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तुनियहवां गांव की गलियों में हमेशा पसरा रहता है नाली का गंदा पानी

तुनियहवां गांव की गलियों में हमेशा पसरा रहता है नाली का गंदा पानी

संक्षेप:

Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर जिले के तुनियहवां गांव में विकास के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। गांव में टूटी सड़कों, गंदगी और जल-निकासी की समस्या ने ग्रामीणों का जीवन कठिन बना दिया है। स्वच्छ पेयजल की अनुपलब्धता और सफाई व्यवस्था के अभाव के कारण लोग बीमारियों का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने तत्काल सुधार की मांग की है।

Nov 19, 2025 10:45 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, संतकबीरनगर
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संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में गांवों का विकास की प्राथमिकता का दावों के विपरीत उसकी जमीनी सच्चाई तुनियहवां गांव में कदम रखते ही खुलकर सामने आ जाती है। मेंहदावल ब्लाक का यह गांव वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। हालत ऐसी है कि यहां की टूटी सड़कों, उखड़ी इंटरलकिंग, कचरे से पटी गलियों और बजबजाती नालियों को देखकर लगता है जैसे विकास का पहिया यहां आकर रुक गया हो। गांव के कई हिस्सों में सड़कें जर्जर हैं। बरसात में लोगों को घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। जगह-जगह जलभराव और गंदगी के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

