गेहूं क्रय केंद्र पर अभी नहीं पहुंच रहे किसान
Apr 07, 2026 10:00 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, संतकबीरनगर
Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर में गेहूं खरीद की तैयारियां पूरी हो गई हैं, लेकिन खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। 63 क्रय केन्द्र बनाए गए हैं, लेकिन किसानों को बोरा न होने के कारण वापस लौटना पड़ रहा है। अब तक 2300 से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया है, लेकिन खरीद शुरू न होने से उन्हें प्राइवेट व्यापारियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में गेहूं खरीद की तैयारियां पूरी कर खरीद के लिए सक्रिय कर दिया गया है। किसानों को बिक्री की सुविधा देने के लिए 63 क्रय केन्द्र बनाए गए हैं। पर अभी तक किसी भी क्रय केन्द्र पर खरीद शुरू नहीं हो पाई है। बिक्री के लिए पंजीकरण कराया जा रहा है। अब 2300 से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया है। इनका सत्यापन हो रहा है। केन्द्रों की हालत है किसान जानकारी कर वापस जा रहे हैं। मौसम की दिक्कतों से मड़ाई के पूरी तरह से रफ्तार न पकड़ पाने से अभी गेहूं नहीं आ रहा है। वहीं कुछ स्थानों किसान पहुंच भी रहे हैं तो बोरा न होने के कारण खरीद शुरू न हो पाने की समस्या सामने आ रही है। हिन्दुस्तान ने केन्द्रों की पड़ताल की तो ये स्थितियां सामने आईं।
नाथनगर क्षेत्र के हरिहरपुर स्थित गेहूं क्रय केंद्र पर व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित थीं। पर खरीद नहीं हो रही थी। केंद्र प्रभारी हरिहर पाठक के नेतृत्व में सहयोगी जियाऊ समेत अन्य कर्मचारी मुस्तैदी से डटे रहे। शासन के निर्देशानुसार केंद्र पर किसानों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं। केंद्र पर किसानों के लिए पेयजल, तौल के लिए इलेक्ट्रॉनिक कांटा, साफ-सफाई, बोरी तथा समय पर भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन प्रणाली उपलब्ध कराई गई है। साथ ही किसानों की सहायता के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जिससे किसी भी प्रकार की परेशानी का तुरंत समाधान हो सके। हालांकि वर्तमान समय में अधिकांश किसानों की गेहूं की फसल अभी खेतों में खड़ी है, जिसके चलते केंद्र पर किसान नहीं पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद अब तक लगभग 200 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए अपना पंजीकरण करा लिया है। केंद्र प्रभारी ने बताया कि जैसे-जैसे कटाई का कार्य तेज होगा वैसे-वैसे केंद्र पर किसानो के फसल लेकर पहुंचने की उम्मीद है।
बोरा न होने से अब तक नहीं शुरू हो सकी गेहूं खरीद, किसान लगा रहे केंद्र का चक्कर
मेंहदावल क्षेत्र में गेहूं खरीद सत्र शुरू होने के बावजूद अब तक सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीददारी शुरू नहीं हो सकी है। इसका मुख्य कारण केंद्रों पर बोरे (गोदाम बैग) की कमी बताया जा रहा है। बोरा उपलब्ध न होने से खरीद प्रक्रिया पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। क्षेत्र के कई किसानों ने पहले ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर अपने गेहूं को सरकारी केंद्रों पर बेचने की तैयारी कर ली है, लेकिन खरीद शुरू न होने से उन्हें बार-बार केंद्र का चक्कर लगाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि प्रतिदिन वे उम्मीद लेकर केंद्र पहुंचते हैं, लेकिन बोरा उपलब्ध न होने की बात कहकर उन्हें वापस लौटा दिया जाता है। किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि बाजार में प्राइवेट व्यापारियों द्वारा गेहूं का दाम सरकारी समर्थन मूल्य से करीब 300 रुपये प्रति क्विंटल तक कम दिया जा रहा है। ऐसे में किसान मजबूरी में सस्ते दाम पर फसल बेचने को तैयार नहीं हैं और सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही