टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने निकाला मशाल जुलूस
Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर में शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने कहा कि यह नियम गलत है और टीईटी की अनिवार्यता समाप्त होनी चाहिए। सभी शिक्षक एकजुट होकर आंदोलन करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि शिक्षकों को राहत दी जाए।

संतकबीरनगर, निज संवाददाता। टीईटी अनिवार्यता के विरोध में सोमवार को जनपद के शिक्षकों और कर्मचारियों ने मशाल जुलूस निकाल विरोध प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। सभी ने विरोध जताते हुए कलक्ट्रेट पहुंचकर अपर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए। इस पूरी तरह से नियम विरुद्ध है।अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के मारकंडेय राय ने कहा कि शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता को थोपा गया है। यह पूरी तरह से नियम विरुद्ध है। जिन शिक्षकों का चयन टीईटी अनिवार्यता आने से पहले हुआ है उनको इसके लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए।
नवीन भर्ती टीईटी उत्तीर्ण की ही हो रही है। सरकार के इस निर्देश से शिक्षकों में काफी आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन को सौपते हुए कहा कि संघ इसके विरोध में लगातार आन्दोलन करेगा। यदि जरूरत पड़ी तो हर स्तर तक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने शासन से अपील किया कि तत्काल टीईटी अनिवार्यता को समाप्त करते हुए शिक्षकों को राहत दी जाए। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष नवीन त्रिपाठी ने कहा कि टीईटी अनिवार्यता के विरोध में जनपद के सभी शिक्षक और कर्मचारी पूरी तरह से एकजुट हैं। हम लोग इसकी लड़ाई पूरी ताकत के साथ लड़ने का काम करेंगे। टीईटी अनिवार्यता का निर्णय पूरी तरह से गलत है। सरकार को इस पर विचार करने की जरूरत है। संजय मौर्य, हरिकिशोर सिंह, दिनेश कुमार चौहान, रणजीत राय, मुकेश यादव, मेराजुद्दीन, कन्हैया लाल आदि मौजूद रहे।
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