Santkabir Nagar News: राप्ती व सरयू के जलस्तर में फिर शुरू हुई वृद्धि, मड़राया बाढ़ का खतरा
Santkabir Nagar News: संतकबीरनगर जिले में राप्ती और सरयू नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। राप्ती नदी का जलस्तर 42 सेंटीमीटर बढ़कर 76.360 मीटर पर पहुंच गया है। सरयू नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। प्रशासन ने सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। हालात की निगरानी की जा रही है।
Santkabir Nagar News: संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में बहने वाली राप्ती व सरयू नदियों का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। मेंहदावल क्षेत्र में बहने वाली राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी किनारे के गांवों में चिंता बढ़ने लगी है। बीते 24 घंटे में नदी का जलस्तर 42 सेंटीमीटर बढ़ गया। सोमवार को नदी का जलस्तर 76 मीटर के पार पहुंच गया है। वहीं सरयू नदी का जलस्तर 24 घंटे में 30 सेमी बढ़ गया। सरयू खतरे के निशान से 45 सेमी नीचे व राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से 2.950 मीटर नीचे बह रहा है। हालांकि सिंचाई विभाग का दावा है कि करमैनी-बेलौली बांध पूरी तरह सुरक्षित है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जलस्तर की स्थिति
सिंचाई विभाग के अनुसार सोमवार सुबह को बढ़या ठाठर में नदी का जलस्तर 76.130 मीटर पर था, जो बढ़कर सोमवार शाम को 76.360 मीटर दर्ज किया गया। मंगलवार की सुबह बढ़कर यह 76.550 मीटर पर पहुंच गया। यह खतरे के निशान 79.500 मीटर से सिर्फ 2.950 मीटर नीचे है। लगातार हो रही बारिश और जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ से जुड़े सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। दूसरी तरफ बिड़हर घाट में सरयू नदी का जलस्तर सोमवार की सुबह 78.750 मीटर पर था। वहीं जलस्तर बढ़कर सोमवार शाम को 78.900 मीटर दर्ज किया गया। मंगलवार की सुबह की 79.050 मीटर पर पहुंच गयायह खतरे के निशान 79.400 मीटर से सिर्फ 45 सेमी नीचे है।
प्रशासन की तैयारियाँ
इससे पूर्व शुक्रवार को एडीएम सत्य प्रकाश ने करमैनी-बेलौली बांध के साथ संवेदनशील व अतिसंवेदनशील जगहों का स्थलीय निरीक्षण किया था। उन्होंने बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को 24 घंटे सतर्क रहने, तटबंध की नियमित निगरानी करने और किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटने के निर्देश दिए थे। राप्ती के बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती गांवों के किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि लगातार बारिश होती रही और नेपाल से अतिरिक्त पानी छोड़ा गया तो हालात तेजी से बदल सकते हैं। सहायक अभियंता ड्रेनेज खंड मनीष कुमार राय ने बताया कि नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है, लेकिन फिलहाल खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।


