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अस्थमा के मरीजों पर अटैक कर रहा बदलता मौसम

अस्थमा के मरीजों पर अटैक कर रहा बदलता मौसम

संक्षेप:

Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर में मौसम के बदलाव के कारण अस्थमा के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि मरीज अपनी दवाओं का नियमित सेवन करें। सोमवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय में 635 नए मरीजों ने पर्ची कराई और 700 से अधिक पुराने मरीजों ने इलाज कराया, जिससे अस्पताल में भीड़ बढ़ गई।

Feb 03, 2026 12:00 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, संतकबीरनगर
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हिन्दुस्तान टीम, संतकबीरनगर। मौसम का मिजाज लगातार बन और बिगड़ रहा है। यह परिवर्तन अस्थमा के मरीजों पर भारी पड़ रहा है। बसंत का आगमन भी सांस वाले मरीजों को रास नहीं आ रहा है। सांस फूलने वाले मरीजों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अस्थमा की जो दवाएं पहले से चल रही हैं उन दवाओं का नियमित रूप से प्रयोग करें। इसके बाद भी तबियत खराब हो रही है तो फौरी तौर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से इलाज कराएं। मौसम में बदलाव के साथ जिला संयुक्त चिकित्सालय में सोमवार की सुबह से ही इलाज कराने के लिए पर्ची काउंटर से लेकर दवा काउंटर तक मरीजों की लाइन लगी रही।

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दवाओं के लिए लोगों की लंबी लाइन लगी रही। सुबह आठ बजे से डेढ़ बजे तक 635 नए मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराया और लगभग सात सौ से अधिक पुराने मरीज ओपीडी में इलाज के लिए आए। मरीजों की तादाद अधिक होने की वजह से जिला संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों को उपचार के लिए परेशान होना पड़ा। मौसम में बदलाव की वजह से सर्दी, खांसी, बुखार के मरीज अधिक आए। बुजुर्ग मरीजों को सांस लेने वाले मरीजों की तादाद अधिक रही। अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ से लेकर फिजीशियन कक्ष तक लंबी लाइन लगी रही। फिजीशियन डा. रमाशंकर सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव होने पर अस्थमा के मरीजों की तादाद बढ़ जाती है। कुछ लोगों को धूल धुआ के अलावा फूलों से सभी एलर्जी होती है। बसंत के आगमन पर फूल खिल जाते हैं। कुछ लोगों को फूलों के सुगंध से एलर्जी होती हैं। लोगों को उन फूलों से दूर रहना चाहिए, जिनसे उन्हें एलर्जी है। इसके आलवा अपने चिकित्सक की सलाह पर नियमित रूप से दवाओं का सेवन करते रहे। सोमवार को ओपीडी कक्ष में बैठे डॉ. कुमार सिद्धार्थ, डॉ. एपी मिश्र, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. एसडी ओझा, डॉ. एलसी यादव, डॉ. फराज अहमद, डॉ. राम गोपाल, डॉ. एके पाठक, डा. वीपी पांडेय मरीजों का उपचार कर रहे थे।