बोरे की व्यवस्था नहीं की गई तो उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। गेहूं की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है और भंडारण की समस्या भी सामने आने लगी है। कई किसानों के पास सुरक्षित रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिससे फसल खराब होने का खतरा भी बना हुआ है। क्रय केंद्र से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि बोरे की आपूर्ति उच्च स्तर से की जाती है और जल्द ही इसकी उपलब्धता सुनिश्चित कर खरीद शुरू कर दी जाएगी। जैसे ही बोरे उपलब्ध होंगे, प्राथमिकता के आधार पर पंजीकृत किसानों से गेहूं की खरीद की जाएगी।
केंद्र पर बोरा नहीं होने से लौट रहे किसान
विकास खंड सेमरियावां के टेमा रहमत क्रय केंद्र खुलने के बाद अब तक बोरी नहीं होने से खरीदारी नहीं हो पाई किसान आकर नंबर लगाकर वापस लौट रहे हैं। जिससे किसान परेशान दिखाई पड़ रहे हैं। टेमा रहमत क्रय केंद्र पर बोरी उपलब्ध न होने के कारण गेहूं की खरीद ठप है। किसानों को वापस लौटना पड़ रहा है। किसान इस स्थिति से परेशान हैं। रसद विभाग द्वारा सरकार के निर्देश पर यह क्रय केंद्र खोला गया है। किसानों को यहां गेहूं बेचने के लिए सरकारी पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। क्रय केंद्र प्रभारी आनंद दुबे ने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर एक अप्रैल से केंद्र पर गेहूं की खरीद शुरू होनी थी। हालांकि, केंद्र पर बोरी नहीं पहुंचने के कारण अभी तक किसानों से खरीददारी नहीं हो पा रही है। केंद्र पर पहुंचे किसान सर्वजीत और राम बचन चौरसिया ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि अभी तक केंद्र पर गेहूं की तौल नहीं हो रही है। उन्हें केवल नंबर लगाकर घर वापस भेजा जा रहा है, जिससे उनका समय और मेहनत दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
गेहूं क्रय केंद्रों पर बोरे नहीं वापस लौट रहे किसान
पौली क्षेत्र में सरकार ने भले ही एक अप्रैल से ही गेहूं की खरीद का निर्देश दिया है लेकिन क्रय केंद्रों की स्थिति बदहाल है। पौली क्षेत्र में किसानों की गेहूं खरीद के लिए पौली प्रथम व पौली द्वितीय क्रय केन्द्र बनाए गए हैं। किसान हरिनाथ, भजुराम और राम दरस ने बताया कि गेहूं मड़ाई कर घर रखा हुआ है। क्रय केंद्र पर जाने पर मालूम हुआ कि अभी बोरा केंद्र पर नहीं आया है। केंद्र प्रभारी एसएमआई राजेश गौतम ने बताया कि अभी किसान गेहूं कटवाने में लगे हुए हैं। खरीदारी जल्द से जल्द शुरू हो जायेगी।
सरकारी खरीद ठप, किसान प्राइवेट व्यापारियों पर निर्भर
बेलहर क्षेत्र के सरकारी खरीद केंद्रों पर अभी तक गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो सकी है, जिससे किसानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। किसानों का कहना है कि अब तक किसी भी क्रय केन्द्र पर गेहूं की खरीद नहीं हो रही है, जिसके चलते उन्हें मजबूरी में अपना गेहूं प्राइवेट व्यापारियों को बेचना पड़ रहा है। किसानों के अनुसार, सरकारी खरीद न होने से उन्हें समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई किसानों ने बताया कि अभी तक कोई भी किसान सरकारी केंद्रों पर गेहूं लेकर नहीं गया है, क्योंकि वहां खरीद की कोई व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। प्राइवेट में व्यापारियों के यहां रेट को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। किसानों का कहना है कि अलग-अलग व्यापारियों द्वारा अलग-अलग दाम दिए जा रहे हैं, जिससे उन्हें सही कीमत का अंदाजा नहीं लग पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही सरकारी खरीद केंद्र शुरू नहीं किए गए, तो किसानों को औने-पौने दाम पर अपनी उपज बेचने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
लेखक के बारे में
Hindustanहिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


