लोहरसन में जल निकासी, बदहाल सड़क, गंदगी की समस्या से जूझ रहे लोग

Mar 01, 2026 11:39 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, संतकबीरनगर
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Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर के लोहरसन गांव में ग्रामीण जल निकासी, खराब सड़कें और गंदगी की समस्या से जूझ रहे हैं। लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। सरकार द्वारा स्वच्छ पेयजल और सामुदायिक शौचालय का निर्माण अधूरा पड़ा है। गांव में सफाई कर्मचारी भी नहीं आते, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।

लोहरसन में जल निकासी, बदहाल सड़क, गंदगी की समस्या से जूझ रहे लोग
संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले के सांथा ब्लॉक के ग्राम पंचायत लोहरसन में ग्रामीण जल निकासी, बदहाल सड़क, गंदगी की समस्या से जूझ रहे हैं। यहां के लोग सरकार की हर योजनाओं से वंचित हैं। लोहरसन गांव में ग्रामीणों को निकलने का मुख्य मार्ग ही नहीं है। गांव में सफाई न होने से जगह-जगह गन्दगी भरी पड़ी है। गांव में सरकार द्वारा लोगों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह से नदारद हैं। गांव में सफाई के अभाव में नालियां पूरी तरह से जाम हैं। जगह जगह नाली जाम होने के कारण जल निकासी की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है और कहीं-कहीं सड़क पर ही पानी जमा हो रह है। जिससे आवागमन में परेशानी होती है। हर घर जल योजना के तहत पानी की टंकी का निर्माण अधूरा छोड़ कर चले गए हैं। लोहरसन गांव की गलियों में सड़कों को खोद पाइप डाल दी गई है। इससे रास्ते बदहाल हो गए हैं। जिससे बरसात आवागमन में काफी दिक्कतें हो रही हैं।

सांथा ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत लोहरसन में सरकार की जो मूल सुविधाएं लोगों को मिलनी चाहिए वो नहीं मिल रही है। कही मुख्य मार्ग की सड़कें टूटी हुई हैं। पानी निकासी के लिए नाली सफाई के अभाव में पूरी तरह से जाम और ओवरफ्लो हो रही है। गांव में गंदगी बनी रहती है। गंदगी से लोगों को बीमारियों का डर भी सताता रहता है। गांव के बाहर बना पंचायत भवन पर ताला पड़ा रहता है। भवन अधूरा पड़ा है। बाहर से प्लास्टर है। अन्दर फर्स नहीं बना है। अंदर गंदगी भरी पड़ी है। पंचायत भवन उसके बगल गांव के लोग कूड़ा करकट फेंकते रहते हैं जिससे गंदगी भरी रहती है। लोगों को बीमारियां फैलने की चिंता सता रही है।

ग्रामीणों को नही मिल रहा स्वच्छ पेयजल

लोहरसन गांव लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टंकी बन रही है। लेकिन यह अधूरी पड़ी है। काम ठप पड़ा है। पूरे गांव में जमीन खोदकर पाईप लाइन जमीन में बिछाई गयी है लेकिन लोगों को स्वच्छ पेयजल कब मिलेगा इसका कोई पता नहीं है। जो काम चल रहा था वह भी अधूरा पड़ा हुआ है। गांव में जो इंडिया मार्का हैंड पंप लगे थे बदहाल हैं। लोग मजबूरी में देशी हैंडपंप के पानी का प्रयोग कर रहे हैं।

गांव में नहीं दिखते सफाई कर्मचारी, गन्दगी से पटा है गांव

ग्राम पंचायत लोहरसन गांव के लोगों ने कहा कि सफाई कर्मचारी नहीं दिखते हैं। लोगों को अपने घर के सामने नाली का साफ सफाई खुद करना पड़ता है। कहीं-कहीं तो सड़क पर पानी ही बहता है जिससे लोगों को काफी समस्या होती है। गंदगी से बीमारी का डर बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि सफाई कर्मचारी गांव में कब आते हैं और कब चले जाते हैं इसकी कोई जानकारी ही नहीं मिलती है। गांव में गंदगी फैली रहती है। इसके कारण लोगों को बीमारियों की चिंता बनी रहती है। लोग किसी तरह थोड़ा बहुत खुद साफ सफाई करते हैं।

