Santkabir Nagar News: डिजिटल लाइब्रेरियों में अधूरी सप्लाई पर सख्ती, सत्यापन के बाद होगा भुगतान
Santkabir Nagar News: संतकबीरनगर जिले में गांवों में बन रही डिजिटल लाइब्रेरियों की अधूरी सप्लाई पर कार्रवाई की गई है। सभी सामानों की सप्लाई के सत्यापन के बाद ही भुगतान होगा। अधूरे सामान की आपूर्ति के मामलों के सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है और कड़ी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
Santkabir Nagar News: संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में गांवों में बन रही डिजिटल लाइब्रेरियों में अधूरी सप्लाई पर सख्ती बढ़ गई है। अब सभी सामानों की सप्लाई के सत्यापन के बाद ही भुगतान हो पाएगा।
डिजिटल लाइब्रेरियों की स्थिति
जिले के मेंहदावल विकास खंड क्षेत्र के 19 ग्राम पंचायतों में तैयार की जा रही डिजिटल लाइब्रेरियों में अधूरे सामान की आपूर्ति का मामला इन दिनों सुर्खियों में है। आपके अपने हिन्दुस्तान समाचार पत्र में खबरें प्रकाशित होने के बाद विभाग हरकत में आया है। यह मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। आधे से अधिक लाइब्रेरियों में सामान की अधूरी आपूर्ति की मामला उजागर होने के बाद जिले के विभागीय अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने और अधूरे कार्यों को पूरा कराने में जुटे हैं। वहीं दूसरी ओर शासन के निर्देश पर अब आपूर्ति करने वाली फर्मों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक संतकबीरनगर समेत कई जनपदों में शासन की मंशा के विपरीत सामान भेजकर रस्म अदायगी किए जाने का मामला उजागर होने के बाद पंचायती राज विभाग ने खरीदे गए सामान की जांच करके सत्यापन के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए है।
सत्यापन की प्रक्रिया
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि निदेशालय स्तर से तय प्रारूप के अनुसार प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी में आपूर्ति किए गए सामान का शत-प्रतिशत सत्यापन कराया जाएगा। ग्राम पंचायत सचिवों को लाइब्रेरी में मौजूद सामान्य टेबल और कंप्यूटर टेबल की लंबाई, चौड़ाई और मोटाई का विवरण देने के साथ लॉकर, आलमारी और किताबों की सटीक संख्या दर्ज कर पूरी रिपोर्ट उपलब्ध करानी होगी। मौके पर मौजूद सामान और अभिलेखों में दर्ज विवरण का मिलान भी किया जाएगा। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लाइब्रेरी में उपलब्ध सामान और पंचायत भवन की जियो-टैग फोटो ‘डिजिटल लाइब्रेरी’ नाम से बनाए गए विशेष व्हाट्सएप ग्रुप पर अपलोड करनी होगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि सामान का शत-प्रतिशत सत्यापन होने के बाद ही संबंधित आपूर्तिकर्ता फर्म को भुगतान किया जाएगा। जांच में सामान कम और अधूरा या निर्धारित मानक के विपरीत मिलने पर संबंधित फर्म की जवाबदेही तय की जाएगी और कार्रवाई भी हो सकती है। इसी के साथ विभागीय अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर लाइब्रेरियों की स्थिति की जांच और निगरानी कर रहे हैं। जिससे अधूरे कार्य समय से पूरे कराकर लाइब्रेरियों का संचालन शुरू कराया जा सके।
चेतावनी नोटिस का वितरण
संतकबीरनगर समेत 29 जिलों को चेतावनी नोटिस जारी
कुछ दिन पहले डिजिटल लाइब्रेरियों के निर्माण और संचालन में लापरवाही को लेकर विभाग के विशेष सचिव राजेश कुमार त्यागी ने संतकबीरनगर समेत 29 जिलों को चेतावनी नोटिस जारी किया था। सभी डिजिटल लाइब्रेरियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराकर संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। साथ ही अधूरे सामान की आपूर्ति अथवा संचालन में लापरवाही की शिकायत मिलने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद मेंहदावल विकास खंड क्षेत्र में 19 लाइब्रेरियों में करीब आधे से अधिक गांवों में अधूरे समान आपूर्ति होने से लाइब्रेरी संचालन में बाधा उत्पन्न हो रही है।
पंचायत भवनों की स्थिति
मेंहदावल विकास खंड की कई ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों की बदहाल स्थिति डिजिटल लाइब्रेरियों के संचालन में बड़ी बाधा बन रही है। कहीं भवन जर्जर है तो कहीं मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में लाइब्रेरियों का संचालन कर फोटो भेजने के जिला प्रशासन के दबाव से ग्राम पंचायत सचिव भी परेशान है।
डीपीएम सिद्धनाथ पांडेय ने कहा कि ग्राम पंचायतों के पंचायत भवनों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना कराई जा रही है। जिन लाइब्रेरियों में सामान की आपूर्ति अधूरी मिली है, वहां संबंधित फर्मों से वार्ता कर तत्काल शेष सामान की आपूर्ति पूरी कराई जा रही है। शासन के निर्देश के अनुसार लाइब्रेरियों में कराए गए कार्य और आपूर्ति किए गए सामान का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के बाद ही संबंधित फर्मों को भुगतान करवाया जाएगा। इसके लिए गांव-गांव टीम लगाकर सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


