टेंडर ही नहीं हुआ तो कैसे जलेगा अलाव
Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर जिले में कड़ाके की सर्दी से लोग परेशान हैं, लेकिन नगरपालिका ने अभी तक अलाव का इंतजाम नहीं किया है। ठंड से बचाव के निर्देश दिए गए थे, लेकिन टेंडर न होने के कारण अलाव नहीं जलाए जा रहे हैं। शहर में लोग चाय की दुकानों पर जाकर हाथ सेंकने को मजबूर हैं।

संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में ‘प्यास लगी तब चले कुआं खोदने’ की कहावत नगरपालिका पर सटीक बैठ रही है। कड़ाके की सर्दी से समूचा जिला कांप रहा है, लेकिन शहर में कहीं अलावा नहीं जला है। इसकी वजह अभी तक टेंडर ही नहीं हुआ है। विभाग अब आनन फानन में टेंडर कराने में जुटा हुआ है। टेंडर होने के बाद ही नगर में अलावा का इंतजाम होगा। जबकि प्रशासन ने पहले ही ठंड से बचाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। शहर का विस्तरीकरण कर दिया गया है। 25 वार्ड में एक लाख 20 हजार की आबादी हो चुकी है।
गली मोहल्ले में निकलने वाले ठंडक से काप रहे हैं। जिला अस्पताल में भी अभी तक अलावा नहीं जला है। अलाव न जलने की वजह से मरीज तो मरीज तीमारदार भी परेशान हैं। चाय की दुकान पर हाथ सेंक कर काम चला रहे हैं। सबसे अधिक समस्या मेंहदावल बाईपास चौराहे पर है। रात में उतरने वाले राहगीर जेब में हाथ डाल कर इधर-उधर अलाव जलने की बाट जोहते हैं। जब कहीं पर आग जलती नजर नहीं आती है तो मजबूरी में चाय की दुकान पर जाकर हाथ सेंकते हैं। नगरपालिका के सामने मजदूर मंडी लगती है। वहां पर भी मजदूर ठंडक से कांप रहे हैं। शहर के मुखलिसपुर तिराहा, मोती चौराहा और रेलवे स्टेशन पर भी अलाव नहीं जल रहा है। ईओं अवधेश कुमार भारती ने बताया कि जल्द ही टेंडर होगा, उसके बाद अलाव जलाया जाएगा।
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