शुद्धता परख कर करें खोवा की खरीद
Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर में पर्व के समय खोवा और पनीर की मांग बढ़ गई है, लेकिन उत्पादन नहीं हो पा रहा है। असली और नकली खोवा-पनीर की पहचान जरूरी है। सहायक आयुक्त ने सलाह दी है कि विश्वसनीय प्रतिष्ठानों से खरीदें और घर पर बनाने की कोशिश करें।

संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में पर्व पर खोवा व पनीर की मांग बढ़ गई है। जिस अनुरूप खोवा और पनीर की मांग बढ़ती है उतना उत्पादन जिले में नहीं हो पाता है। यही कारण है कि इसे गैर जिलों से मंगाया जाता है। इसके शुद्ध होने पर संदेह रहता है। बाजार में खोवा या पनीर असली बिक रहा है या फिर नकली उसकी पहचान होना जरूरी है। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सतीश कुमार ने बताया कि विश्वसनीय प्रतिष्ठानों से खोवा और पनीर की खरीदारी करें। असली खोया हल्का दानेदार और प्राकृतिक खुशबू वाला होता है जबकि नकली खोया ज्यादा चिकना या अधिक सफेद दिखाई दे सकता है।
उंगलियों की मदद से भी असली और नकली की पहचान की जा सकती है। उंगलियों से मसलने पर असली खोया हल्का तेल छोड़ता है और हाथ में चिपकता नहीं है स्वाद भी हल्का मीठा और दूध जैसा फ्लेवर देता है। इसी प्रकार असली पनीर में पानी का रंग सामान्य होता है। जिस पनीर में यूरिया या डिटर्जेंट मिला है, तो पानी का रंग हल्का लाल होने लगता है। असली पनीर में ताजे दूध की हल्की खुशबू होती है, जबकि नकली पनीर से साबुन, डिटर्जेंट या केमिकल जैसी गंध आ सकती है। असली पनीर हल्का मीठा और मलाईदार लगता है। नकली पनीर खाने में रबड़ जैसा, कड़वा या बेस्वाद हो सकता है। लोगों को चाहिए कि घर पर ही खोवा का निर्माण करें तो बेहतर होगा। यदि घर पर नहीं बना पा रहे हैं तो प्रतिष्ठित और विश्वसनीय दुकानों से खरीदें। बेहतर होगा कि उससे बिल भी ले लें।
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