शाहीन की यूपी में कश्मीर की तरह मुहिम, तैयार कर रही थी कट्टरपंथी डॉक्टरों का माड्यूल
दिल्ली ब्लास्ट और फरीदाबाद विस्फोटकों की बरामदगी की जांच में एक के बाद एक कई खुलासे हो रहे हैं। आतंकी गर्ल फ्रेंड के रूप में गिरफ्तार शाहीन कश्मीर माड्यूल की तरह यूपी में कट्टरपंथी पेशेवर डॉक्टरों को जोड़ रही थी। दो माह पहले इसी इरादे से लखनऊ में थी, सहारनपुर में ट्रेनिंग दी गई थी।

दिल्ली विस्फोट की जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पाकिस्तान में बैठे आकाओं ने डा. शाहीन को यूपी में जम्मू-कश्मीर की तरह डाक्टरों का माडयूल तैयार करने की जिम्मेदारी दी थी। वह कानपुर, सहारनपुर और लखनऊ समेत कई जिलों के डाक्टरों की मदद से अपने इस मिशन में लगी हुई थी। माना जा रहा है कि लखनऊ में वह अपने भाई डा. परवेज और उनके संपर्क में रहने वाले डाक्टरों से भी इसी को लेकर बातचीत करती रही।
डा शाहीन का मिशन आगे बढ़ता, इससे पहले हथियारों के साथ उसकी कार फरीदाबाद पुलिस के हाथ लग गई और उसे जम्मू-कश्मीर पुलिस व दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने पकड़ लिया। एटीएस सूत्रों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर पुलिस उससे, डा. परवेज और डा. आदिल समेत कई लोगों से लगातार पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि शाहीन अब टूट रही है। उसने उन कई सवालों का जवाब देना शुरू कर दिया है जिनसे वह बच रही थी।
परवेज के साथ आमना-सामना कराए जाने पर भी कई सच सामने आए। उसने इतना जरूर कुबूला कि वह भाई के परिचित डाक्टरों से अपना संपर्क बढ़ा रही थी। इसका मकसद पूछने पर उसने गोलमोल जवाब दिया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस से अभी तक मिले इनपुट के आधार पर एटीएस ने कई लोगों को रडार पर लिया है। इन जानकारियों को एनआईए से भी साझा किया गया है।
शाहीन के नेटवर्क को एनआईए भी पता कर रही
जम्मू-कश्मीर और यूपी एटीएस ने डा. शाहीन और उसके भाई डा. परवेज अंसारी के बारे में कई जानकारियां जुटा ली थी, लेकिन एनआईए अब नए सिरे से इस बारे में अपनी पड़ताल कर रही है। उसने मोबाइल की कॉल डिटेल और बैंक खातों के लेन-देन के आधार पर कई लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। एनआईए हर उस व्यक्ति से पूछताछ करने का प्रयास कर रही है, जो दिल्ली विस्फोट से कुछ दिन पहले और बाद में डा. शाहीन व परवेज के करीबियों के संपर्क में रहा हो। इस कड़ी में वह 50 से अधिक लोगों से पूछताछ भी कर चुकी है।
तीन टीमें लखनऊ, कानपुर और सहारनपुर में
एनआईए की तीन टीमें लखनऊ, कानपुर और सहारनपुर में डेरा डाले हुए है। ये टीमें लगातार शक के दायरे में आए लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही यह भी पता कर रही है कि कौन-कौन ऐसे लोग है जिनका एक दूसरे से लगातार संपर्क बना रहा।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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