6 दिन से थाने में रखा है ITBP जवान के मां का कटा हाथ, CMO के आदेश के इंतजार में पुलिस

प्रमुख संवाददाता, कानपुर
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कानपुर में ITBP जवान की मां के कटे हाथ के प्रकरण में  पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच तो शुरू कर दी है। लेकिन छह दिन पहले सील किए गए हाथ को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। कटा हुआ हाथ मालखाने में रखा हुआ है। जांच के लिए उसे कहां भेजा जाए, पुलिस सीएमओ के आदेश का इंतजार कर रही है।

severed hand of the ITBP jawan mother has been kept in the police station storehouse for the last six days

UP News: यूपी के कानपुर में आईटीबीपी जवान की मां के कटे हाथ के प्रकरण में रेल बाजार पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच तो शुरू कर दी है लेकिन छह दिन पहले सील किए गए हाथ को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। कटा हुआ हाथ रेल बाजार पुलिस के मालखाने में रखा हुआ है। जांच के लिए उसे कहां भेजा जाए, पुलिस सीएमओ के आदेश का इंतजार कर रही है।

महाराजपुर आईटीबीपी की 32वीं वाहिनी में तैनात जवान विकास सिंह की मां निर्मला देवी की 13 मई को अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी, साथ ही हार्ट की भी समस्या थी। विकास ने मां को कृष्णा हास्पिटल में भर्ती कराया। उनके स्वास्थ्य में तो सुधार आया लेकिन दाहिना हाथ काला पड़ने लगा। विकास मां को पारस हॉस्पिटल ले गए। जहां 17 मई को उनकी मां का हाथ काटना पड़ा। इस कटे हुए हाथ को लेकर विकास पहले रेल बाजार फिर एडीसीपी पूर्वी और 19 मई को कमिश्नरेट पहुंचे थे।

पुलिस आयुक्त के संज्ञान लेने के बाद सीएमओ के आदेश पर रेलबाजार पुलिस ने 20 मई को विकास सिंह से हाथ लेकर सील किया और उसे सीएमओ के आदेश के इंतजार में थाने के मालखाने में रखवा दिया गया। सीएमओ ने हिस्टोपैथोलॉजी की जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजने की बात कही लेकिन छह दिन बाद भी रेलबाजार थाने से मेडिकल कॉलेज की करीब आठ किमी की दूरी तय नहीं की जा सकी। रेलबाजार थाना प्रभारी ने बताया कि हाथ अभी भी मालखाने में हैं। सीएमओ के आदेश का इंतजार किया जा रहा था। अफसरों से निर्देश लेकर निर्णय लिया जाएगा।

लिखित सहमति के बाद किया था ऑपरेट

इस प्रकरण में मंगलवार को पारस हॉस्पिटल की ओर से यूनिट हेड सेल्स एंड मार्केटिंग नितिन सारस्वत की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा गया कि परिजनों की सहमति के बाद ही 17 मई को निर्मला देवी के दाहिने हाथ को अलग किया गया था। पूरी प्रक्रिया मेडिकल प्रोटोकॉल और मानक उपचार प्रक्रियाओं के तहत की गई। अस्पताल प्रबंधन मरीज और उनके परिवार से लगातार संपर्क में है। मरीज की स्थिति स्थिर है और स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। मामला जांच के अधीन है और अस्पताल प्रशासन पूरी तरह सहयोग कर रहा है।

मां का हाथ काटने के बाद बेटे को क्यों दिया

विकास की मां का हाथ काटने के बाद पारस हॉस्पिटल ने उन्हें सौंप दिया। बड़ा सवाल है कि आखिर यह बड़ी चूक क्यों की गई? अस्पतालों के लिए साफ नियम हैं कि काटे गए अंग को जांच को भेजने के लिए सील किया जाए या उसे बायोमेडिकल वेस्ट के रूप में निस्तारित कराया जाए। इस प्रकरण में ऐसा कुछ भी नहीं किया गया। पुलिस आयुक्त ने बताया कि अस्पताल ने पूछताछ में अपनी गलती मानी है। ऐसे में सीएमओ ने भी नोटिस देकर पूछा है कि आखिर ऐसा क्यों किया गया।

मुकदमा दर्ज होने के बाद डॉक्टरों की तलाश शुरू

कृष्णा और पारस अस्पताल के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद रेलबाजार पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को वादी के साथ पुलिस ने दोनों अस्पतालों में जाकर जांच पड़ताल की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज को पेन ड्राइव में सुरक्षित कर लिया गया है। इसके साथ ही इलाज संबंधी दस्तावेज भी जुटाए गए हैं। पुलिस ने नोटिस जारी कर बयान दर्ज करने के लिए भी बुलाया है ताकि लापरवाही करने वाले डॉक्टर की तलाश की जा सके।ृ

Pawan Kumar Sharma

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Pawan Kumar Sharma

पवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।

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