नहीं होता दवाओं का छिड़काव

गांव में मच्छरों या किसी भी प्रकार के दवाओं का छिड़काव कभी नहीं किया जाता है। साल साल भर गांव में न तो मच्छर की दवा, न ही ब्लीचिंग पाउडर या खर पतवार की दवा का छिड़काव किया जाता है। इससे मच्छरों को पनपने की पनाहगाह मिल जाती है। दवाओं का छिड़काव न होने से लोगों को मच्छरों जनित बीमारियों के फैलने की चिंता बनी रहती है।

बदहाल हो गई हैं गलियों की सड़कें

गांव में हर घर जल योजना के तहत पानी की सप्लाई किया जाना है। जिसके तहत घर घर पानी पहुंचाने के लिए गांव में पाईप बिछा दी गई है। जिसके लिए सड़क को तोड़कर पाईप डाल दिया गया है। लेकिन अभी तक सड़क को सही नहीं किया गया है। इसके चलते पूरे गांव की सड़कें टूटकर बदहाल हो गई हैं। टूटी सड़क के नाते लोगों को आवागमन में काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। जो रास्ते अच्छे थे वे बदहाल हो गए हैं।

पंचायत भवन है अधूरा

सरकार की योजना थी कि पंचायत भवन बनाया जाय जिससे ग्रामीणों को तहसील का चक्कर ब्लॉक का चक्कर न लगाना पड़े। पर यहां पर कोई सुविधा नहीं मिल रही है। लोहरसन में पंचायत भवन अधूरा बना है। बाहर से रंगाई पोताई हो गई है। इस पर ताला लटका रहता है। भवन पर पंचायत सहायक नहीं बैठते हैं। इसके चलते लोगों को अपने जरूरी कार्यों को कराने के लिए ब्लाकों व तहसीलों का चक्कर लगाना पड़ता है।

सामुदायिक शौचालय का नहीं मिल रहा ग्रामीणों को लाभ

स्वच्छता अभियान के तहत ग्रामीणों की सुविधा के लिए गांव में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया है। लेकिन सामुदायिक शौचालय बेमतलब साबित हो रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि पांच साल बीतने वाला है लेकिन आज तक नहीं खुला है। हम लोगों को पता ही नहीं है कि समुदायिक शौचालय क्या है। लोग खुले में शौच करने मजबूर हैं। सामुदायिक शौचालय के सामने ही गंदगी अंबार लगा हुआ है।

खुले में रखा गया है ट्रांसफार्मर

गांव के अंदर आबादी के बीचो-बीच में खुले में ट्रांसफार्मर रखा गया है। इसकी सुरक्षा का कोई बंदोबस्त नहीं है। इसके चलते हमेशा खतरा बना रहता है। बिजली विभाग द्वारा लापरवाही की जा रही है कभी भी अनहोनी हो सकती है।

आंगनबाड़ी भवन बदहाली का शिकार

साथा ब्लॉक के ग्राम पंचायत लोहरसन में आंगनवाड़ी भवन बना है पर यह बदहाली का शिकार है। ग्रामीणों ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री पढ़ाने नहीं आती हैं। हमेशा दरवाजा खुला रहता है। भवन खंडहर में तबदील हो रहा है। भवन के आजू-बाजू में गंदगी का अंबार लगा है। ऐसे में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है जिससे अभिभावक भी अपने बच्चों को आंगनबाड़ी में पढ़ाने से कतराते हैं।

ब्लाक प्रमुख अरविंद जायसवाल ने कहा कि पूरे ब्लाक क्षेत्र में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। जहां-जहां की समस्याएं सामने आ रही हैं उसके बारे में गांव के जनप्रतिनियों व जिम्मेदार अधिकारियों से वार्ता की जा रही है। जिन गांवों में समस्याएं होंगी उन्हें दूर कराया जा रहा है। यहां भी मौके की जानकारी लेकर कार्य कराया जाएगा।

विधायक अनिल त्रिपाठी ग्राम पंचायत के विकास के लिए बैठक कराकर विकास के लिए जो भी कार्ययोजना बनती हैं उसको धरातल पर पहुंचाने का पूरा प्रयास करता हूं सरकार की हर महत्वपूर्ण योजनाओं को लोगों को तक जरूर पहुंचाया जाता है। हर ग्राम पंचायत का विकास किया जाएगा। लोहरसन गांव की भी समस्याओं को दूर कराकर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

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