काम की बात: स्कूटी के साथ छात्राओं को हेलमेट, एसेसरीज और पेट्रोल भी देगी योगी सरकार, ऐसे होगा चयन
Scooty Scheme: योगी कैबिनेट ने मंगलवार को छात्राओं के लिए स्कूटी योजना को मंजूरी दे दी। इस साल 50 हजार छात्राओं को स्कूटी बांटी जाएगी। पिछले साल ग्रेजुएशन करने वाली छात्राओं में से चयन किया जाएगा।

Scooty Scheme: यूपी की योगी सरकार ने मंगलवार को अपनी महत्वाकांक्षी रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को मंजूरी दे दी। कैबिनेट की बैठक में लाए गए 18 प्रस्तावों के साथ ही स्नातक पास करने वाली छात्राओं को स्कूटी के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है। इस साल प्रदेश की 50 हजार छात्राओं को स्कूटी देने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी खरीद के लिए तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। माना जा रहा है कि अगले महीने से इनका वितरण शुरू कर दिया जाएगा। स्कूटी के साथ ही आईएसआई मार्का वाला हेलमेट, सभी एसेसरीज और चार लीटर पेट्रोल भी सरकार अपनी तरफ से देगी। पिछले बजट में ही स्कूटी के लिए करीब 400 करोड़ रुपए का आवंटन कर दिया गया था।
किन छात्राओं को मिलेगी स्कूटी
योगी कैबिनेट की बैठक के बाद प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने स्कूटी योजना के बारे में विस्तार से बताया। मंत्री के अनुसार योजना के अंतर्गत सरकारी विश्वविद्यलयों, निजी विश्वविद्यालयों, इन विश्वविद्यलयों से जुड़े कॉलेज, एडेड कॉलेज, स्ववित्त पोषित कॉलेज सभी को रखा गया है। इन संस्थान से पिछले साल यानी 2025-26 में ग्रेजुएशन करने वाली टॉप पांच प्रतिशत छात्राओं को स्कूटी मिलेगी। छात्राओं को यूपी का निवासी होना भी जरूरी किया गया है।
रजिस्ट्रेशन और बीमा भी सरकार कराकर देगी
मंत्री ने बताया कि सरकार की तरफ से स्कूटी के साथ ही आईएसआई मार्का वाला हेलमेट, एसेसरीज, पांच लीटर पेट्रोल के साथ ही आरटीओ में रजिस्ट्रेशन और बीमा भी सरकार ही कराकर देगी। यानी स्कूटी हासिल करने वाली किसी छात्रा को कोई खर्च नहीं करना होगा।
12 लाख तक होनी चाहिए परिवार की वार्षिक आय
मंत्री के अनुसार स्कूटी ऐसी छात्राओं को ही दिया जाएगा जिनकी पारिवारिक आय 12 लाख रुपए तक होगी। केवल निराश्रित, दिव्यांग और शहीद परिवारों की बेटियों की मेरिट नहीं देखी जाएगी। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर स्कूटी दी जाएगी।
पेट्रोल वाली स्कूटी ही क्यों
आज जब सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा और रियायतें दे रही है, ऐसे में छात्राओं को क्यों पेट्रोल स्कूटी दी जा रही है। इसका कारण भी मंत्री ने बताया है। मंत्री ने कहा कि काफी संख्या में छात्राएं दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से पढ़ने आती हैं। हर जगह पर अभी इलेक्ट्रिक वाहनों का सर्विस सेंटर नहीं है। इसके साथ ही चार्जिंग सेंटर भी उस अनुपात में अभी नहीं हैं। जबकि पेट्रोल हर जगह मिल जाता है। ऐसे में छात्राओं की सुविधा को देखते हुए पेट्रोल स्कूटी देने का फैसला किया गया है।
छात्राओं को स्कूटी के पीछे क्या है मंशा
उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण और उच्च शिक्षा में होनहार बेटियों के ड्रापआउट दरों को कम करने के लिए सरकार इस योजना को लेकर आई है। इससे होनहार बेटियां उच्च शिक्षा हासिल करने की ओर अग्रसित होंगी। उच्च शिक्षा संस्थानों तक उनकी पहुंच भी आसान हो सकेगी। मंत्री ने बताया कि जेम पोर्टल से जल्द ही स्कूटी की कंपनी का चयन कर लिया जाएगा। चयन होते ही इसके वितरण की तारीख का भी ऐलान कर दिया जाएगा।


