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संतकबीरनगर

बारिश से कीचड़ और दलदल से बदहाल हुई सड़कें

हिन्दुस्तान टीम,संतकबीरनगरPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 05:40 AM
बारिश से कीचड़ और दलदल से बदहाल हुई सड़कें

संतकबीरनगर। निज संवाददाता

पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश में जनपद की सड़कें बदहाल हो गई हैं। जलजमाव, दलदल से लोगों को चलना कठिन हो गया है। शहर हो या देहात हर जगह एक सी स्थिति है। रामजानकी मार्ग, धनघटा खलीलाबाद, खलीलाबाद मेंहदावल मार्ग से लेकर सभी प्रमुख मार्ग भी बदहाल हैं। शहर से सटे कई मोहल्लों की स्थिति यह है कि बाइक और पैदल चलने लायक ही नहीं रह गई है। पहले से बदहाल हुई सड़कों पर इस समय कीचड़ और भारी जलजमाव हो गया है। इससे हर कोई परेशान है। यदि बरसात इसी तरह लगातार जारी रही तो कई सड़कों पर चलना एकदम बंद हो जाएगा। रामजानकी मार्ग पौली चौराहे के समीप इतनी जर्जर हो गया है कि चार पहिया वाहन भी गुजर नहीं पा रहे हैं।

गायत्रीपुरम की सड़क ऐसी की पैदल भी चलना कठिन

खलीलाबाद शहर की ज्यादातर सड़कें इस समय बदहाल हो गई हैं। शहर में शामिल हुए नए मोहल्ले तो एक दम बदहाल हैं। धनघटा खलीलाबाद मार्ग से गौसपुर गांव को जाने वाली सड़क इतनी बदहाल है कि उससे गुजरना आसान नहीं है। पैदल और बाइक से चलने वालों को पानी और कीचड़ में घुसकर आना-जाना पड़ता है। करीब दो किमी लंबी इस सड़क पर 100 मीटर भी रास्ता ठीक नहीं है। कई जगह भारी जलजमाव हो गया है। जहां चार पहिया वाहन लेकर जाने वालों को भी झेलना पड़ता है। स्थानीय जनार्दन चौधरी, इन्द्रेश पांडेय, अरुण श्रीवास्तव, रतन श्रीवास्तव ने बताया कि जब से यह सड़क बनी आज तक मरम्मत का कार्य हुआ ही नहीं है। कई साल से सड़क बदहाल है। इस बरसात में तो स्थिति और खराब हो गई है। स्थिति यह है कि आए दिन बाइक लेकर लोग गिर रहे हैं जिससे कई लोगों को चोट भी लग चुकी है।

सिद्धार्थनगर को जोड़ने वाली सड़क बदहाल

मेंहदावल से बौरब्यास होते हुए मेंहदूपार से सिद्धार्थनगर जनपद को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क जगह-जगह टूट चुकी है। बरसात में तो स्थिति और ज्यादा खराब हो गई है। सड़क पर चलना मुश्किल है। बौरब्यास से मेंहदूपार होते हुए यह सड़क सिद्धार्थनगर जनपद को जोड़ती है। बौरब्यास से मेंहदूपार चार किमी की दूरी के बीच इतने गड्ढे हो गए हैं कि चलना मुश्किल है। बरसात में महदेवा, पुनया, भुलकी आदि गांवों के पास सड़क टूट चुकी है। सड़क पर दो से तीन फिट तक गहरा गड्ढा बन गया है। स्थिति यह है कि आए दिन सड़क पर रोज कोई न कोई गाड़ी फंसी रहती है। महदेवा और भुलकी में तो इस समय चलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोग काफी परेशान हो रहे हैं। इसके अलावा सिद्धार्थनगर को जाने वाले लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।

