
यूपी के इस जिले में बढ़ी छुट्टी, डीएम ने 12 वीं तक के स्कूलों को 20 जनवरी तक किया बंद
परिषदीय विद्यालयों में 31 दिसम्बर 2025 से चल रहा शीतावकाश 14 जनवरी 2026 को खत्म हो गया है। इस बीच मौसम भी कुछ-कुछ खुशनुमा हुआ है। कई जिलों में दिन में धूप खिलने लगी है। स्कूल भी 16 से खुल जाएंगे। लेकिन प्रदेश का एक जिला ऐसा है जहां 20 जनवरी तक स्कूल नहीं खुलेंगे।
यूपी में कड़ाके की ठंड के चलते पिछले कुछ दिनों से बार-बार स्कूलों को बंद करना पड़ रहा था लेकिन अब मौसम कुछ-कुछ खुशनुमा हो गया है। कई जिलों में दिन में धूप खिलने लगी है, ऐसे में मकर संक्रांति की छुट्टी के बाद 16 जनवरी से स्कूल खोलने की तैयारी है। परिषदीय विद्यालयों में 31 दिसम्बर 2025 से चल रहा शीतावकाश भी 14 जनवरी 2026 को खत्म हो गया है। लिहाजा, 16 जनवरी तक प्राइमरी से लेकर इंटर तक के स्कूलों में चहल-पहल लौट आएगी। लेकिन प्रदेश का एक जिला ऐसा है जहां 16 जनवरी को स्कूल नहीं खुलेंगे। यह जिला है प्रयागराज, जहां डीएम के निर्देश पर बुधवार को जिला विद्यालय निरीक्षक पीएन सिंह ने एक आदेश जारी कर 16 जनवरी से 20 जनवरी तक कक्षा एक से कक्षा 12 तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किए जाने की जानकारी दी। साथ ही कहा कि इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। बता दें कि इसके पहले जिले में ठंड के चलते आठवीं तक के स्कूलों को 15 जनवरी तक बंद किया गया था।
आदेश में बताया गया है कि प्रयागराज के जिलाधिकारी (DM) ने जिले में माघ मेला के प्रमुख स्नान पर्वों मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के कारण होने वाली भीड़-भाड़, यातायात में कठिनाई और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिगत जिले में संचालित सभी बोर्डों के कक्षा एक से 12 वीं तक के विद्यालयों में 16 जनवरी 2026 से 20 जनवरी 2026 तक अवकाश रखने का आदेश दिया है।
मकर संक्रांति का स्नान कल, बना विशेष संयोग
इस बार मकर संक्रांति (खिचड़ी) का मान 14 और 15 जनवरी को रहेगा। भगवान भास्कर बुधवार की रात 9:39 बजे मकर राशि में प्रवेश के साथ उत्तरायण होंगे। शास्त्रों की मानें तो यदि प्रदोष काल के बाद रात में किसी भी समय संक्रांति लगती है तो उसका पुण्य काल दूसरे दिन तक होता है। स्वामी नरोत्तमानंद गिरि वेद विद्यालय, झूंसी के आचार्य ब्रज मोहन पांडेय ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार जब संक्रांति सूर्यास्त के बाद रात्रिकाल में होती है, तब उसका पुण्यकाल संक्रांति के समय से 16 घंटे आगे तक माना जाता है। इसी आधार पर इस वर्ष 15 जनवरी को मकर संक्रांति पर्व मनाया जाएगा। पर्व के दिन सूर्योदय से लेकर दोपहर 1:39 बजे तक स्नान-दान का विशेष पुण्यकाल रहेगा। आचार्य ने बताया कि संयोगवश इसी दिन माघ मास की तिल द्वादशी भी है।
संगम नगरी में उमड़े श्रद्धालु
मकर संक्रांति के अवसर पर पावन त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं का संगमतट आने का क्रम मंगलवार से ही शुरू हो गया था। पूरे दिन मेला क्षेत्र में भीड़ को देखते हुए डायवर्जन लागू किया गया और लोग अपने सामान बांधे करीबियों के शिविर में दाखिल होते रहे। प्रशासनिक अफसरों का अनुमान है कि मंगलवार को ही 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य स्नान किया जबकि 14 और 15 जनवरी को पर्व के दिन यह आंकड़ा एक करोड़ के पार हो सकता है।





