात्रा ने शादी का दबाव बनाया तो सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया था।
मां ने दर्ज कराई थी नामजद शिकायत
शाहजहांपुर में थाना खुदागंज के गांव में रहने वाली महिला ने सात अगस्त 2023 को कोतवाली में सुभाषनगर के रामचंद्रपुरम निवासी वकील यश साहू और पंचशीलनगर निवासी गौरव कुमार सिंह के खिलाफ अपनी बेटी को गायब करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला का कहना था कि उनकी बेटी लॉ की छात्रा थी और कचहरी पर दोनों वकीलों के साथ प्रैक्टिस करती थी। उसका गौरव के साथ रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद था।
आरोप लगाया कि पांच अगस्त 2023 को गौरव और यश साहू ने उनकी बेटी को रुपये देने के लिए कचहरी बुलाया और फिर उससे कोई संपर्क नहीं हुआ। इस मुकदमे की विवेचना कर रहे क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर इंद्र कुमार ने सोमवार शाम मुख्य आरोपी गौरव सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में गौरव ने बताया कि उसने अपने साथी यश साहू के साथ घटना वाले दिन कचहरी पर बुलाया। फिर वे दोनों रुपये देने के बहाने उसे कार में बैठाकर रामगंगा ले गए और गला दबाकर हत्या करने के बाद शव नदी में फेंककर चले गए।
पुलिस ने मंगलवार को गौरव को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। इस मामले में विवेचक ने दोनों आरोपियों के गैर जमानती वारंट जारी कराए थे। इस पर दोनों आरोपी अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट गए। मगर पुलिस की पैरवी के चलते गौरव की याचिका खारिज कर दी गई। दूसरे आरोपी यश साहू को 24 अप्रैल 2026 से 30 दिन तक गिरफ्तारी का स्टे दिया गया है। इस बीच उसे सरेंडर करने या फिर जमानत कराने का आदेश जारी किया गया है।
इस तरह हुआ घटना का खुलासा
विवेचक इंस्पेक्टर इंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले में इलेक्ट्रॉनिक समेत अन्य तरह के साक्ष्य जमा किए गए। जांच में सामने आया कि छात्रा के गौरव साहू से संबंध हो गए थे और शादी का वादा करके उसने शारीरिक संबंध भी स्थापित कर लिए थे। छात्रा को गौरव ने ही बरेली में कमरा किराये पर दिलाया था, जहां वह आता-जाता था। छात्रा के गर्भवती होने पर उसने गर्भपात कराया। पूछताछ में गौरव ने ये सारी बातें स्वीकार की हैं।
यह भी सामने आया है कि गौरव ने ही छात्रा का बैंक खाता खुलवाया और लॉ कॉलेज में एडमिशन दिलाया था। ये सब साक्ष्य सामने आने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी की गई तो उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली, जिसके बाद मुकदमे में अपहरण, हत्या, साक्ष्य मिटाने और षडयंत्र रचने की धारा भी बढ़ा दी गई है।
वकील और जज बनाने का झांसा देकर आया नजदीक
जांच में सामने आया कि छात्रा से संपर्क होने पर गौरव ने वर्ष 2018 में अपने घर के पास उसे कंप्यूटर कोर्स में एडमिशन दिला लिया। इसके बाद वह छात्रा के नजदीक आ गया और उसे वकील व जज बनवाने की बात कही। उसने छात्रा का निजी लॉ कॉलेज में एडमिशन कराया और पहले सेमेस्टर की फीस भी खुद जमा की। इसके बाद उसने छात्रा को पीएसजे की कोचिंग भी कराई। दोनों के बीच सबकुछ ठीक चल रहा था।
इसी बीच, 2023 में वकील की शादी हो गई तो उसने छात्रा के कमरे पर जाना बंद कर दिया। इस पर वह शादी का दबाव बनाने लगी। मना करने पर उसने शादी का झांसा देकर रेप का आरोप लगाते हुए आईजीआरएस पर शिकायत कर दी। इससे उन दोनों के संबंध उजागर हो गए और पत्नी से विवाद हो गया। उसने छात्रा से शिकायत वापस लेने को कहा लेकिन वह तैयार नहीं हुई तो उसने छात्रा को ठिकाने लगाने का मन बना लिया और फिर पांच अगस्त 2023 को हत्या कर दी।
विवेचक पर रिपोर्ट लिखाने को कोर्ट में शिकायत
इंस्पेक्टर इंद्र कुमार इस मामले के सातवें विवेचक हैं, जिन्होंने मुख्य आरोपी गौरव का गिरफ्तार कर जेल भेजा है। सबसे पहले इस मामले की विवेचना कोतवाली के एसआई जयचंद को मिली। इसके बाद एसआई अजीत कुमार व धीरेंद्र कुमार ने जांच की और 29 मार्च 2024 को एसएसपी ने इसे क्राइम ब्रांच ट्रांसफर कर दिया। वहां इंस्पेक्टर श्रवण कुमार, अवनीश यादव और संजय धीर के बाद इंद्र कुमार को विवेचना सौंपी गई। इंद्र कुमार ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की तो उन पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाकर कोर्ट में 156(3) की अर्जी डाल दी, जिसे तीन अप्रैल 2026 को खारिज कर दिया गया।
इंस्पेक्टर इंद्र कुमार के अनुसार शाहजहांपुर की लॉ छात्रा की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। करीब पौने तीन साल पुराने इस मामले का खुलासा कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है। दूसरे आरोपी के खिलाफ भी कार्रवाई कराई जा रही है।
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Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


