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गंदगी, जल निकासी व शुद्ध पेय जल की समस्या से परेशान हैं कनैला के ग्रामीण

गंदगी, जल निकासी व शुद्ध पेय जल की समस्या से परेशान हैं कनैला के ग्रामीण

संक्षेप:

Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर के कनैला गांव में ग्रामीण गंदगी, जल निकासी और शुद्ध पेयजल की समस्याओं से जूझ रहे हैं। विकास कार्य अधूरे हैं और गांव में साफ-सफाई की व्यवस्था खराब है। नालियां जाम हैं और सार्वजनिक शौचालय बंद रहते हैं। यहां की मूलभूत सुविधाएं दयनीय हैं, जबकि जिम्मेदार मौन हैं।

Nov 02, 2025 11:58 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, संतकबीरनगर
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संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले के धनघटा तहसील क्षेत्र के हैसर ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत कनैला के ग्रामीण गंदगी, जल निकासी व शुद्ध पेय जल जैसी समस्याओं से परेशान हैं। आम नागरिकों की मूलभूत सुविधाएं बदहाल हैं। कनैला की आधी ग्राम पंचायत विकास से कोसों दूर है। ग्रामीणों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है। गांव में जगह-जगह गंदगी का ढेर लगा है। गांव में सफाई नहीं हो रही है। जल निकासी के लिए बनी नालियां जाम हैं। गांव के कई मार्ग कीचड़ व गन्दे पानी से भरे पड़े हैं। सार्वजनिक शौचालय पर ताला लटका रहता है। धनघटा तहसील क्षेत्र के हैसर ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत कनैला में तीन टोले हैं।

