बीच बाजार में गंदगी के अंबार से ग्रामीण हो रहे परेशान

बीच बाजार में गंदगी के अंबार से ग्रामीण हो रहे परेशान

संक्षेप:

Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर के रोशयां बाजार में गंदगी और जल जमाव से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सामुदायिक शौचालय और जन सूचना केंद्र नदारद हैं। यहां मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। पंचायत भवन पर अतिक्रमण की स्थिति गंभीर है। गांव की स्वच्छता योजना और अन्य सुविधाएं विफल हो गई हैं।

Dec 09, 2025 10:28 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, संतकबीरनगर
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संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले के विकास खण्ड पौली क्षेत्र के धनघटा-अयोध्या मार्ग के दक्षिण स्थित ग्राम पंचायत रोशयां बाजार क्षेत्र की प्रमुख बाजार है। बीच बाजार में गंदगी का अंबार लोगों के लिए परेशानी का सबब बना गया है। गांव में आने जाने वाले सभी मार्गों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। मुख्य मार्ग पर ग्राम प्रधान के घर के सामने जल जमाव होने के कारण लोगों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गांव से अधिकांश लोग इसी रास्ते का गांव से बाहर आने-जाने के लिए प्रयोग करते हैं। परन्तु सड़क पर गड्डा और ऊपर से जलजमाव मुसीबत बन रहा है। गंदे पानी से लोगों के कपड़े खराब हो जाते हैं। गांव में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप खराब पड़े हैं। ग्रामीणों को पीने के लिए शुद्ध पेयजल नहीं मिल पाता है। पंचायत भवन बना है। पर उस पर गांव के एक व्यक्ति ने कब्जा कर रखा है।

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धनघटा-अयोध्या मार्ग पर सड़क के दक्षिण तरफ बसी यह ग्राम सभा काफी प्रसिद्ध है। वहां से क्षेत्र के तमाम विद्यालयों के बच्चे पढ़ने के लिए आते-जाते रहते हैं। माझा क्षेत्र की प्रमुख बाजार होने के कारण यहां पर काफी संख्या में लोग बाजार करने के लिए भी आते रहते हैं। जगह-जगह सड़कों पर गंदगी और बीच बाजार में गंदगी का अंबार लगा होने के कारण आने-जाने में लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह गांव उपेक्षा का शिकार होता जा रहा है। गांव के चारों तरफ लगी जंगली झाड़ियां एवं गंदगी के अंबार के चलते लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्राम सभा की अधिकांश सड़कें जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाने के लिए तोड़ी गई थीं। सड़कें अभी भी गड्ढे में ही तब्दील हैं। टूटी हुई सड़कों से होकर राहगीरों व ग्रामीणों को गुजरना पड़ता है। सड़क पर गड्ढा होने से सबसे ज्यादा समस्या स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को होती है। सड़क के किनारे पानी निकासी के लिए नालियां बनाई गई हैं जो गंदगी से भठी होने के कारण अक्सर उफना जाती हैं। पानी रोड पर बहने लगता है। नालियों की सफाई न होने से गंदगी के चलते बजबजाहट से हमेशा बदबू निकल रही है। यही नहीं गांव में हर टोले में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण अधिकांश लोग सड़क के किनारे दोनों तरफ गड्ढा बना करके नालियों का पानी एकत्र करते हैं। गड्ढों में में गंदा पानी जमा होने से सड़को पर ही बदबू आ रही है। गंदगी के चलते मच्छर भी पनप रहे हैं। मच्छरों के प्रकोप से लोगों को बीमारियां फैलने का डर बना रहता है। गांव में 2-3 सफाई कर्मी हैं परंतु वह भी कभी-कभार ही आते हैं और फोटो खिंचवा कर चले जाते हैं। इससे हर तरफ गंदगी पसरी हुई है। गांव की हालत देखकर लगता ही नहीं कि यहां पर सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वाकांक्षी योजना दस्तक अभियान कभी चलाया गया है। इन सब का खामियाजा रोशयां बाजार गांव के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। रोशया के बीच बाजार में गंदगी का अंबार और बदबूदार रास्ते के इसकी पहचान बन गए हैं।

