
धीमी गति से हो रही खरीद महीने भर बाद भी नहीं आ रहा नंबर
Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर जिले में धान खरीद की प्रक्रिया धीमी चल रही है। किसान एक महीने से अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे हैं। ठंडी रातों में उन्हें अनाज की रखवाली करनी पड़ रही है। धान खरीद केंद्रों की कमी और सरकारी व्यवस्था के अभाव से किसान बिचौलियों के हाथों धान बेचने को मजबूर हो रहे हैं।
संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में धान खरीद धीमी गति से हो रही है। महीने भर बाद भी किसानों का नंबर नहीं आ रहा है। इससे किसान परेशान हो रहे हैं। क्रय केन्द्र पर पहुंच रहे लोगों को ठंड भरी रात में ट्राली पर लदे अनाज की रखवाली करनी पड़ रही है। विकास खण्ड सेमरियावां क्षेत्र के हाट शाखा टेमा रहमत पर धीमी गति तौल होने पर क्षेत्र के किसान नंबर लगाकर अपनी बारी का इंतज़ार महीने भर से कर रहे हैं। वहीं बीते तीन दिन पहले धान की तौल कराने पहुंचे किसान की तौल न होने पर उन्हें तीन दिन से धान की रखवाली करनी पड़ रही है।
इस दौरान केंद्र प्रभारी आनंद कुमार दुबे ने बताया समस्या सीएमआर डिलेवरी की है। गोदाम भर जाने से थोड़ी तौल करने के बाद पल्लेदार बोरे को छल्ली लगाकर जगह बना रहे हैं, जिससे तौल करने में देरी हो रही है। अभी तक 303 किसानों से 14 हजार कुंतल तक की खरीददारी हो गई है। सोमवार की दोपहर में तौल हो रही थी सामने खड़ी ट्राली में धान लेकर तीन दिन तक किसान को रखवाली पड़ी। बेलहर क्षेत्र में धान खरीद केंद्र स्थापित न होने से क्षेत्र के किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी खरीद व्यवस्था के अभाव में किसान मजबूरन बिचौलियों के हाथ अपना धान बेचने को मजबूर हैं, जिससे उन्हें उचित समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्र में धान खरीद केंद्र न होने के कारण धान बेचने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को दूर-दराज के केंद्रों तक जाना पड़ता है, जहां समय और खर्च दोनों अधिक लगते हैं। --------------------------------------------- मेंहदावल में अब तक सिर्फ 150 किसानों से हुई धान खरीद अभी तक लगभग पांच सौ से अधिक किसानों ने धान बेंचने के पंजीकरण करा चुके हैं। इनमें से अब तक 150 किसानों से दस हजार चार सौ कुतंल धान की खरीद हो चुकी है। किसान शुभम ने 44 कुतंल, मदन लाल ने 50 कुंतल तथा जवाहिर ने 35 कुंतल धान बेचना बताया। खाद्य विभाग के क्रय केन्द्र पर 320 किसानों का नम्बर लग चुका है। धान खरीद की लगातार होने से केन्द्र पर किसानों की आवाजाही बनी हुई है। एसएमआई गोरखनाथ यादव ने बताया किसानों के अगूंठा लगाने की बजाय आंखों की स्कैनिंग से धान की खरीद की जा रही है। किसानों को अच्छी तरह से धान सुखाकर लाने के लिए कहा जा रहा है, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। नियमित धान की खरीद की जा रही है। ------------------------------------------ आठ हजार कुंतल हुई खरीद नाथनगर ब्लाक क्षेत्र में संचालित धान क्रय केंद्रों पर खरीद प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ लिया है। पंजीकृत किसान अब बगैर देर किए स्वयं के वाहन से केंद्र पर धान लेकर पहुंच रहे हैं। हालांकि कुछ धान क्रय केंद्रों पर थोड़ी बहुत समस्या किसानों को झेलनी पड़ रही है। क्रय केंद्र हरिहरपुर के प्रभारी हरिहर पाठक ने बताया कि अभी तक दो सौ किसानों से लगभग आठ हजार कुंतल धान की खरीद हो चुकी है। किसानों की समस्या का त्वरित निदान किया जा रहा है। प्रयास रहता है कि अन्नदाताओं को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी ना झेलनी पड़े। --------------------- दो सौ किसानों से दस हजार कुन्तल धान की खरीद पौली क्षेत्र में संचालित धान क्रय केंद्रों पर खरीद की प्रक्रिया में अब तक क्षेत्र के दो सौ किसानों से दस हजार कुन्तल धान की खरीदारी की गई। जिसमें से लगभग डेढ़ सौ किसानों के खाते में पैसा पहुंच गया। 50 किसान खाते में पैसा न पहुंचने से परेशान हैं। क्षेत्र के किसान मनोज, मोहनलाल, फूलचन्द, हरिचन्द्र, राम करन आदि ने बताया कि इस वर्ष धान बेचने के लिए पहले तहसील से सत्यापन के लिए परेशान होना पड़ा। किसी तरह सत्यापन के बाद धान बिका तो अब पैसे का इन्तजार करना पड़ा। केन्द्र प्रभारी निहैला राजेश गौतम ने बताया कि क्षेत्र के दो सौ किसानों से पौली प्रथम मे 4500 व पौली द्वितीय में 5500 कुन्तल धान की खरीददारी की गई है। लगभग डेढ़ सौ किसानों के खाते में पैसा पहुंच गया है। कुछ तकनीकी कमी के कारण अभी तक लगभग 50 किसानों का पैसा खाते में पहुंचने में दिक्कत हो रही है।

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