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28 जनवरी, 2020|7:31|IST

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40 साल संघर्ष के बाद अभिलेखों में जिंदा हुईं सूका देवी

40 साल संघर्ष के बाद अभिलेखों में जिंदा हुईं सूका देवी

बेलहर कलां की 75 वर्षीय सूका देवी को जीवित होते हुए भी खुद को जिंदा साबित करने में 40 साल लग गए। लंबे संघर्ष के बाद अधिकारियों ने उन्हें जिंदा माना और मंगलवार को ग्राम पंचायत अधिकारी ने परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कर उन्हें नक़ल उपलब्ध कराई। सूका को मृत बताकर रुमाली देवी बताया जा रहा था।

बेलहर विकास खण्ड के बेलहर कलां निवासी सूका देवी (75) पत्नी देवता को ब्लॉक की तरफ से जारी किए गए परिवार रजिस्टर की नकल में मृत दिखा दिया गया था। परिवार रजिस्टर की नकल पर परिजनों ने जब आपत्ति दर्ज कराई तो उस समय पंचायत विभाग की तरफ से गांव में बैठक करके ग्रामीणों के सामने पुष्टि करने की बात कही। इसको लेकर जैसे ही बैठक शुरू हुई तो एडीओ (पंचायत) रविंद्र सिंह ने कोर्ट में चल रहे मुकदमे में बिना फैसला आए परिवार रजिस्टर की नकल में सूका देवी को जिंदा दिखाने से इनकार कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। एडीओ पंचायत बेलहर रविन्द्र सिंह के नेतृत्व में अधिकारी तय समय पर गांव पहुंचे और बैठक शुरू हुई। बैठक में महिला भी आई और अधिकारियों से कहा कि हुजूर देख लीजिए, मैं जिंदा हूं! अधिकारियों ने कहा कि कोर्ट का आर्डर लाइए तब मानेंगे कि आप जिंदा हो। विवाद की सूचना पाकर मौके पर एसडीएम व सीओ भी पहुंचे लेकिन महिला के जिंदा होने पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका। महिला के परिजनों ने विरोध जताया और इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की। इसे लेकर पीड़ित परिवार जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंचा था।

जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय से इस मामले में दर्ज मुकदमे की जांच रिपोर्ट मंगाई गई। अपर पुलिस अधीक्षक ने डीपीआरओ को भेजी अपनी जांच आख्या में लिखा कि वादिनी सूका देवी, जिसे प्रतिवादीगण कथित रूप से रुमाली देवी होने का दावा करते हैं, की शिनाख्त सूका देवी उर्फ सुखराजी पत्नी देवता राय उर्फ साधुशरण के रूप में हुई है। प्रतिवादी गणों द्वारा कथित रूप से सूका की बहन रुमाली देवी होना बताया गया है, जबकि विवेचना में सूका की स्वयं की दो बहनों कैलाशी तथा फौजदारी होने का पाया गया है, जिनकी मौत हो चुकी है। कथित रूमाली देवी वास्तव में शिवपूजन निवासी बौरव्यास थाना बखिरा जनपद संतकबीर नगर की पत्नी थीं, जिनकी मृत्यु लगभग 40 वर्ष पूर्व हो चुकी है। इन रुमाली देवी का सूका के परिवार से कोई संबंध नहीं है।

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  • Web Title:Suka Devi is alive in records after 40 years efforts