बेमतलब साबित हो रहा सामुदायिक शौचालय

स्वच्छता योजना के तहत रोशयां बाजार गांव में बने सामुदायिक शौचालय का आज तक संचालन शुरू नहीं हो सका है। शौचालय निर्माण के साथ ही केयर टेकर की नियुक्ति भी कर दी गई थी, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ और सुरक्षित सुविधा मिल सके। लेकिन शौचालय बनने के बाद से कभी खोला ही नहीं गया। इसके दरवाज़े पर ताला लटका हुआ है और यह भवन केवल शोपीस बनकर रह गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की मंशा अच्छी है, लेकिन संचालन न होने से योजना का कोई लाभ जमीनी स्तर पर नहीं मिल पा रहा है।

जन सूचना केंद्र रोशयां बाजार में नदारद

रोशयां बाजार ग्राम पंचायत में बना पंचायत भवन व जन सूचना केंद्र केवल नाम मात्र का साबित हो रहा है। सरकार ने ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान गांव में ही करने के उद्देश्य से केंद्र का निर्माण कराया और पंचायत सहायक भी नियुक्त किया, लेकिन केंद्र गांव से दूर होने के कारण यहां लैपटॉप, कंप्यूटर और इनवर्टर जैसी सरकारी सुविधाएं सुरक्षित रखना संभव नहीं हो पा रहा है। नतीजतन केंद्र बंद पड़ा है और किसी भी सेवा का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा। लोग मजबूरन तहसील और ब्लॉक कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। व्यवस्था की यह लापरवाही जन सूचना केंद्र को पूरी तरह ‘नदारद सुविधा’ में बदल चुकी है।

ग्राम सभा में मच्छरों का फैला प्रकोप

गांव में अधिकांश नालियों के ढक्कन टूट चुके हैं और साफ-सफाई के अभाव में भारी जल जमाव हो रहा है। इन बजबजाती नालियों में मच्छर आसानी से पनप रहे हैं, जिससे गांव में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इसके चलते ग्रामीण मच्छर जनित बीमारियों के खतरे से लगातार परेशान हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि काफी लंबे समय से गांव में मच्छर भगाने के लिए फागिंग या कोई अन्य उपाय नहीं किया गया है, जिससे स्थिति गंभीर बनी हुई है।

कूड़ा घर योजना का उद्देश्य विफल

ग्राम सभा में सभी कूड़े एकत्रित कर कूड़ा घर में रखने की व्यवस्था की गई थी, ताकि गांव में गंदगी न फैले। गांव में बनवाया गया कूड़ा घर देखरेख के अभाव में बेकार हो गया है। न इसकी सफाई हो रही है और न ही कूड़ा जमा किया जा रहा है। परिणामस्वरूप भवन केवल खंडहर बनकर रह गया है और योजना का मूल उद्देश्य अधूरा रह गया है।

पंचायत भवन में रखा भूसा, बांधी जा रही है भैंस

सरकार जहां पंचायत भवन को गांव के विकास का मुख्य केंद्र मान रही है, वहीं रोशयां बाजार में बने पंचायत भवन पर एक व्यक्ति ने पूरी तरह अतिक्रमण कर लिया है। भवन के कमरों में भूसा रखा गया है। बरामदे में चारा काटने की मशीन लगाई गई है और एक कमरे में भैंस भी बांधी जा रही है। चहारदीवारी पर उपला परिसर में गोबर रखकर पूरी तरह से आक्रमण किया गया है। ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारी एड़ी-चोटी का जोर लगाकर भी भवन खाली नहीं करा पाए हैं। इसके चलते पंचायत भवन से ग्रामीणों को सुविधा नहीं मिल पा रही है।