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इंटरलकिंग सड़क की ईंटें उखड़ चुकी हैं। गड्ढों में बदल चुकी सड़कें चलने वालों के लिए भी परेशानी का सबब बनी हुई हैं। स्वच्छ पेयजल की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों को देखते हुए तत्काल आधारभूत सुविधाओं को दुरुस्त किया जाए, ताकि गांव भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके। तुनियहवां गांव में घुसते ही बदहाली की तस्वीर साफ नजर आने लगती है। गांव में मुख्य सड़क से प्रवेश करते हैं तो टूटी सड़कों और गड्ढों की कतार स्वागत करती है। गांव के सीवान व पंप हाउस को जोड़ने वाली इंटरलाकिंग सड़क की ईंटें उखड़ चुकी हैं। अंदर गलियों की सड़कों पर नाली का गंदा पानी बहता रहता है और दोनों ओर घास-फूस उगे हुए हैं। गांव से बाहर निकलने वाले रास्ते का भी कमोवेश यही हाल है। गांव के गलियों के एक रास्ता गंदे पानी का जलभराव होने खस्ता हालत में पंहुच गया है। गांव की खाली पड़े जगहों पर घरों से निकलने वाला कूड़ा-करकट फेंकने से गंदगी का बोलबाला बना हुआ है। कूड़े व गंदगी से उठती दुर्गंध का हर समय सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है साफ-सफाई व्यवस्था ध्वस्त होने के बाद भी जिम्मेदार विकास व अन्य सुविधाओं को लेकर गंभीर नहीं हैं। सफाईकर्मी गांव में कभी-कभार ही नजर आते हैं। तुनियहवां गांव के नालियों की हालत दयनीय है। गांव में कुछ जगहों पर नालियों का निर्माण सड़क से ऊंचा होने से पानी सड़कों पर पसरा रहता है। कुछ जगहों पर अतिक्रमण करके या तो नालियां पाट ली गई हैं या बिना नाली के ही सड़क का निर्माण करा दिया गया है। जगह-जगह बनाई गई नालियां टूटकर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। गंदगी से पटी हुई हैं। नालियों के चोक होने से घरों का पानी सड़क पर इधर-उधर पसर रहा है। बरसात होते ही लोगों को काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। गांव की सड़कें रात में बिजली रहने के बाद भी घुप अंधेरे में डूबी रहती है। स्ट्रीट लाइट बमुश्किल ही नजर आता है। जर्जर बिजली के तार व पोल हादसे को दावत दे रहे हैं। गंदगी से मच्छरों के बढ़े प्रकोप से लोग परेशान हैं। हालात यह है कि सड़क, पानी, स्वास्थ्य आदि जैसी बुनियादी सुविधाएं ध्वस्त हो गई हैं। मिनी सचिवालय, आगंनबाड़ी केन्द्र का निर्माण होने के बाद भी लोगों को सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। जल-निकासी की समस्या के समाधान को नहीं उठाए गए ठोस कदम तुनियहवां गांव में जल-निकासी की समस्या आज भी प्रमुख चुनौतियों में शामिल है। गांव की अधिकांश नालियां पटी हुई हैं, कई जगहों पर नालियां टूटी या चोक हैं, जबकि कुछ हिस्सों में जल-निकासी की व्यवस्था कभी बनी ही नहीं। परिणाम स्वरूप गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है और लोगों को रोजाना बदबू व गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। गांव के निवासियों का कहना है कि बारिश होने पर हालात और बिगड़ जाते हैं। पानी निकासी न होने के कारण कई बार गंदा पानी लोगों के घरों तक घुस आता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ जाते हैं। इस समस्या के समााधन के लिए ग्रामीण कई बार स्थानीय जिम्मेदारों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। लोगों ने कि जल्द से जल्द नालियों की सफाई, मरम्मत और नई जल-निकासी व्यवस्था का निर्माण कराने की मांग की है। साफ-सफाई की लचर व्यवस्था से ग्रामीण परेशान गांव में साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई। ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। गांव के कई हिस्सों में रहने वाले लोगों ने बताया कि यहां सफाई व्यवस्था बदहाल है और सफाई कर्मचारी कम ही नजर आते हैं। इससे गांव में जगह-जगह कूड़े का अंबार लगा है। ग्रामीणों ने बताया कि हवा चलते ही कूड़ा उड़कर घरों के अंदर पहुंच जाता है, जबकि काफी मात्रा में कचरा नालियों में जमा होकर जल निकासी को बाधित कर रहा है। कई स्थानों पर तो कूड़े का ढेर कई दिनों तक जस का तस पड़ा रहता है। जहां भी थोड़ी सी खाली जगह मिलती है, वहां लोग घरों का कचरा फेंककर उसे अनौपचारिक कूड़ाघर बना देते हैं। कचरे से उठने वाली बदबू से आसपास रहने वाले लोग परेशान हैं। वहीं, गंदगी और गंदे पानी के जमा होने से मच्छरों का प्रकोप भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। टोटी उगल रही है दूषित पानी, अधूरे ओवरहेड टैंक से बढ़ी परेशानी गांव में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टोटी के माध्यम से स्वच्छ पानी आपूर्ति की योजना शुरू की गई थी। इसके तहत ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हो पाया है। जल्दबाजी में डायरेक्ट जलापूर्ति शुरू कर दी गई। ग्रामीणों ने बताया कि टोटी से आने वाला पानी बेहद गंदा, दूषित और बदबूदार है, जो पीने तो दूर, उपयोग के लायक भी नहीं है। समस्या को लेकर कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। पेयजल की किल्लत और साफ पानी न मिलने के कारण ग्रामीण मजबूरीवश डिब्बाबंद पानी खरीदकर इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर जल्द ही ओवरहेड टैंक का निर्माण पूरा कर स्वच्छ पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे बड़े स्तर पर विरोध दर्ज कराएंगे। ग्राम सचिवालय का नहीं मिल रहा लाभ ग्रामीणों को भागदौड़ से बचाने के लिए गांव में ग्राम पंचायत सचिवालय बनवाया गया है। उद्देश्य था कि तहसील और ब्लाक से होने वाला लोगों कार्य यहीं से हो जाए। ऑन लाइन किए जाने वाले आवेदन भी यहीं हो जाएं। यहां की हालत सरकार की मंशा के विपरीत है। पंचायत सचिवालय पर कोई बैठता नहीं है। लोगों को अपने आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ब्लाक और तहसीलों का चक्कर लगाना पड़ता है। बीडीओ राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि तुनियहवां गांव की बुनियादी सुविधाओं में जो भी कमी होगी उसे दूर कराया जाएगा। गांव के विकास को लेकर जल्द ही विभिन्न कार्य कराया जाएगा। सरकार की योजनाओं का क्रियान्यवन कराना प्राथमिकता है। ग्रामीणों को असुविधा नहीं होने दी जाएगी। विधायक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि मोदी व योगी सरकार गांवों के विकास को लेकर पूरी तरह से समर्पित है। तुनियहवां गांव के विकास को लेकर कई योजनाएं संचालित है। ग्रामीणों को कहीं पर अगर समस्या हो रही है तो उसे तत्काल दूर कराया जाएगा। यह गांव भी शहर की सुविधाओं की तरह चकाचक होगा।