पेंडिंग विवेचनाओं में नहीं चलेगी ढिलाई, अर्दली रूम से होगी मॉनीटरिंग
Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर जिले के एसपी संदीप कुमार मीना ने सीएम डैश बोर्ड की रैंकिंग में सुधार के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। पेंडिंग विवेचनाओं की निगरानी के लिए सीओ और एएसपी को निर्देश दिए गए हैं। जिले में 600 से अधिक विवेचनाएं पेंडिंग हैं, जिनका समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा।

संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले के सीएम डैश बोर्ड की प्रदेश स्तर पर रैकिंग में पिछड़ने को लेकर एसपी संदीप कुमार मीना ने सुधार के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। खास बात यह है कि पेंडिंग विवेचनाओं में विवेचक अब ढिलाई नहीं कर पाएंगे। दो स्तर पर इसकी कड़ी निगरानी होगी। सीओ और एएसपी तय समय पर थानों की अर्दली रूम करके पेंडिंग विवेचनाओं की मॉनीटरिंग करेंगे। इसमे जिस विवेचक की लापरवाह कार्यशैली की रिपोर्ट एसपी को देंगे, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी तय होगी। समयबद्ध तरीके से पेंडिंग विवेचनाओं का विधिक निस्तारण न कराए जाने की वजह से सीएम डैश बोर्ड की रैंकिंग प्रभावित हो रही है। प्रदेश स्तर पर मार्च 2026 में सीएम डैश बोर्ड की हुई रैंकिंग में संतकबीरनगर जनपद 13वें पायदान पर रहा। जबकि फरवरी 2026 में प्रदेश की रैंकिंग में जिले को 05वां स्थान हासिल हुआ था.
सीएम डैश बोर्ड की रैकिंग खराब होने की समीक्षा
सीएम डैश बोर्ड की रैकिंग खराब होने को लेकर एसपी ने लंबित विवेचनाओं की समीक्षा की। जिसमें अत्यधिक संख्या में विवेचना का लंबित होना पाया। लंबित विवेचनाओं की सही ढंग से निगरानी नहीं हो पाने की वजह समय-समय पर सीओ के स्तर से अर्दली रूप नहीं किए जाने की बात सामने आई। इसमें सुधार के लिए एसपी ने रोस्टर तैयार किया। इसमें निर्धारित किया कि सभी सीओ अपने-अपने सर्किल के थानों पर प्रत्येक सप्ताह 02 दिन प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को सायंकाल या रात्रि में अर्दली रूम आयोजित कर अनावश्यक रूप से लंबित विवेचनाओं का विधिक निस्तारण कराएं.
निस्तारण संबंधी सूचना का प्रबंधन
निस्तारण संबंधी सूचना निर्धारित प्रारूप पर प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को प्रात: 10 बजे तक खुद के हस्ताक्षर से एसपी वाचक कार्यालय के माध्यम से उपलब्ध कराएंगे। इसी तरह एएसपी जनपद के समस्त थानों पर प्रत्येक 15 दिन में तिथि निर्धारित कर मंगलवार एवं शुक्रवार को सायंकाल या रात्रि में अर्दली रूम आयोजित करेंगे। इसमें अनावश्यक रूप से लंबित विवेचना निस्तारित कराएंगे। प्रत्येक बुधवार और शनिवार को एसपी को वाचक कार्यालय के माध्यम से रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इसमें जिस विवेचक की लापरवाही की रिपोर्ट सीओ और एएसपी देंगे, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.
जिले में मुकदमों की संख्या
06 साल में जिले में दर्ज हुए 25,315 मुकदमें
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 06 साल में जिले में 25 हजार 315 मुकदमे दर्ज हुए है। इसमें सर्वाधिक 6253 मुकदमें कोतवाली खलीलाबाद और दूसरे नंबर पर धनघटा थाने में 4669 मुकदमें दर्ज हुए है। जबकि साइबर क्राइम थाने में 35, महिला थाने में 214, मेंहदावल में 2892, बेलहर कला में 1735, दुधारा में 2951, धर्मसिंहवा में 691, बखिरा में 2647, महुली में 3122 और महिला पुलिस परामर्श केंद्र धनघटा में 03 मुकदमें दर्ज हुए है। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट में एक भी मुकदमे दर्ज नहीं हुए हैं। जिले में 600 से अधिक विवेचनाएं पेंडिंग हैं। इसमें करीब 177 मुकदमे की विवेचना कोतवाली में लंबित है। उसके बाद धनघटा, बखिरा, दुधारा, मेंहदावल, बेलहर कला में मुकदमों की विवेचनाएं लंबित है.
एसपी का बयान
एसपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि सीएम डैश बोर्ड की रैकिंग में अपेक्षित सुधार न होने की वजह अत्यधिक संख्या में विवेचनाओं का लंबित होना है। इसकी सतत मॉनीटिरंग के लिए रोस्टर के हिसाब से सीओ और एएसपी को थानों की अर्दली रूम किए जाने का निर्देश दिया गया है। सीओ सप्ताह में 02 दिन और एएसपी 15 दिन में 02 दिन अर्दली रूम करके पेडिंग विवेचनाओं को निस्तारित कराएंगे। विवेचनाओं में लापारवाही की रिपोर्ट दिए जाने पर संबंधित विवेचकों पर कार्रवाई की जाएगी.
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