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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश संतकबीरनगरतुरकौलिया में एमबीडी बांध से टकरा रही सरयू की धारा, दहशत

तुरकौलिया में एमबीडी बांध से टकरा रही सरयू की धारा, दहशत

संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। धनघटा तहसील में सरयू की धारा तुरकौलिया स्थित एमबीडी तटबन्ध...

तुरकौलिया में एमबीडी बांध से टकरा रही सरयू की धारा, दहशत
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,संतकबीरनगरMon, 01 Aug 2022 10:00 AM
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संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम।

धनघटा तहसील में सरयू की धारा तुरकौलिया स्थित एमबीडी तटबन्ध से टकराने लगी है। बंधे पर चल रहा बचाव कार्य ठप हो गया है। तटबन्ध की सुरक्षा के लिए बोल्डर बिछाए गए हैं। इसके अलावा बंधे के निकट सीमेंट की मोटी दीवार तैयार की जा रही है जिससे नदी की धारा बंधे को नुकसान न पहुंचा सके। संवेदनशील स्थल पर लगभग पांच सौ मीटर एमबीडी तटबन्ध पर सीमेंट की मोटी दीवार का कार्य अभी पचास प्रतिशत भी पूरा नहीं हो सका है। समय रहते बचाव कार्य पूरा न होने से तटबन्ध असुरक्षित बना है। हालांकि सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 60 सेमी नीचे है।

लगभग एक दशक पूर्व सरयू ने तुरकौलिया के निकट पांच सौ मीटर तटबन्ध को तोड़ दिया था जिससे क्षेत्र में भयंकर तबाही मची। तबाही के बाद तुरकौलिया स्थित तटबन्ध अति संवेदनशील बन गया। पिछले 48 घण्टों में जल स्तर बढ़ने के बाद नदी की धारा सीधे एमबीडी तटबन्ध से टकरा रही है। बचाव कार्य अधूरा होने से निकटवर्ती गांवों में दहशत का माहौल व्याप्त है। सरयू का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। बिड़हरघाट में नदी के जलस्तर पिछले 24 घण्टो में 0.350 मीटर वृद्धि दर्ज की गई। पिछले तीन माह से प्रशासन द्वारा चल रहा बचाव अभियान बाढ़ आने से पहले पूरा नहीं हो सका। तुरकौलिया में बंधे से टकरा रही धारा का वेग लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में बंधे की सुरक्षा को खतरे में पड़ गया है। तुरकौलिया तटबन्ध पर बढ़ रहे नदी के दबाव को देखते हुए बंधे पर चल रहा कार्य शनिवार को ठप हो गया। बंधे पर इक्का-दुक्का मजदूरों को छोड़ कोई नजर नही आया। पिछले 24 घण्टों में नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

निकटवर्ती गांवों में बढ़ी दहशत

तुरकौलिया स्थित एमबीडी तटबन्ध पर नदी का दबाव बढ़ने से निकटवर्ती गांवों में दहशत बढ़ गई है। पिछली बार एमबीडी तटबन्ध टूटने के बाद मची तबाही को अभी भी हैंसर क्षेत्र के लोग भूले नहीं हैं। पिछली बार तुरकौलिया व अशरफपुर के बीच पांच सौ मीटर तटबन्ध पर नदी की धारा सीधे टकरा रही थी। प्रशासन ने तटबन्ध को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दिया लेकिन उसके बावजूद तटबन्ध को नहीं बचाया जा सका। उसी प्रकार की स्थिति वर्तमान में भी देखी जा रही है। गनीमत यह कि नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है। लेकिन जलस्तर में वृद्धि देख ग्रामीणों में चिंता शुरू हो गई है।

तटबन्ध की सुरक्षा के लिए कार्य प्रगति पर है। तटबन्ध को मजबूत बनाने का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। नदी के जलस्तर पर बराबर निगाह रखी जा रही है।

डॉ. रविन्द्र कुमार

एसडीएम, धनघटा

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