यूपी में 24 घंटे में दूसरा बड़ा एनकाउंटर, एक लाख के इनामी शूटर सर्वजीत को मुठभेड़ में मार गिराया
यूपी में 24 घंटे में दूसरा बड़ा एनकाउंटर हुआ है। पीलीभीत में एक लाख के इनामी शूटर सर्वजीत को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। बिलसंडा में देर रात पुलिस से हुई मुठभेड़ में खीरी का कुख्यात ढेर हुआ है। इससे पहले लखनऊ में प्रापर्टी डीलर के हत्यारे एक लाख के इनामी शूटर संजय को मार गिराया गया था।

लखनऊ में प्रापर्टी डीलर के हत्यारे एक लाख के इनामी शूटर संजय उर्फ संजू को एनकाउंटर में ढेर करने के 24 घंटे के अंदर ही पुलिस ने पीलीभीत में एक लाख के इनामी सर्वजीत उर्फ शिवम को मार गिराया है। सर्वजीत ने 28 मई की शाम करीब पांच बजे बमरौली तिराहे पर कपड़ा व्यापारी पप्पू गुप्ता की हत्या कर दी थी। एडीजी ने हत्यारोपी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। 23 वर्षीय सर्वजीत हत्या, गैंगस्टर समेत दर्जनभर मामलों में वांछित था। मुठभेड़ में एसओजी के एसआई उमेश त्यागी और सिपाही हरेंद्र कुमार भी घायल हुए हैं।
एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि सटीक सूचना के बाद बदमाश की घेरेबंदी की गई थी। उसने घेरेबंदी से बचने के लिए फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में इनामी बदमाश सर्वजीत की मौत हो गई है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। परिजनों को सूचना दे दी गई है। खीरी के कुख्यात बदमाश के कब्जे से एक सेमी पिस्टल, तमंचा और कारतूस बरामद हुआ है। हत्याकांड में अब तक पांच शूटर समेत कई आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं और एक ने कोर्ट में सरेंडर किया है।
20 हजार की सुपारी लेकर दिनदहाड़े सड़क पर थी व्यापारी की हत्या
बमरौली तिराहे पर कपड़ा व्यापारी पप्पू गुप्ता की दिनदहाड़े हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया था। 28 मई की शाम हुई इस वारदात में जिस शूटर सर्वजीत उर्फ शिवम का नाम सामने आया, वह आखिरकार शनिवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। करीब एक महीने तक फरार रहे इस इनामी बदमाश की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी।
शनिवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि सर्वजीत बिलसंडा क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद शीतलपुर मरौरी के पास घेराबंदी की गई। पुलिस के अनुसार खुद को घिरता देख आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से एसओजी के एसआई उमेश त्यागी और सिपाही हरेंद्र कुमार घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में सर्वजीत मारा गया। पुलिस ने मौके से एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक सर्वजीत शातिर अपराधी था और उसके खिलाफ हत्या, लूट, गैंगस्टर समेत 12 से अधिक मुकदमे दर्ज थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्याकांड की जड़ पारिवारिक रंजिश थी। पुलिस की छानबीन में पंकज कटियार ने आरोप लगाया था कि उसका अपने ससुराल पक्ष से विवाद चल रहा था और उसे लगातार धमकियां मिल रही थीं। पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी रमेश चंद्र कटियार ने खुलासा किया था कि उसने अपने दामाद पंकज को डराने और सबक सिखाने के लिए 20 हजार रुपये में सर्वजीत को सुपारी दी थी। घटना वाले दिन पंकज अपने भाई श्यामसुंदर की साइकिल दुकान पर मित्र पप्पू गुप्ता के साथ बैठा था। इसी दौरान हथियारों से लैस बदमाश वहां पहुंचे और पंकज पर हमला कर दिया। पप्पू गुप्ता बीच-बचाव में आए तो बदमाशों ने उनके सीने में गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल पप्पू की मौत हो गई थी।
खुलासे के लिए गठित की गई थी पांच टीमें
वारदात के बाद पुलिस ने पांच टीमें गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। डीआईजी अजय साहनी और एसपी सुकीर्ति माधव की निगरानी में एसओजी और स्थानीय पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस ने पांच शूटर समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। शाहजहांपुर के एक आरोपी आदित्य ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्याकांड में शामिल बाकी आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