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महूराव, कनैला व लोनियान। इसमें तमाम विकास कार्य अधूरे व जर्जर पड़े हुए हैं। गांव के लोग वर्षों से विकास की आस में लगे हुए हैं, लेकिन उनकी ये आस पूरी नहीं हो रही है। गांव में बना आरआरसी सेंटर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा गया है। पंचायत भवन, आरआरसी भवन, गांव की सफाई व्यवस्था के साथ जाम नालियां समस्या बनीं हैं। कहीं-कहीं जल निकासी की व्यवस्था न होने से गलियों में पसरा गंदा पानी देख कर गांव का हाल जाना जा सकता है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए बना पंचायत भवन कभी खुलता ही नहीं है। सिर्फ 15 अगस्त व 26 जनवरी के दिन ग्राम प्रधान झंडा फहराने की औपचारिकता पूरी करने यहां आते हैं। ग्रामीणों को पेंशन, आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दूसरे जगह जाना पड़ता है, जहां उन्हें पैसे भी देने पड़ते है। पंचायत भवन का निर्माण प्राथमिक विद्यालय परिसर में बना हुआ है। जैसे ही विद्यालय बंद होता है तो गेट पर ताला लगा दिया जाता है। तीन वर्ष पहले गांव में हर घर जल योजना शुरू हुई। इसके तहत गांव की गलियों को खोद कर पानी के लिए पाइप लाइन डाल दी गई है, लेकिन अभी तक पानी की टंकी का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। गांव में कोई स्वास्थ्य सुविधा नहीं है। बीमार होने के बाद यहां के लोगों को इलाज कराने के लिए प्राइवेट डॉक्टरों के पास या तो झोला छाप डॉक्टरों का सहारा लेना पड़ता है। गांव में आम ग्रामीणों के लिए मिलने वाली सभी सुविधाएं बदहाल हैं। लेकिन जिम्मेदार मौन है। कीचड़ व गन्दे पानी से भरे पड़े है गांव के कई मार्ग गांव सड़कें बदहाल हैं तो जल निकासी की समस्या दुरुस्त न होने के कारण रास्तों पर पर कीचड़ व गंदगी फैली हुई है। गांव की गलियों में गड्ढे ही गड्ढे हैं। ऊपर से बरसात के दिनों में पानी व कीचड़ से भर जाते हैं। इसके अलावा कहीं-कहीं जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण लोगों के घरों व बरसात का पानी रास्ते में जमा हो जाने से दुश्वारियां और भी बढ़ जाती हैं। इसके कारण गंदगी व पानी भरे इन रास्तों से मजबूरी में गुजरना पड़ता है। साथ ही डर भी बना रहता है, कहीं फ़िसल कर चोटिल न हो जाएं। सफाई के अभाव में जाम पड़ी हुई है नालियां ग्राम पंचायत कनैला के लोनियान टोले में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है, अधिकांश जगह तो जल निकासी की व्यवस्था ही नहीं है। जहां पर नालियां बनी हुई हैं तो वह गंदगी के चलते जाम पड़ी हैं। सफाई कर्मी या तो नदारत रहता है या फिर सिर्फ दिखावे के लिए गांव में घूम कर वापस चला जाता है। जाम नालियों की समय-समय पर सफाई न होने से बदबू फैल रही है। जिससे गंभीर बीमारियों का भय बना हुआ है। ग्रामीणों ने पूछने पर बताया कि हमारी ग्रामसभा कनैला में तीन टोले हैं। कनैला, महूराव, लोनियांन। जिसकी कुल आबादी लगभग 5000 है। यहां की सफाई के लिए केवल दो सफाई कर्मी तैनात हैं जो कभी-कभी ही दिखाई देते हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था ठप है। गांव की जाम नालियों को देख कर विकास कार्य का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। गांव में लगा है कूड़े का अंबार गांव में सफाई न होने से जगह-जगह कूड़े का अंबार लगा हुआ है। उनसे उठती दुर्गन्ध के चलते ग्रामीणों में संक्रामक रोगों के फैलने का ख़तरा हमेशा बना रहता है। गांव के उत्तर में कूड़ा घर बना है, लेकिन वह बेमतलब साबित हो रहा है। यह गांव से दूर एक सुनसान जगह बना हुआ है, ऊपर से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा हुआ है। आरसीसी भवन पर जाने का रास्ता भी नही है, सिर्फ जनता के पैसे का दोहन हुआ है। जिससे सरकार की स्वच्छ भारत योजना को चिढ़ा रहा था। सार्वजनिक शौचालय में बंद रहता है ताला गांव में घर घर बने शौचालय जर्जर हो गए हैं। तमाम शौचालय अधूरे बने पड़े हैं। उसे बनाने के लिए मिले पैसे निकल गए हैं। फिर भी शौचालयों का निर्माण अधूरा ही रहा। गांव स्वच्छता अभियान के तहत सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया है। पर वह उपयोग में नहीं आ रहा है। इस पर सिर्फ टाला लटका रहता है। सामुदायिक शौचालय लोगों के लिए बेमतलब साबित हो रहा है। इसके चलते गांव के अधिकांश लोग शौच के लिए सड़कों के किनारों पर जाने को मजबूर हैं। इंटरलाकिंग उखाड़ने से सड़कें हुईं बदहाल गांव की गलियों में लगी इंटरलॉकिंग ईंटों को उखाड़ कर पानी सप्लाई के लिए ठेकेदार द्वारा पाईप डाल दिया गया है। उखाड़ी गई इंटरलॉकिंग की ईंटों को छोड़ फरार हो गया है। इसके चलते ग्रमीणों ने आने जाने से परेशानियों को देख खुद ही किसी तरह से रास्ते को सही किया। पानी की टंकी का निर्माण भी अधूरा है। लोग मजबूरी में देशी हैंडपंप के पानी का प्रयोग कर रहे हैं। ग्राम प्रधान विनय प्रताप चंद ने कहा कि गांव में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। गाँव की गलियों में लगी इंटरलॉकिंग पानी की पाईप लाइन डालने के चलते उखड़ गई थी। इसे सही करा लिया गया है। आरआरसी सेंटर का निर्माण कराया गया है पिछले कुछ महीने पूर्व आंधी के कारण उस पर लगा टीनशेड उड़ गया है। इसकी जल्द ही मरम्मत करा ली जाएंगी। पानी टंकी का निर्माण कुछ महीने से बंद है जिसकी जानकारी अधिकारियों को दे दी गई है। विधायक गणेश चंद्र चौहान ने कहा कि विधान सभा क्षेत्र में जो भी समस्याएं हैं उनका निदान कराया जा रहा है। सरकार द्वारा चलाई गई सभी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। जहां से ज्यादा समस्या आ रही है। वहां अधिकारियों से मिलकर काम कराया जा रहा है। कनैला गांव की जो भी समस्याएं हैं, उनका भी समाधान कराया जाएगा। ग्रामीणों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।