जर्जर सड़क बनी राहगीर के लिए समस्या

जनपद के सबसे बदहाल मार्गों में से एक बघुआ-नन्दौर के बीच करीब आठ किमी लंबा इसका एक जीता जागता उदाहरण है। पड़ोसी देश नेपाल को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग विभागीय उदासीनता से राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। इस मार्ग पर सड़क पूरी तरह से गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। बरसात के मौसम में इस सड़क पर यात्रा करना बेहद खतरनाक हो जाता है। इस मार्ग पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। पिछले कई वर्षों से बदहाल इस मार्ग का कोई पुरसाहाल नहीं है। बरसात में आए दिन ट्रक या अन्य बड़ी गाड़ियों के फंस जाने से रास्ता जाम हो जाता है। इस मार्ग पर दो माह पहले विभाग ने पैचिंग कराई। हारापट्टी के पास पांच सौ मीटर सड़क ठेकेदार ने वैसे ही छोड़ दिया। इसके चलते जब भी बरसात होती है तो सड़क जानलेवा बन जाती है। जिससे एक तरफ जहां आवागमन से रोजाना सड़क जाम रहती है, वहीं दूसरी तरफ राहगीर गिरकर घायल हो रहे हैं।

तालाब की तरह दिख रही महुली कस्बा की सड़क

नाथनगर ब्लाक क्षेत्र के महुली कस्बा की सड़क तालाब की तरह दिख रही है। बरसात होते ही लोगों को राह बदल कर चौराहे पर जाना मजबूरी है। जलनिकासी की व्यवस्था न होने से पूरा पानी सड़क पर ही फैला रहता है। दर्जनों गांवों के लोग प्रतिदिन खलीलाबाद तथा बस्ती जाने के लिए महुली पहुंचते हैं। उन्हें सड़क पर पानी में से ही चलना पड़ता है, जिससे कपड़ा खराब होने के साथ ही दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। कपड़ा दुकानदार मनोज कुमार अग्रहरि, इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार रामदीन विश्वकर्मा आदि ने बताया कि बरसात होते ही सड़कें तालाब का रूप अख्तियार कर लेती हैं। सड़क की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। लोगों को हमेशा कीचड़युक्त सड़क पर चलना पड़ता है। इसकी शिकायत भी कई बार की गई लेकिन कोई असर नहीं हुआ। सबसे बड़े कस्बा महुली की इतनी दयनीय हालत होगी यह किसी को विश्वास नहीं होता है।

बारिश से कट गई आधे से अधिक सड़क :

मेंहदावल-घूरापाली मार्ग पर पूर्वी कछार क्षेत्र के कई गांवों के लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। बढ़या के नरिया टोला गांव के सामने की आधे से अधिक सड़क बारिश से कट गई है। विभाग द्वारा लाल झंडी लगाकर सावधान करने का प्रयास किया गया है। दिन में दो पहिया वाहन आसानी से पार कर ले रहे हैं। जबकि चार पहिया वाहन जान जोखिम में डालकर किसी तरह कीचड़ से गुजर कर आवाजाही कर रहे हैं लेकिन रात में रास्ते से गुजरने वाले अनजान वाहन बड़े हादसे का शिकार हो सकते हैं। पहली बरसात में सड़क के हुए हाल पर गुणवत्ता पर सवाल खड़ा कर रहे है। वहीं टंड़वरिया से गनवरिया चौराहे को जोड़ने वाली सड़क की हालत बद से बदतर बनी है। कई जगहों पर सड़क के केवल अवशेष रह गए हैं।

रामजानकी मार्ग बदहाली का शिकार

ऐतिहासिक रामजानकी मार्ग की हालत दयनीय बनी हुई है। पौली ब्लाक के बेलदारीजोत से रामपुर बारह कोनी तक लगभग दस किलोमीटर मार्ग बुरी तरह छतिग्रस्त हो चुका है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे बरसाती पानी से भरे हुए हैं। पौली चौराहे पर जलजमाव से आवागमन प्रभावित है। दूल्हापार, मड़पौना, परसा आदि स्थानों पर आए दिन भारी वाहन सड़क पर फंस जाते हैं। जिससे जाम की स्थित बन जाती है। क्षेत्र निवासी तुलसीराम यादव, शैलेश, उत्तम, सर्वजीत, गुलाब जायसवाल, रविकुमार आदि ने बताया कि ओवरलोड वाहनों के आवागमन से सड़क जर्जर हो चुकी है। पिछले छह माह से सड़क का मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। जगह-जगह सड़क टूटकर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं जिसमें बरसात का पानी हमेशा भर रहता है। सड़क पर आए दिन राहगीर गिरकर घायल होते रहते हैं।

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